विजन लाइव/ ग्रेटर नोएडा 
मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर एवम् ग्रेटर नोएडा के सुनियोजित विकास हेतु सीधे बैनामों अथवा अधिग्रहण प्रक्रिया द्वारा 1 जनवरी 2014 से देश में नया कानून लागू होने के बाद में जमीनें लिए जाने से प्रभावित किसानों को नए भूमि अधिग्रहण कानून-2013 के अनुसार बाजार दर का 4 गुना मुआवजा, 20% प्लॉट तथा किसानों और भूमिहीनों के सभी बालिग बच्चों को रोजगार दिए जाने तथा साथ ही जिले की सभी औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय युवाओं को 50% रोजगार दिए जाने और पुराने कानून के तहत जमीन लिए जाने से प्रभावित सभी किसानों को 64.7% बढ़ा मुआवजा, 10% प्लॉट तथा गांवों का विकास किए जाने की मांग को लेकर किसान अधिकार युवा रोजगार आंदोलन के बैनर तले जय जवान जय किसान मोर्चा तथा सभी सहयोगी संगठनों के आह्वान पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर कई सौ किसानों और महिलाओं ने ट्रैक्टर ट्रालियों में पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए प्राधिकरण पर हुई किसान महा पंचायत में भाग लिया। आंदोलन के सदस्य किसान नेता सुनील फौजी एडवोकेट  ने बताया कि 31 किसानों की प्राधिकरण के सी ई ओ और डीएमआईसी के अधिकारियों से 2 घंटे वार्ता हुई ।जिसमें सभी किसानों को नए भूमि अधिग्रहण की उक्त सभी सुविधाएं दिए जाने की बात पर  सी ई ओ द्वारा सकारात्मक भरोसा दिया है। और नए कानून के सभी पहलुओं पर विचार विमर्श के लिए 31 सदस्यीय  किसान प्रतिनिधि मंडल की पहले दौर की वार्ता सोमवार को 12 बजे एडीएमएलए के साथ कलेक्ट्रेट में और दूसरे दौर की वार्ता  मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी के साथ तथा तीसरे दौर की अंतिम वार्ता फिर से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय में फिर से प्राधिकरण में ही C E O तथा D M, और DMIC के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ होनी तय हुई है।किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें नए भूमि अधिग्रहण कानून-2013 के सभी लाभ नहीं दिए गए तो व्यापक आंदोलन की शुरुआत की जाएगी और  DMIC का कोई निर्माण कार्य नहीं चलने दिया जाएगा। इस मौके पर अध्यक्षता कैप्टन बिजेंद्र भाटी चिठेहरा ने की वार्ता में मनीष भाटी BDC, मनवीर भाटी बिसरख, डॉ. रूपेश वर्मा, बीर सिंह नेता, संजय राव , मनवीर भाटी लूहरली, इंदर प्रधान, श्याम सिंह भाटी एडवोकेट (सपा), विजय भाटी एडवोकेट, विकास गुर्जर भाकियू ,भीम सिंह भाटी, सूबेदार ब्रह्मपाल, राजेश भाटी, मास्टर लज्जा राम  , विकेन्द्र एडवोकेट, जीत राम कठेहरा, रण सिंह भाटी, रूप सिंह भाटी, बिरम भाटी पल्ला, राजवीर मास्टर,  रामरतन नागर, सत्ते भाटी, हैप्पी पंडित आदि सहित लोगों ने अपने विचार रखे। महापंचायत में चिठेहरा, कठेहरा, पल्ला, पाली, बोडाकी आदि गांवों के सैंकड़ों किसान और महिलाएं शामिल रहे।