विजन लाइव/ग्रेटर नोएडा

. 26 जनवरी को लाल किले पर हुई निंदनीय घटना एवं तीनों कृषि कानूनों के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय पर एक दिवसीय मौन व्रत पर करप्शन फ्री इंडिया संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय बैठे। करप्शन फ्री इंडिया के संस्थापक सदस्य आलोक नागर ने बताया कि तीनों कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 2 महीने से अहिंसा के रास्ते पर किसानों का आंदोलन दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर, सिंधु बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर एवं चिल्ला बॉर्डर पर चल रहा था। लेकिन 26 जनवरी यानी गणतंत्रत दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली के लाल किले पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा घिनौनी हरकत कर देश के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कार्य किया है। केंद्र सरकार के द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों के विरोध में एवं 26 जनवरी को हुई असामाजिक तत्वों के द्वारा घटना से आहत होकर अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर  करप्शन फ्री इंडिया संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय के साथ कार्यकर्तागण एक दिवसीय मौन व्रत पर जिला मुख्यालय सूरजपुर के प्रांगण में बैठे। इस मौके पर संजय भैया, दिनेश नागर,प्रेम प्रधान, राकेश नागर, हरेंद्र कसाना, अरुण नागर, सरवन नागर,  कृष्ण नागर, कुलबीर भाटी, त्रिलोक नागर,जिंतेंद्र भाटी, सचिन कसाना, मोहित प्रधान, धीरज खटाना, कपिल कसाना,संदीप फौजी, पप्पी नागर, रोहित भाटी, सुबोध नागर, नितिन तंवर आदि पदाधिकारी और कार्यकर्तागण मौजूद रहे।