तीनों काले कानूनों वापिस लेने के लिए डीसीपी राजेश कुमार व एसीपी अब्दुल कादिर को देश के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा

 


विजन लाइव/दनकौर

 तीन कृषि काले कानूनों के विरोध में किसान एकता संघ के तत्वावधान में  पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत दिल्ली जाना तय था। राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रमेश कसाना ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित सैकडों पदाधिकारीयो को सुबह पांच बजे ही डूंगरपुर रीलखा मे पुलिस ने नजरबंद कर दिया। जैसे ही संगठन के पदाधिकारियों को राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रमेश कसाना, प्रदेश महासचिव सतीश कनारसी की नजरबंदी होने की खबर मिली। मौके पर सैकडों कार्यकर्ता पहुंचे इसके बाद कार्यकर्ताओं की बढती तादाद को देखते हुए पीएसी के जवानों को बुलाया गया। किसान दिल्ली जाने की जिद पर अड गए उसके बाद एसीपी अबदुल कादिर व दनकौर कोतवाल अनिल कुमार पाण्डेय द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष से दिल्ली न जाने का अनुरोध करते रहे, लेकिन किसान दिल्ली जाने की जिद पर अडे रहे। रबुपुरा में महिला मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता भाटी सहित सैकडों कार्यकर्ता नजरबंद रहे। ग्रेटर नोएडा में जतन सिंह भाटी,ब्रिजेश भाटी, कृष्ण नागर सहित सैकडों कार्यकर्ता नजर बंद रहे। दनकौर में राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रमेश कसाना, प्रदेश महासचिव सतीश कनारसी को नजर बंद रखा। नोएडा से बाली सिंह,प्रमोद शर्मा,पप्पू प्रधान,राजेंद्र चौहान पुलिस को चकमा देकर दनकौर के रीलखा गांव पहुंचे। किसान एकता संघ के पदाधिकारियों ने तीनों काले कानूनों वापिस लेने के लिए डीसीपी राजेश कुमार व एसीपी अब्दुल कादिर को देश के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर देशराज नागर, जयवीर नागर, जितेन्द्र श्योरान, बले नागर, अखिलेश प्रधान, मनोज नागर, मनीष नागर, सत्ते नागर, महेन्द्र कसाना, प्रमोद गुर्जर,अशोक कसाना, राजेन्द्र नागर, श्रीकृष्ण बैसला, शिवराज बैसला, प्रताप नागर, ओमवीर नागर, सुमित चपरगढ़, सुरेश नंबरदार, उम्मेद एडवोकेट,दीपक डेरीन,कैलाश गढी, विष्णु कुमार, धर्मेंद्र जट्टारी, सुबोध पलसेड़ा, विनोद कुमार शादीपुर आदि पदाधिकारी और कार्यकर्तागण मौजूद रहे।