कचरा प्रबंधन प्लांट के मुद्दे को गंभीरता से नही लिया गया तो बडे पैमाने पर जाकर भी सुलग सकता है यह आंदोलन

 



ग्रामीणों के साथ कांग्रेस, सपा और किसान संगठनों के पदाधिकारी भी अनशन पर बैठे

 


मौहम्मद इल्यास/ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्रधिकरण के तहत आने वाले अमरपुर गांव में कूडाघर बनाए जाने के मुद्दे को लेकर गत 8 अक्टूबर-2020 से चल रहा धरना अनिश्चिकालीन अनशन में बदल गया है। यदि गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने इस कचरा प्रबंधन प्लांट के मुद्दे को गंभीरता से नही लिया तो यह आंदोलन बडे पैमाने पर जाकर सुलग भी सकता है। इतिहास गवाह है कि घोडी बछेडा हो या फिर भट्टा पारसौल का खूनी किसान आंदोलन हो, गौतमबुद्धनगर प्रशासन को यह भान कतई नही था कि उक्त किसान आंदोलन इतने बडे पैमाने पर और इतने ज्यादा उग्र हो जाएंगे कि जनहानि तक की त्रासदी देखने को मिलेगी। अमरपुर गांव में शनिवार की देर रात एसडीएम सदर ने ग्रामीणों को गांव की जमीन से कचरा प्रबंधन प्लांट को स्थानांतरित किए जाने का आश्वासन दिया था। धरना दे रहे ग्रामीण की शनिवार की देर शाम अचानक तबीयत खराब हो गई। रात को 11.00 बजे एसडीएम सदर प्रसून द्विवेदी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने बुझाने का प्रयास किया। उन्होंने धरना दे रहे ग्रामीण धर्मपाल उम्र 77 वर्ष की हालत बिगड़ने पर पानी भी पिलावाया और आश्वासन दिया कि कचरा प्रबंधन प्लांट की भूमि को अन्य कहीं स्थानांतरित कर देंगे। किंतु धरनारत ग्रामीणों ने ऐलान किया कि जब तक कचरा प्रबंधन प्लांट की भूमि को अन्य कहीं स्थानांतरित नही कर दिया जाएगा धरना और भूख हडताल जारी रहेगी। इसी मुद्दे को लेकर आज एक महापंचायत हुई। इस महापंचायत में कांग्रेस, सपा, किसान एकता संघ, भारतीय किसान यूनियन अराजनैजिक, भारतीय किसान यूनियन अंबावता, भारतीय किसान यूनियन भानु के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंच कर नैतिक समर्थन दिया और साथ ही अमरण अनशन पर भी बैठ गए। इनमें कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा और जिला महासचिव विक्रम नागर धरने पर बैठे। जब कि सपा से प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार भाटी और जेवर पूर्व प्रत्याशी नरेंद्र नागर, भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक टिकैत से प्रदेश प्रवक्ता व मेरठ मंडल अध्यक्ष पवन खटाना तथा अन्य पदाधिकारीगण और भारतीय किसान यूनियन अंबावता तथा भारतीय किसान यूनियन भानु के पदधिकारी भी धरने पर बैठे हुए हैं। उधर किसान एकता संघ राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रमेश कसाना ने बताया कि आज धरना स्थल पर महापंचायत का आयोजन हुआ जिसमें किसान एकता संघ के पदाधिकारी जिलाध्यक्ष कृष्ण नागर के नेतृत्व धरना स्थल पहुंचे और क्षेत्रीय किसानों के तथा जिले के विभिन्न किसान संगठनों तथा राजनीतिक दलों के साथ आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। जब तक डंपिंग ग्राउंड को अमरपुर गांव से हटा नहीं दिया जाता तब तक किसान एकता संघ का समर्थन जारी रहेगा। इस अवसर पर किसान एकता संघ के राष्ट्रीय महासचिव ब्रिजेश भाटी,प्रताप सिंह नागर,रमेश कसाना,जतन सिंह भाटी, अरबिद सैकेटरी,बालकिशन नागर,दीपक नागर आदि पदाधिकारीगण मौके पर पहुंचे।