मुरसाना में सबके लाडले अली मौहम्मद उर्फ छोटू को गमगीन आंखों से दी अंतिम विदाई




विजन लाइव/बुलंदशहर


बुलंदशहर जिले के मुरसाना गांव में अली मौहम्मद उर्फ छोटू पुत्र नूर मौहम्मद करीब 25 वर्षीय युवक की मौत सांप के काटने से हो गई। अली मौहम्मद को घर पर ही दिनांक 17 सितंबर-2020 दिन जुमेरात की रात में करीब 3 बजे सांप ने काट लिया था। इसके बाद छोटू के परिजनों ने उसके बुलंदशहर दिखाया और फिर मेरठ के लिए रैफर कर दिया गया। मेरठ से गाजियाबाद के अस्पताल में लेकर परिजन गए। किंतु अली मौहम्मद उर्फ छोटू की हालत बिगडती ही चली गई। इसी बीच परिजनों को पता चला कि गोरखपुर में इच्छाधारी नाग और नागिन का मंदिर है वहां पर इलाज मिल सकता है, गोरखपुर में उस मंदिर पर लेकर पहुंचे तो बताया गया कि अब छोटू इस दुनिया में नही रहा। शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे अली मौहम्मद उर्फ छोटू की लाश गांव पहुंची और फिर गांव में गमगीन आंखों से सुपुर्द-ए-खाक किया गया। गौरतलब है कि मुरसाना गांव में नूर मौहम्मद का परिवार रहता है। इस परिवार में तीन बेटियों के अलावा दीन मौहम्मद उर्फ दीनू और अली मौहम्मद उर्फ छोटू भी रहे थे। इनमें अली मौहम्मद उर्फ छोटू दीन मौहम्मद से छोटा था। गत दिनांक 17 सिंतबर-2020 की रात करीब 3 बजे बिजली चली गई थी, इसलिए अली मौहम्मद उर्फ छोटू अपनी करीब 2 वर्षीय बेटी नायरा के साथ छत पर लेट गया। बताया गया है कि इसी बीच एक सांप आ गया और अली मौहम्मद उर्फ छोटू के सीने पर चढ गया। झट से अली मौहम्मद उर्फ छोटू ने सांप को कंबल से दूसरी ओर फैंकना चाहा, मगर सांप ने कंधे में चोट कर दीं। सांप के काटने पर अली मौहम्मद उर्फ छोटू ने पत्नी अफसाना को अवाज लगाई। इस पर पत्नी अफसाना तुंरत दौडी चली आई। पत्नी अफसाना ने सांप को जाते हुए देखा था मगर सांप रफूचक्कर हो गया। बताया गया है कि करीब 3 महीने पहले अली मौहम्मद उर्फ छोटू ने घर मेंं सोफे से निकले एक सांप को मार दिया था। बताया यह भी गया है कि उस समय सांप को मार कर ऐसे ही फैंक दिया गया, जला नही पाए थे। ऐसे में इस बात को भी खूब तूल दिया गया कि कहीं सांप ने बंदला लेने के लिए ही न काट लिया है? खैर जो भी हो बिना देर किए परिवार के लोग अली मौहम्मद उर्फ छोटू को एक झाड फूंक वाले के पास ले गए और वहां पर उसे कुछ दवाई आदि पिला कर घर भेज दिया। घर के आने पर कुछ देर बाद अली मौहम्मद उर्फ छोटू को चक्कर आने की शिकायत होने लगी और घबराहट होने लगी। इसके बाद बुलंदशहर और फिर मेरठ अस्पताल ले गए मगर उसकी हालत बिगडती ही चली गई। इसी बीच परिवार के लोगों को पता चला कि गोरखपुर में एक इच्छधारी नाग और नागिन का मंदिर है वहां पुराने से पुराने मरीज ठीक हो जाते हैं। परिजन अली मौहम्मद उफ छोटू को गोरखपुर ले गए। मगर वहां पर पहुंच कर बताया गया कि अब अली मौहम्मद उर्फ छोटू जिंदगी की जंग हार चुका है। अली मौहम्मद उर्फ छोटू बिजली फिटिंग आदि का कार्य करता था और पूरे गांव का लाडला था। जब शनिवार को मुरसाना गांव में अली मौहम्मद उर्फ छोटू का शव पहुंचा पूरे गांव में कोहराम मच गया और शोक की लहर फैल गई। कुछ देर में ही जिंदगी की जंग हार चुके अली मौहम्मद उर्फ छोटू के शव को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।