महंगाई को और डीजल की बढ़ी कीमतों आदि मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय मजदूर किसान पार्टी  ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम गौतमबुद्धनगर को सौंपा

विजन लाइव/ग्रेटर नोएडा
देश में बढ़ रही महंगाई को और डीजल की बढ़ी कीमतों आदि मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय मजदूर किसान पार्टी  ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर को सौंपा। ज्ञापन में राष्ट्रीय मजदूर किसान पार्टी  ने कहा कि देश में बढ़ रही महंगाई को अविलंब रोका जाए तथा डीजल की बढ़ी कीमतों को वापस लिया जाए अन्यथा राष्ट्रीय मजदूर किसान पार्टी मजदूरों ओर किसानो को साथ लेकर महंगाई के विरोध में सड़क पर धरने प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगी। धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय मजदूर किसान पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मपाल सिंह एडवोकेट ने कहा कि किसानों पर महंगी बिजली, खाद,रसायन की मार के बाद  डीज़ल की महंगाई की भी मार पड़ रही है। देश के इतिहास में पहली बार डीजल की कीमत पेट्रोल से अधिक हो गई है, जब देश में जीएसटी लागू की गई थी तब एक देश एक समान टैक्स की बात कहीं गई थी। जीएसटी को अधिकतम 28 प्रतिशत लागू किया गया था, लेकिन तेल पर 100 प्रतिशत से भी अधिक जीएसटी तथा टैक्स सरकार द्वारा वसूला जा रहा है। 2014 में महंगाई को मुद्दा बनाने वाली भाजपा सरकार आज महगाई पर चुप है। किसानों को उनकी फसलो का उचित मूल्य निर्धारित नहीं किया जाता हैं और महगाई के अनुरूप फसल का वाजिब दाम नही मिल रहा है। किसानों मजदूरों को सरकार कोई राहत नही दे पा रही है। सरकार का कार्य जनकल्याण होता है, सरकार विपरीत परिस्थितियों में भी जनता की जेब से टैक्स के नाम धन कमा रही हैं, सरकार तेल बिजली पर व्यापार कर  रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस जनता की गलती पर भारी रकम वसूल रही है। सरकार का मकसद गलती सुधार नही जुर्माना वसूली है। जनता अब चुप रहने वाली नही है। जनता के साथ अन्याय में राष्ट्रीय मजदूर किसान पार्टी संघर्ष के लिए तैयार है। डीजल मूल्य में वृद्धि, बिजली की बढ़ी दर, वाहनों पर भारी भरकम चालान, किसानों को नलकूप रसायन आदि का सामान उचित मूल्य पर मिलने आदि के कारण देश में किसान और मजदूर त्राहि.त्राहि मचा रहे हैं। इसलिए प्रधानमंत्री को इस ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया जा रहा है कि देश में बढ़ रही महंगाई को अविलंब रोका जाए तथा डीजल की बढ़ी कीमतों को वापस लिया जाए अन्यथा राष्ट्रीय मजदूर किसान पार्टी मजदूरों ओर किसानो को साथ लेकर महंगाई के विरोध में सड़क पर धरने प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगी।