गुर्जर समाज की अनूठी पहलः- सपना के संग नरेश और आंचल के संग नगेंदं्र ने लिए सात फेरे



विजन लाइव/गौतमबुद्धनगर
कोविड-19 महामारी के चलते हुए अब धीरे धीरे लोगों के जीने का अंदाज भी बदलता जा रहा है और साथ ही पंरपराएं भी बदलनी शुरू हो गई हैं। कोरोना महामारी में लाॅकडाउन के चलते हुए आज दुख के समय कम ही लोग दिखाई दे रहे हैं इसमें एक तरफ सरकार के दिशा निर्देश हैं तो वहीं दूसरी ओर बचते हुए भी नजर रहे हैं। मृत्यु के समय सिर्फ 20 लोगों की मौजूदगी में बिल्कुल खासमखास लोग ही होते हैं। अब बात यदि खुशी के मौके की करें तो यहां भी स्टाईल बदल लगने लगा है। इससे एक तरह से मजबूरी भी कह सकते हैं मगर इससे एक तरफ तामझाम से बचा जा रहा है वहीं फिजूलखर्ची भी नही हो रही है। इस दौर में शादी ब्याहों में सिर्फ कुछ गिने चुने लोग ही पहुंच रहे हैं और वहीं बधू पक्ष भी भीड भाड इकट्ठी करने से बच रहा है। कुल मिला कर कहें तो पैसों की खूब बचत हो रही है। गौतमबुद्धनगर की बात करें तो बिरादरी चाहे जो भी इस महामारी के दौर शुरू होने से पहले शादी ब्याहों में अनगिनत भीड भाड और दान दहेज में बेशकीमती सामान यहां तक लग्जरी गाडियों का चलन रहा है। किंतु अब सब कुछ तेजी से बदल रहा है। इस तरह की शादी नया गांव बसंतपुर बांगरपुर में संपन्न हुई जहां सिर्फ 8 बाराती आए और ब्याह कर ले गए। दिनांक 29 मई-2020 को जीत सिंह निवासी-.नया गांव बसंतपुर बांगर ग्रेटर नोएडा ने अपनी सुपोत्री सपना के संग नरेश और आंचल के संग नगेंद्र, चै0 जग्गी नागर निवासी गांव .कामनगर डेरीन ग्रेटर नोएडा के दोनो बेटों शादी में 8 बरातियों बारात लाकर सात फेरे लिए। दादरी क्षेत्र के कठेडा गांव निवासी मनीष भाटी बी0डी0सी0 ने बताया कि इस तरह की शादी संपन्न कर समाज को नया संदेश देने की कोशिश की गई है। उन्होंने बताया कि गुर्जर समाज की यह अनूठी पहल है जिसमें ना हीं बग्गी,ना हीं बेंड बाजे और साधारण तरीके से संपन्न हुई दोनो परिवारों में शादी।