दनकौर स्थित विवेकानंद विद्यापीठ स्कूल की स्थापना सन् 1963 में शिक्षा प्रेमी लाला श्री जगदीश प्रसाद जी के द्वारा की गई थी। स्वामी विवेकानंद जी के नाम पर स्थापित इस स्कूल को स्थापित किए के पीछे स्व0 श्री लाला जगदीश प्रसाद जी का मुख्य सपना था कि यहां से शिक्षा और संस्कार प्राप्त कर प्रतिभाएं इस क्षेत्र का नाम देश और दुनिया में रोशन करें। धीरे धीरे यह स्कूल तरक्की करता गया और इस स्कूल से पढ़कर निकले हुए बच्चे आज कहीं कही क्षेत्र का नाम रोशन भी कर रहे हैं।



विजन लाइव/दनकौर
गुरू द्रोणाचार्य की तपोस्थली माने जानी वाली प्राचीन ऐतिहसिक नगरी दनकौर को शिक्षा जगत में अग्रणी स्थल माना जाता है। माना जाता है कि महाभारतकाल में यहां भील युवराज एकल्वय ने गुरूद्रोणाचार्य की मिट्टी प्रतिमा निर्मित कर यहां धनुर्विद्या की शिक्षा ग्रहण की थी। इस आधुनिक काल में भी यहां से मेधावी छात्रों के उदय होने सिलसिला चलता रहा। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में जिला टॉप किए जाने का सिलसिला अभी भी जारी है। शिक्षा संस्थानों पर गौर करें तो पहले यहां पर टाउन स्कूल हुआ करता है जिसे ब्रिटिशकाल में निर्मित कराया गया था। पुराने जमाने में मिडिल क्लास का पास होना बडी बात मानी जाती थी। तत्पश्चात यहां पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट तक की शिक्षा के लिए कई संस्थान स्थापित हुए। फिर स्नातक और स्नातकोत्तर तक की शिक्षा के लिए यहां महाविद्यालय स्थापित हुआ। जैसे जैसे शिक्षा का स्तर मॉर्डन होता गया वैसे यहां पर कॉन्वेंट स्कूल भी स्थापित हुए। गौर करें तों यहां आज प्ले क्लास से लेकर स्नातकोत्तर तक की शिक्षा के लिए है। कॉन्वेंट स्कूलों की बात करें यहां पर ज्यादातर स्कूल सीबीएसई से ही मान्यता प्राप्त हैं। यदि आई0सी0एस00 बोर्ड की बात करें तो इस तरह के शैक्षिक संस्थानों की जरूरत के लिए अभिभावकांं को ज्यादातर ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली जैसे शहरों की ओर रूख करना पडता था। किंतु अब दनकौर स्थित विवेकानंद विद्यापीठ स्कूल ने भी इस मामले में बाजी मार ली है। संभवत इससे यह दनकौर शहर का आई0सी0एस00 की मान्यता वाला पहला स्कूल बन गया है। 

विवेकानंद विद्यापीठ स्कूल दनकौर के प्रबंधक दीनेश्वर दयाल गोविल ने ’’विजन लाइव’’ को बताया कि विवेकानंद विद्यापीठ स्कूल को काउन्सिल ऑफ इंडिया स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामनेशन;प्ब्ैम् नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त हो गई है। इसके लिए स्कूल प्रबंधन सभी अभिभावकों, विद्यार्थियों, अध्यापकों और स्कूल के सभी सहयोगियों का ह््रदय से आभार और धन्यवाद प्रेषित करता है। बताते चलें कि दनकौर स्थित विवेकानंद विद्यापीठ स्कूल की स्थापना सन् 1963 में शिक्षा प्रेमी लाला श्री जगदीश प्रसाद जी के द्वारा की गई थी। स्वामी विवेकानंद जी के नाम पर स्थापित इस स्कूल को स्थापित किए के पीछे स्व0 श्री लाला जगदीश प्रसाद जी का मुख्य सपना था कि यहां से शिक्षा और संस्कार प्राप्त कर प्रतिभाएं इस क्षेत्र का नाम देश और दुनिया में रोशन करें। धीरे धीरे यह स्कूल तरक्की करता गया और इस स्कूल से पढ़कर निकले हुए बच्चे आज कहीं कही क्षेत्र का नाम रोशन भी कर रहे हैं।