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लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध के मंचन से गूंजा रामलीला मैदान, डॉ. महेश शर्मा ने किया सनातन संस्कृति को मजबूत करने का आह्वान


ग्रेटर नोएडा में विजय महोत्सव 2026: विभीषण आगमन, सेतु बंधन और अंगद-रावण संवाद ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध, 20 अक्टूबर को होगा भव्य रावण दहन
    मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा के साइट-4 स्थित रामलीला मैदान में श्री रामलीला कमेटी, ग्रेटर नोएडा द्वारा आयोजित विजय महोत्सव 2026 में सोमवार को रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया। विभीषण आगमन, सेतु बंधन, अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध के दृश्यों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। युद्ध के रोमांचक दृश्य, प्रभावशाली संवाद और कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों से पूरा रामलीला मैदान भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ गौतमबुद्ध नगर के भाजपा सांसद डॉ. महेश शर्मा और भाजपा उत्तर प्रदेश पिछड़ा मोर्चा के महामंत्री प्रणीत भाटी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर अतिथियों ने भगवान श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा व्यक्त की। भाजपा जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी और जिला पंचायत सदस्य देवा भाटी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
डॉ. महेश शर्मा ने भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने का दिया संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. महेश शर्मा ने श्री रामलीला कमेटी, ग्रेटर नोएडा द्वारा पिछले 21 वर्षों से निरंतर रामलीला मंचन कराए जाने की सराहना की और कमेटी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए इस तरह के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में व्याप्त कुरीतियों और बुरी आदतों को छोड़ना चाहिए तथा सत्य के मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन को अच्छे कार्यों और समाजहित में लगाने की प्रेरणा भगवान श्रीराम के जीवन से लेनी चाहिए।
सांसद के संबोधन ने रामलीला देखने पहुंचे श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और नैतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया।
विभीषण की शरणागति से कुंभकर्ण वध तक सजी रामायण की जीवंत झांकी
कमेटी के महासचिव विजेंद्र सिंह आर्य ने बताया कि सोमवार की लीला में रामायण के कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम की शरण में विभीषण के पहुंचने, समुद्र पर सेतु निर्माण कर वानर सेना के लंका की ओर प्रस्थान करने तथा अंगद द्वारा रावण को समझाने के दृश्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
अंगद-रावण संवाद में अंगद ने रावण को अहंकार त्यागकर माता सीता को सम्मानपूर्वक भगवान श्रीराम के पास लौटाने की सलाह दी, लेकिन रावण अपने अहंकार के कारण समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध के प्रसंगों ने दर्शकों में विशेष उत्साह पैदा किया।
लीला के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अहंकार और अधर्म का मार्ग अंततः विनाश की ओर ले जाता है, जबकि सत्य, धर्म और न्याय की सदैव विजय होती है। कलाकारों ने अपने अभिनय से इन प्रसंगों को जीवंत बना दिया और दर्शकों को रामायण के आदर्शों से रूबरू कराया।
संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल ने बताया कि रामलीला के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम की मर्यादा, विभीषण की सत्यनिष्ठा और रामसेना के साहस को दर्शाया गया। इन प्रसंगों ने दर्शकों को धर्म और अधर्म के संघर्ष का संदेश दिया।
गणमान्य अतिथियों की रही विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता, भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय महामंत्री पवन खटाना, डॉ. शीतला प्रसाद (पूर्व महानिदेशक, भारत सरकार), भाजपा जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी और जिला पंचायत सदस्य देवा भाटी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त सविंद्र भाटी, भाजपा पिछड़ा मोर्चा के उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष; के.पी. कसाना, अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष; जगबीर दौला तथा शशांक भाटी सहित अन्य गणमान्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस अवसर पर भाजपा उत्तर प्रदेश पिछड़ा मोर्चा के महामंत्री प्रणीत भाटी, राजीव मलिक, प्रायोजक विकास गर्ग (विक्की), राकेश अग्रवाल, मनवीर भाटी, गौरव गोयल, एनसी शर्मा, आरके सिंह, जितेंद्र चौहान और करमवीर मंडार सहित अनेक अतिथियों ने भगवान श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा व्यक्त की।
20 अक्टूबर को मेघनाद वध से रावण वध तक होगा भव्य मंचन
कमेटी के मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने बताया कि मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजय महोत्सव के अंतर्गत मेघनाद वध, सुलोचना विलाप, अहिरावण वध और रावण वध के रोमांचक प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इन प्रसंगों के माध्यम से राम और रावण की सेनाओं के बीच युद्ध के निर्णायक क्षणों को प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि दशहरे के अवसर पर रात 9 बजे 70 फीट ऊंचे रावण तथा 65-65 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। पुतला दहन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया जाएगा।
दर्शकों की सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल तैनात रहेगा तथा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। कमेटी ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर विजय महोत्सव में भाग लेने की अपील की है। दर्शकों से समय से पहुंचने का अनुरोध किया गया है, ताकि उन्हें बैठने की उचित व्यवस्था मिल सके। आयोजन में पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर सीट प्राप्त करने की व्यवस्था रहेगी।
कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने संभाली व्यवस्थाएं
इस अवसर पर श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह, महासचिव विजेंद्र सिंह आर्य, कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग, संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल और मीडिया प्रभारी विनोद कसाना सहित ओमप्रकाश अग्रवाल, धर्मपाल भाटी, हरेन्द्र भाटी, कुलदीप शर्मा, मुकेश शर्मा, केके शर्मा, मुकुल गोयल, सुभाष चंदेल, अमित गोयल, अतुल जिंदल, गिरीश जिंदल, श्यामवीर भाटी, मनोज यादव, अनिल कसाना, सुनील प्रधान, अनुज उपाध्याय, अतुल जैन, अरुण गुप्ता, अंकुर गर्ग, विशाल जैन, उमंग, दीपक, विकास आर्य, रिंकू आर्य और प्रमोद मास्टर सहित कमेटी के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
श्री रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित विजय महोत्सव धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और सामाजिक सद्भाव का संदेश दे रहा है। मंगलवार को होने वाले भव्य रावण दहन के साथ इस वर्ष के विजय महोत्सव का प्रमुख आकर्षण देखने को मिलेगा।


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