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GNIDA, FFCT, AG Enviro और RWA प्रतिनिधियों ने ठोस अपशिष्ट, सड़क धूल और C&D कचरा प्रबंधन पर किया संवाद


सेक्टर-2 और सेक्टर-3 में स्वच्छता व पर्यावरण जागरूकता पर जोर, RWA प्रतिनिधियों के साथ IEC गतिविधि आयोजित

मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-2 एवं सेक्टर-3 में स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से फीडबैक फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट (FFCT) द्वारा ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) के समन्वय से IEC जागरूकता गतिविधि आयोजित की गई। कार्यक्रम में दोनों सेक्टरों के RWA प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने क्षेत्रों से जुड़ी स्वच्छता संबंधी समस्याओं और उनके समाधान को लेकर संवाद किया।

कार्यक्रम में GNIDA की मैनेजर (हेल्थ) सुश्री दिव्या चौधरी एवं असिस्टेंट मैनेजर (हेल्थ) श्री गौरव बघेल उपस्थित रहे। इसके अलावा AG Enviro के प्रतिनिधियों, RWA प्रतिनिधियों और FFCT टीम ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर किया जागरूक

जागरूकता सत्र के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता व्यवस्था, सड़क की धूल के प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। FFCT टीम ने RWA प्रतिनिधियों को घरों और सामुदायिक क्षेत्रों से निकलने वाले कचरे के जिम्मेदार प्रबंधन, खुले में कचरा फैलाने से रोकने और नियमित स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जागरूक किया।

RWA प्रतिनिधियों को यह भी बताया गया कि स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर नागरिकों की सहभागिता और स्वच्छता टीमों के साथ बेहतर समन्वय आवश्यक है।

सड़क की धूल के अलग प्रबंधन पर विशेष जोर

IEC गतिविधि के दौरान सड़क धूल प्रबंधन को लेकर विशेष रूप से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि सड़क की सफाई से निकलने वाली धूल को गीले कचरे के साथ नहीं मिलाया जाना चाहिए। सड़क की धूल के अलग संग्रहण और परिवहन की व्यवस्था पर जोर दिया गया।

सड़कों, फुटपाथों और नालियों को साफ रखने के साथ-साथ सड़क किनारे जमा मिट्टी, रेत, सिल्ट, निर्माण मलबे एवं अन्य कचरे को समयबद्ध तरीके से हटाने के महत्व पर भी चर्चा हुई।

C&D कचरे के उचित प्रबंधन की जानकारी

कार्यक्रम में Construction & Demolition (C&D) Waste के उचित प्रबंधन पर भी जागरूक किया गया। निर्माण सामग्री को खुले में रखने से बचने तथा निर्माण मलबे और सड़क सफाई से निकलने वाली धूल को उचित एवं ढके हुए वाहनों के माध्यम से परिवहन करने की आवश्यकता बताई गई।

साथ ही स्वच्छता संबंधी समस्याओं की नियमित निगरानी करने और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध सूचना देने के महत्व पर भी चर्चा की गई।

RWA प्रतिनिधियों ने रखीं सेक्टर की समस्याएं

कार्यक्रम के दौरान सेक्टर-2 और सेक्टर-3 के RWA प्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं को संबंधित GNIDA अधिकारियों एवं अन्य हितधारकों के समक्ष रखने का अवसर मिला।

RWA प्रतिनिधियों को स्वच्छता टीमों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने तथा सेक्टरों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्थानीय निवासियों की सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।

समन्वय से बेहतर स्वच्छता व्यवस्था की उम्मीद

IEC गतिविधि के माध्यम से सेक्टर-2 एवं सेक्टर-3 के RWA प्रतिनिधियों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सड़क धूल नियंत्रण, C&D कचरा प्रबंधन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता को मजबूत किया गया।

GNIDA के स्वास्थ्य विभाग, AG Enviro, FFCT और RWA प्रतिनिधियों की संयुक्त सहभागिता से सेक्टर स्तर की स्वच्छता संबंधी समस्याओं पर संवाद और समन्वय का मंच तैयार हुआ। इस पहल से स्थानीय स्तर पर बेहतर कचरा प्रबंधन, स्वच्छता व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को आगे बढ़ाने में सहयोग मिलने की उम्मीद है।


CAQM की गाइडलाइन के तहत धूल नियंत्रण, कचरा निस्तारण और स्वच्छता को लेकर सेक्टरवासियों को किया जागरूक

वायु प्रदूषण नियंत्रण के क्रम में CAQM (Commission for Air Quality Management) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत शनिवार को ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-2 में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सेक्टरवासियों को धूल नियंत्रण, कचरा निस्तारण, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न उपायों के प्रति जागरूक किया गया।

जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर धूल एवं कचरा जमा न होने देने, कचरे का उचित निस्तारण करने तथा स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक IEC (Information, Education and Communication) गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में सेक्टरवासियों के साथ प्राधिकरण के संबंधित विभागों की टीमों ने भी सहभागिता की। टीमों ने स्थानीय लोगों से संवाद कर प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छता से जुड़े उपायों की जानकारी दी।

अभियान के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, कचरे को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार निस्तारित करने और धूल नियंत्रण के उपायों में सहयोग करें। जनभागीदारी को वायु प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

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