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ग्रेटर नोएडा में अवैध कॉलोनी बसाने की तैयारी पर चला प्राधिकरण का बुल्डोजर, 62,500 वर्ग मीटर जमीन कराई कब्जामुक्त

ननवा का राजपुर और अटाई मुरादपुर में बड़ी कार्रवाई, करीब 125 करोड़ रुपये की जमीन से हटाया अवैध कब्जा
बाउंड्रीवाल खड़ी कर अधिसूचित क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग की थी तैयारी, प्राधिकरण ने ध्वस्त किए निर्माण
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा 
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में अवैध कॉलोनियां विकसित करने और प्राधिकरण की अधिसूचित जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को प्राधिकरण की टीम ने ननवा का राजपुर और अटाई मुरादपुर गांव में बुल्डोजर चलाकर अवैध निर्माण और बाउंड्रीवाल को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई में करीब 62,500 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। प्राधिकरण के आकलन के मुताबिक मुक्त कराई गई जमीन की अनुमानित कीमत करीब 125 करोड़ रुपये है।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई से उन कालोनाइजरों में खलबली मच गई, जो अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति अवैध प्लॉटिंग कर कॉलोनी बसाने की तैयारी में थे। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण की टीम ने मौके पर किए गए अवैध निर्माण को मशीनों की मदद से ध्वस्त कर दिया और जमीन को अपने कब्जे में सुरक्षित कराया।
अधिसूचित क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग की थी तैयारी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, दोनों गांवों में कुछ लोगों द्वारा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में जमीन पर कब्जा कर उसे विकसित करने की कोशिश की जा रही थी। जमीन के आसपास बाउंड्रीवाल खड़ी की जा रही थी, ताकि बाद में वहां अवैध रूप से प्लॉट काटकर कॉलोनी विकसित की जा सके।
प्राधिकरण की नजर में मामला आने के बाद परियोजना विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच में अवैध निर्माण और कब्जे की स्थिति सामने आने पर बुधवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
ननवा का राजपुर में 37,500 वर्ग मीटर जमीन पर कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि ननवा का राजपुर के खसरा संख्या 40 और 41 में करीब 37,500 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध निर्माण कर कॉलोनी बसाने का प्रयास किया जा रहा था।
इस मामले में परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-8 के वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह के नेतृत्व में प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची। टीम में प्रबंधक राकेश बाबू और मिथिलेश कुमार समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से किए गए निर्माण और बाउंड्रीवाल को चिन्हित किया। इसके बाद बुल्डोजर की मदद से पूरे अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।
अटाई मुरादपुर में भी 25 हजार वर्ग मीटर जमीन मुक्त
इसी अभियान के तहत प्राधिकरण की टीम ने अटाई मुरादपुर गांव के खसरा संख्या 626 में करीब 25,000 वर्ग मीटर जमीन पर किए जा रहे अवैध निर्माण को भी ध्वस्त किया।
अधिकारियों के मुताबिक यहां भी जमीन को अवैध तरीके से विकसित करने की कोशिश की जा रही थी। मौके पर किए गए निर्माण को बुल्डोजर से ध्वस्त कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
दोनों स्थानों पर हुई कार्रवाई को मिलाकर प्राधिकरण ने करीब 62,500 वर्ग मीटर जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है।
125 करोड़ रुपये की जमीन पर कब्जे की कोशिश
प्राधिकरण के मुताबिक दोनों स्थानों पर मुक्त कराई गई जमीन की अनुमानित कीमत करीब 125 करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी कीमत की जमीन पर अवैध कब्जे और प्लॉटिंग की कोशिश को प्राधिकरण ने गंभीरता से लिया है।
कार्रवाई के बाद प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट संकेत दिया गया है कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी तरह की अवैध प्लॉटिंग, निर्माण या कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीईओ के निर्देश पर तेज हुआ अभियान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने अधिसूचित क्षेत्र में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के बाद प्राधिकरण की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में अवैध निर्माण और कब्जों को चिन्हित कर कार्रवाई कर रही हैं।
प्राधिकरण का उद्देश्य अधिसूचित जमीन को अवैध कब्जों से बचाने के साथ-साथ अवैध कॉलोनियों के विस्तार पर रोक लगाना भी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी जमीन पर अवैध तरीके से प्लॉटिंग शुरू होने के बाद आम लोगों के इसमें फंसने की आशंका रहती है। इसलिए शुरुआती स्तर पर ही ऐसे मामलों में कार्रवाई की जा रही है।
बिना अनुमति कॉलोनी काटने वालों को सख्त संदेश
बुधवार की कार्रवाई को उन लोगों के लिए भी बड़ा संदेश माना जा रहा है, जो ग्रेटर नोएडा के आसपास जमीन खरीदकर उसे छोटे-छोटे प्लॉटों में बांटकर बेचने की कोशिश करते हैं। प्राधिकरण की अनुमति के बिना की जा रही प्लॉटिंग और निर्माण को अवैध मानते हुए कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने साफ किया है कि जमीन पर बाउंड्रीवाल खड़ी कर लेने या रास्ते बनाने मात्र से किसी व्यक्ति को वहां कॉलोनी विकसित करने का अधिकार नहीं मिल जाता।
जमीन खरीदने से पहले जांच जरूरी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने लोगों से अपील की है कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधता की पूरी जानकारी हासिल करें।
उन्होंने कहा कि लोग किसी कॉलोनाइजर या बिचौलिये के भरोसे जमीन खरीदने के बजाय संबंधित जमीन के संबंध में प्राधिकरण से पूरी जानकारी प्राप्त करें। खास तौर पर यह जांचना जरूरी है कि जमीन अधिसूचित क्षेत्र में तो नहीं है और वहां प्लॉटिंग या निर्माण की अनुमति है या नहीं।
गाढ़ी कमाई अवैध कॉलोनी में न फंसाएं”
एसीईओ ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सस्ते प्लॉट के लालच में आकर अपनी गाढ़ी कमाई अवैध कॉलोनियों में न लगाएं। अवैध कॉलोनियों में खरीदी गई जमीन पर भविष्य में निर्माण, विकास अथवा अन्य कानूनी परेशानियां खड़ी हो सकती हैं।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह संदेश सामने आया है कि ग्रेटर नोएडा में अवैध कॉलोनी और अवैध प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अधिसूचित क्षेत्र में सरकारी अथवा प्राधिकरण की जमीन पर कब्जे की कोशिश करने वालों को किसी भी स्तर पर राहत नहीं दी जाएगी।
कार्रवाई से भूमाफियाओं में मचा हड़कंप
ननवा का राजपुर और अटाई मुरादपुर में हुई कार्रवाई के बाद आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने वालों में भी हड़कंप की स्थिति है। प्राधिकरण की टीम लगातार ऐसे स्थानों को चिन्हित कर रही है, जहां बिना अनुमति निर्माण या प्लॉटिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं।
प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, बुधवार की कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और कब्जे के जरिए कॉलोनी विकसित करने की कोशिश करने वालों पर प्राधिकरण अब सख्त रुख अपना रहा है। करीब 125 करोड़ रुपये की जमीन को कब्जामुक्त कराने की यह कार्रवाई न केवल जमीन को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि अवैध कॉलोनाइजरों और जमीन के नाम पर लोगों को गुमराह करने वालों के लिए भी कड़ा संदेश है।


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