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श्री द्रोणाचार्य कॉलेज दनकौर में गूंजे ‘नंद के आनंद भयो’ के जयघोष, भक्ति में सराबोर हुआ महाविद्यालय परिसर



श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर भव्य समारोह; झूला-झांकी, आरती और भजन प्रस्तुतियों ने बांधा समां

मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा
विशेष संवाददाता | Vision Live News
 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पावन पूर्व संध्या पर श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत भव्य समारोह का आयोजन किया गया। भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना, आरती, मनमोहक झूला-झांकी और भक्ति संगीत की प्रस्तुतियों ने पूरे महाविद्यालय परिसर को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के सचिव रजनीकांत अग्रवाल एवं प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर उपप्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही।
पूजा-अर्चना और झूला-झांकी रही आकर्षण का केंद्र
समारोह का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ हुआ। इसके बाद महाविद्यालय के स्टाफ और विद्यार्थियों को प्रसाद वितरित किया गया। रंग-बिरंगे पुष्पों और आकर्षक सज्जा से सुसज्जित भगवान श्रीकृष्ण की झूला-झांकी समारोह का विशेष आकर्षण रही।
इस दौरान “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की”, “राधे-राधे” और “श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवाय” जैसे भक्तिमय जयघोषों से पूरा परिसर गूंज उठा।
श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन को विद्यार्थियों से जोड़ने का संदेश
उपप्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता ने भगवान श्रीकृष्ण के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें महान युगपुरुष, कुशल नीति-निर्माता, श्रेष्ठ मार्गदर्शक, आदर्श मित्र और कर्मयोगी बताया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना हजारों वर्ष पहले था।
उन्होंने विद्यार्थियों से गीता के कर्तव्यनिष्ठा, निष्काम कर्म, आत्मविश्वास, धैर्य और जीवन में संतुलन बनाए रखने जैसे संदेशों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
डॉ. राजीव पांडेय ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, व्यक्तित्व और जीवन-दर्शन पर विचार रखते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन प्रत्येक परिस्थिति में सत्य, धर्म, कर्म और मानवता के मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
वहीं अमित नागर ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं और उनके आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से प्रेम, सद्भाव, कर्तव्य और मानवीय मूल्यों की महत्ता बताई।
भजनों ने बांधा समां, भक्तिरस में डूबे विद्यार्थी और स्टाफ
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण भक्ति संगीत की प्रस्तुतियां रहीं। डॉ. निशा शर्मा ने मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिरस से भर दिया। इसके अलावा एम.कॉम. की छात्रा मानशी कसाना और बी.ए. की छात्रा वंशिका ने भी भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी।
भजनों और जयकारों के बीच महाविद्यालय परिसर में श्रद्धा और उत्साह का ऐसा वातावरण बना कि विद्यार्थी एवं स्टाफ सदस्य भक्तिमय माहौल में झूमते नजर आए।
धार्मिक आयोजन के साथ जीवन-मूल्यों का संदेश
कार्यक्रम का सफल आयोजन डॉ. निशा शर्मा, गृह विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। समारोह में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।
यह आयोजन केवल धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेम, सद्भाव, कर्तव्य, कर्म, धैर्य और मानवता जैसे जीवन-मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा भी दी।
“जहाँ प्रेम है, वहाँ कृष्ण हैं; जहाँ भक्ति है, वहाँ आनंद है।”
जय श्रीकृष्ण! 🙏


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