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एचआईएमटी में ‘आरंभ 2026’ का भव्य आगाज, नवप्रवेशित विद्यार्थियों को मिला सफलता, कौशल और मूल्यों का मंत्र


शिक्षा के साथ कौशल, अनुशासन और संस्कार को जीवन का आधार बनाने का आह्वान — देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, वैज्ञानिक एवं इंडस्ट्री विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दिखाया सफलता का मार्ग
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा
एचआईएमटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, ग्रेटर नोएडा में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन की नई यात्रा का उत्साहपूर्ण एवं गरिमापूर्ण शुभारंभ हुआ। संस्थान परिसर में ‘आरंभ 2026’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक संस्कृति, अनुशासन, मूल्यों, कौशल विकास और करियर की संभावनाओं से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम का माहौल उस समय और अधिक प्रेरणादायी हो गया, जब देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद, वैज्ञानिक, उद्योग एवं कौशल विकास क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ज्ञान के साथ व्यावसायिक कौशल, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सकारात्मक दृष्टिकोण और मजबूत नैतिक मूल्यों का होना भी आवश्यक है।
नवप्रवेशित विद्यार्थियों का हुआ आत्मीय स्वागत
कार्यक्रम में एचआईएमटी ग्रुप के सेक्रेटरी अनिल कुमार बंसल ने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को एचआईएमटी परिवार का हिस्सा बनने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संस्थान के साथ उनकी यात्रा उन्हें शिक्षा के साथ-साथ अनुभव, सीख और सफलता के अनेक अवसर प्रदान करेगी।
उन्होंने विद्यार्थियों से संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठाने और अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर एवं निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।
शिक्षा, कौशल और मूल्यों का संतुलन जरूरी : अनमोल बंसल
ज्वाइंट सेक्रेटरी अनमोल बंसल ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में शिक्षा, कौशल और मूल्यों के बीच संतुलन को सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी बताया।
उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि शिक्षा ज्ञान प्रदान करती है और कौशल व्यक्ति को पेशेवर रूप से सक्षम बनाता है, लेकिन मूल्य यह निर्धारित करते हैं कि व्यक्ति अपने ज्ञान और क्षमता का जिम्मेदारीपूर्वक किस प्रकार उपयोग करता है।
उनका यह संदेश विद्यार्थियों के बीच विशेष रूप से प्रभावी रहा।
विविध शैक्षणिक कार्यक्रम एचआईएमटी की विशेष पहचान : डॉ. सुधीर कुमार
कार्यक्रम के उद्घाटन संबोधन में ग्रुप डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) सुधीर कुमार ने एचआईएमटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के शैक्षणिक सफर और संस्थान में उपलब्ध विभिन्न पाठ्यक्रमों की विशेषताओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि एचआईएमटी में मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मेसी, एजुकेशन और लॉ सहित विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षा प्रदान की जा रही है। अलग-अलग विषयों के विद्यार्थी एक ही शैक्षणिक वातावरण में संवाद, सहयोग और एक-दूसरे से सीखने का अवसर प्राप्त करते हैं, जो संस्थान को विशिष्ट अकादमिक पहचान प्रदान करता है।
लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहें विद्यार्थी : डॉ. विक्रांत चौधरी
एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. विक्रांत चौधरी ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि सफलता एक दिन में हासिल नहीं होती। प्रत्येक विद्यार्थी को धैर्य, निरंतरता और सकारात्मक सोच के साथ कदम-दर-कदम आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से असफलताओं और चुनौतियों से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
सफलता की शुरुआत स्वयं को पहचानने से होती है”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) मुरलीमनोहर पाठक, कुलपति, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उनकी अंतर्निहित प्रतिभा और क्षमता को पहचानने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर कुछ विशेष करने की क्षमता होती है। सफलता की शुरुआत स्वयं को पहचानने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास करने से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, आत्मविश्वास विकसित करने और अपने निर्धारित लक्ष्य की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
समर्पण और अनुशासन के बिना सफलता संभव नहीं : आशीष सोनकर
विशिष्ट अतिथि आशीष सोनकर, वैज्ञानिक ‘एफ’ एवं अपर निदेशक, एसएजी, डीआरडीओ, नई दिल्ली ने विद्यार्थियों को सफलता का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी क्षेत्र में ऊंचाई हासिल करने के लिए समर्पण, प्रतिबद्धता और अनुशासन आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहते हुए लगातार मेहनत करने और सामने आने वाली चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करने का आह्वान किया।
डिग्री के साथ इंडस्ट्री-ओरिएंटेड स्किल्स भी जरूरी
के.पी. सिंह, चेयरमैन, BIS एवं स्किल डेवलपमेंट समिति, FCBM इंडिया तथा ब्रांच चेयरमैन, IIMM, ग्रेटर नोएडा ने वर्तमान औद्योगिक परिवेश में कौशल विकास की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को कम्युनिकेशन स्किल्स, लीडरशिप स्किल्स, प्रॉब्लम-सॉल्विंग एबिलिटीज और अन्य इंडस्ट्री-ओरिएंटेड स्किल्स पर लगातार काम करना होगा।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे पढ़ाई के साथ व्यावहारिक ज्ञान और पेशेवर क्षमताओं को विकसित करें, ताकि शिक्षा पूरी करने के बाद वे बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को साबित कर सकें।
आरजे नावेद ने युवाओं में भरी नई ऊर्जा
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में प्रसिद्ध एंटरटेनर, रेडियो जॉकी एवं कंटेंट क्रिएटर आरजे नावेद का प्रेरक एवं मनोरंजक संबोधन रहा। उनके अंदाज ने विद्यार्थियों में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की पृष्ठभूमि यह तय नहीं करती कि वह भविष्य में क्या बनेगा। उन्होंने युवाओं से अपनी परिस्थितियों को अपनी सीमा न मानने तथा निरंतर प्रयास के माध्यम से अपने सपनों को वास्तविकता में बदलने का संदेश दिया।
उनके संवाद और मनोरंजक प्रस्तुति के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
एचआईएमटी के सफर से रूबरू हुए विद्यार्थी
कार्यक्रम के दौरान डायरेक्टर मैनेजमेंट प्रो. (डॉ.) पंकज कुमार ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से एचआईएमटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की स्थापना से लेकर वर्तमान तक के सफर की विस्तृत जानकारी विद्यार्थियों के सामने रखी।
उन्होंने संस्थान के विकास, शैक्षणिक विस्तार, विभिन्न पाठ्यक्रमों और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों के बारे में जानकारी साझा की। इससे नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संस्थान की कार्यप्रणाली और उसकी शैक्षणिक यात्रा को समझने का अवसर मिला।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
‘आरंभ 2026’ केवल औपचारिक ओरिएंटेशन कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। विद्यार्थियों के मनोरंजन और प्रतिभा प्रदर्शन के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्साह और उमंग से भर दिया। नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर सहभागिता की और अपने नए शैक्षणिक जीवन के पहले दिन को यादगार बनाया।
शिक्षकों एवं स्टाफ की रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) अनुज मित्तल, निदेशक, एचआईएमटी कॉलेज ऑफ फार्मेसी; प्रो. (डॉ.) रमा दत्त, प्राचार्या, हरलाल स्कूल ऑफ लॉ; डॉ. मनोरमा, प्राचार्या-एजुकेशन; नरेंद्र उपाध्याय, एचओडी-आईटी; डॉ. दिनेश कुमार, एचओडी-बायोटेक्नोलॉजी; कविता चौधरी, प्रशासनिक अधिकारी; भूपेंद्र नागर, सिस्टम एडमिन (आईटी) सहित संस्थान के विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षक एवं स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
सभी संकाय सदस्यों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमापूर्ण स्वरूप प्रदान किया।
आरंभ 2026’ ने दिया नई शैक्षणिक यात्रा का संदेश
कुल मिलाकर ‘आरंभ 2026’ नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए केवल स्वागत समारोह नहीं, बल्कि उनके आगामी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक जीवन की दिशा तय करने वाला प्रेरणादायी मंच बनकर सामने आया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि सफलता केवल अच्छे अंकों तक सीमित नहीं है। ज्ञान, कौशल, अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और मजबूत मूल्यों का समन्वय ही एक विद्यार्थी को भविष्य का सक्षम एवं जिम्मेदार प्रोफेशनल बनाता है।
एचआईएमटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में ‘आरंभ 2026’ के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने जहां नए शैक्षणिक जीवन में कदम रखा, वहीं संस्थान ने भी उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने के अपने संकल्प को मजबूती से सामने रखा।


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