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GDP से आगे खुशहाली की नई सोच'— नोएडा में आलोक रंजन की पुस्तक Beyond GDP को मिला जबरदस्त प्रतिसाद

डीएलएफ मॉल ऑफ इंडिया स्थित ओम बुक शॉप में आयोजित पुस्तक हस्ताक्षर एवं संवाद कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रतियां बिकीं, विकास के मानकों पर हुई सार्थक चर्चा
 Vision Live  / नोएडा
आर्थिक विकास की पारंपरिक अवधारणा से आगे बढ़कर नागरिकों की खुशहाली, जीवन-गुणवत्ता और मानवीय विकास को केंद्र में रखने वाली पुस्तक Beyond GDP: In Pursuit of Measuring Happiness को नोएडा में पाठकों का उत्साहपूर्ण समर्थन मिला। डीएलएफ मॉल ऑफ इंडिया स्थित ओम बुक शॉप में आयोजित पुस्तक हस्ताक्षर एवं पाठक संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुस्तक प्रेमी, शिक्षाविद, युवा प्रोफेशनल्स, प्रशासनिक सेवाओं के अभ्यर्थी और बुद्धिजीवी शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी  आलोक रंजन, जिन्होंने उपस्थित पाठकों से खुलकर संवाद किया, उनकी जिज्ञासाओं का उत्तर दिया और अपनी पुस्तक पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम के दौरान पुस्तक की 100 से अधिक प्रतियां बिकना इस बात का संकेत माना गया कि आज का पाठक विकास के पारंपरिक आर्थिक पैमानों से आगे बढ़कर मानवीय खुशहाली और जीवन-गुणवत्ता जैसे विषयों पर गंभीर विमर्श चाहता है।
'केवल GDP नहीं, नागरिकों की खुशहाली भी विकास का पैमाना'
अपने संबोधन में आलोक रंजन ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (GDP) किसी देश की आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण संकेतक है, लेकिन यह नागरिकों के वास्तविक जीवन स्तर, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक विश्वास, पर्यावरणीय संतुलन, गरिमा, समान अवसर और मानसिक संतुष्टि को पूरी तरह नहीं माप सकता। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र के विकास का अंतिम उद्देश्य लोगों का बेहतर और संतुलित जीवन होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि पुस्तक में यह समझाने का प्रयास किया गया है कि आर्थिक वृद्धि तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे और लोगों के जीवन में वास्तविक सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे।
वैश्विक उदाहरणों के साथ विकास की नई अवधारणा
श्री रंजन ने अपनी पुस्तक में Human Development Index (HDI), Sustainable Development Goals (SDGs) तथा भूटान के Gross National Happiness (GNH) जैसे वैश्विक मॉडलों का उल्लेख करते हुए यह तर्क प्रस्तुत किया है कि आधुनिक शासन व्यवस्था में विकास का मूल्यांकन केवल उत्पादन और आय के आधार पर नहीं, बल्कि नागरिकों की खुशहाली, सामाजिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय कल्याण के व्यापक दृष्टिकोण से किया जाना चाहिए।
प्रशासनिक अनुभव से समृद्ध पुस्तक
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के रूप में लंबे प्रशासनिक अनुभव के आधार पर लिखी गई यह पुस्तक नीति-निर्माताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और समाज के जागरूक नागरिकों के लिए उपयोगी मानी जा रही है। पुस्तक विकास और सुशासन के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण विमर्श प्रस्तुत करती है।
पाठकों ने बताया समय की आवश्यकता
कार्यक्रम में उपस्थित पाठकों ने पुस्तक को वर्तमान समय के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ-साथ अब यह भी आवश्यक है कि विकास का लाभ लोगों की खुशहाली, बेहतर जीवन, सामाजिक समानता और सम्मानजनक जीवन स्तर में भी दिखाई दे।
यह कार्यक्रम ओम बुक शॉप / ओम पब्लिशर्स द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें लेखक-पाठक संवाद, पुस्तक हस्ताक्षर और विचार-विमर्श का विशेष सत्र आयोजित किया गया।
लेखक परिचय
श्री आलोक रंजन, आईएएस (सेवानिवृत्त), उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मुख्य सचिव हैं। वे एक अनुभवी प्रशासक, लेखक और सार्वजनिक नीति के गंभीर चिंतक हैं। शासन, विकास, मानव कल्याण और खुशहाली से जुड़े विषयों पर उनका व्यापक अनुभव इस पुस्तक में परिलक्षित होता है। उनकी नवीनतम पुस्तक Beyond GDP: In Pursuit of Measuring Happiness विकास के पारंपरिक आर्थिक दृष्टिकोण से आगे बढ़कर मानव-केंद्रित विकास मॉडल की आवश्यकता को रेखांकित करती है।


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