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ग्रैंडथुम में मेंटेनेंस वसूली को लेकर प्रॉपर्टी ओनर्स बिफरे, Full OC के बाद ही मेंटेनेंस लेने की मांग


"Partial OC की जांच, बिल्डर पर कार्रवाई की मांग; समाधान नहीं हुआ तो धरना-प्रदर्शन की चेतावनी"
 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
Special Story | Vision Live News
 ग्रुप-108 के ग्रैंडथुम, टेकजोन-4, ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित कमर्शियल प्रोजेक्ट के प्रॉपर्टी ओनर्स ने बिल्डर द्वारा कथित रूप से की जा रही मेंटेनेंस वसूली, तीन माह का एडवांस मेंटेनेंस, होल्डिंग चार्ज और पजेशन के लिए दबाव बनाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं।
ग्रैंडथुम ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से सितंबर 2025 में जारी Partial OC की निष्पक्ष जांच कराने और बिल्डर के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
"Full OC के बाद ही हो मेंटेनेंस वसूली"
एसोसिएशन का कहना है कि A और B दोनों टावरों का Full Occupancy Certificate (OC) जारी होने तथा एग्रीमेंट के अनुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद ही नियमित मेंटेनेंस वसूली शुरू की जानी चाहिए।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के मुताबिक, प्राधिकरण द्वारा बिल्डर को दो बार बैठक के लिए बुलाया जा चुका है और नोटिस भी जारी किया गया है। एसोसिएशन का आरोप है कि इसके बावजूद प्रॉपर्टी ओनर्स पर पजेशन लेने और भुगतान करने का दबाव बनाया जा रहा है।
"तीन माह के एडवांस मेंटेनेंस पर भी आपत्ति"
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि बिल्डर द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर निर्धारित राशि अधिक है और अब तीन माह का एडवांस मेंटेनेंस भी मांगा जा रहा है। एसोसिएशन ने कहा कि वह वास्तविक और वैध सेवाओं के लिए उचित मेंटेनेंस देने के खिलाफ नहीं है, लेकिन अधूरी सुविधाओं के बीच अत्यधिक शुल्क स्वीकार नहीं किया जाएगा।
"सितंबर 2025 के Partial OC की जांच की मांग"
एसोसिएशन ने सितंबर 2025 में जारी Partial OC की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया कि इसे किन परिस्थितियों में जारी किया गया और उस समय परियोजना में कौन-कौन सी सुविधाएं एवं वैधानिक औपचारिकताएं पूरी थीं।
एसोसिएशन ने कहा कि यदि सभी नियमों का पालन हुआ है तो संबंधित जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए और किसी अनियमितता की पुष्टि होने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
"मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन"
एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष गुप्ता और महासचिव रजत गुप्ता ने कहा कि उनकी मांग किसी अनुचित लाभ की नहीं, बल्कि कानून, पारदर्शिता और न्यायसंगत व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि Full OC और एग्रीमेंट के अनुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने तक अत्यधिक मेंटेनेंस वसूली पर रोक लगनी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो एसोसिएशन सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये प्रॉपर्टी ओनर्स रहे मौजूद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुमित सोम, गौरव गर्ग, सार्थक अरोड़ा, आशीष गुप्ता, अभिषेक शाह, रजत गुप्ता, अशोक कुमार ओझा, शिल्पा निमोरे, हिमांशु सोलंकी, रोहित शर्मा, डॉ. वीरेंद्र प्रकाश, आर. के. पटेल, बंटी पोखरियाल, अरुण त्यागी, रविंद्र यादव, अनुराग शर्मा, विभव सिंह एवं सत्यदेव कुमार सहित अन्य प्रॉपर्टी ओनर्स मौजूद रहे।
Vision Live News का विश्लेषण
मामले में एसोसिएशन द्वारा लगाए गए आरोप और मांगें उसके पक्ष के रूप में सामने आई हैं। मेंटेनेंस शुल्क, पजेशन, OC और परियोजना से जुड़ी वैधानिक स्थिति पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित दस्तावेजों, प्राधिकरण के रिकॉर्ड और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के आधार पर ही निकाला जाना उचित होगा। बिल्डर का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए।


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