BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

राजनीतिक गलियारों में उठे सवाल—क्या राष्ट्रीय महापुरुषों की पुण्यतिथियों पर भी समान रूप से कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए?


जनेश्वर मिश्र जयंती पर समाजवादी पार्टी ने संगठन को धार देने का किया आह्वान
सूरजपुर जिला कार्यालय पर श्रद्धांजलि, विचार गोष्ठी और मासिक बैठक सम्पन्न; बूथ सशक्तिकरण से लेकर 2027 चुनावी रणनीति तक हुई चर्चा
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी ने गौतम बुद्ध नगर में संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में बुधवार को सूरजपुर स्थित समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर प्रखर समाजवादी चिंतक एवं "छोटे लोहिया" के नाम से विख्यात पंडित जनेश्वर मिश्र की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के दौरान उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई, विचार गोष्ठी आयोजित हुई तथा पार्टी की मासिक बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने की रणनीति पर विस्तृत मंथन किया गया।
कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जनेश्वर मिश्र के सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान को याद करते हुए उन्हें समाजवादी आंदोलन की मजबूत वैचारिक धुरी बताया। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन संघर्ष, सादगी और सामाजिक न्याय की राजनीति का प्रतीक रहा है।
'छोटे लोहिया' के विचार आज भी प्रासंगिक—सुधीर भाटी
जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी ने कहा कि पंडित जनेश्वर मिश्र ने अपना संपूर्ण जीवन गरीबों, किसानों, मजदूरों, पिछड़ों, वंचितों और शोषितों के अधिकारों की लड़ाई में समर्पित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों से प्रभावित होकर जनेश्वर मिश्र ने समाजवादी आंदोलन को नई ऊर्जा दी और संसद से लेकर सड़क तक आम आदमी की आवाज बुलंद की।
उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाजवादी पार्टी की नीतियों और विचारधारा को गांव-गांव तथा बूथ-बूथ तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि 2027 का चुनाव संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की सक्रियता से ही जीता जा सकता है।
बूथ सशक्तिकरण पर विशेष जोर
मासिक बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, बूथ समितियों के गठन, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने तथा जनसंपर्क अभियान को गति देने पर विस्तार से चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि मजबूत बूथ संगठन ही किसी भी चुनावी सफलता की आधारशिला होता है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक विधानसभा, सेक्टर और बूथ स्तर पर नियमित बैठकों एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों को तेज करने का निर्णय लिया गया।
2027 की चुनावी तैयारियों का दिखा संकेत
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि समाजवादी पार्टी अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विशेषकर गौतम बुद्ध नगर और दादरी विधानसभा क्षेत्र में संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाकर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट चुकी है। लगातार आयोजित हो रही बैठकों, विचार गोष्ठियों और कार्यकर्ता सम्मेलनों को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता
कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष फकीर चंद नागर, इंदर प्रधान, सुनील भाटी देवटा, कृशांत भाटी, सुदेश भाटी, कृष्णा चौहान, विनोद लोहिया, जगबीर नंबरदार, सुनीता यादव, शशि यादव, रोहित मत्ते गुर्जर, शौकत अली चेची, अमित रोनी, नवीन भाटी, अक्षय चौधरी, सुभाष भाटी, विपिन सेन, नवाब कुरैशी, जुगती सिंह, बबली भाटी, अमन नागर, प्रशांत भाटी, सुरेंद्र भाटी, हरवीर प्रधान, एडवोकेट रूबी नागर, एडवोकेट शिमला सागर, देवेंद्र भाटी, अनिल नागर, भुरू चंदीला, सत्यप्रकाश नागर, लखन जाटव, वीरू नागर, जय सिंह चंदेल, दिलशाना, शीतल, मास्टर चमन नागर, पप्पन भाटी, अनीशा खान, मुरारी लाल गौतम, जयप्रकाश वाल्मीकि सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राजनीतिक चर्चा: डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम न होने को लेकर उठे सवाल
इस बीच स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी रही कि 27 जुलाई को भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर गौतम बुद्ध नगर में समाजवादी पार्टी द्वारा कोई सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया। कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं और सामाजिक वर्गों का मानना है कि राष्ट्रीय महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि, दोनों अवसरों पर दलों को समान रूप से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।
हालांकि, इस विषय पर समाजवादी पार्टी की जिला इकाई की ओर से कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि स्थानीय स्तर पर ऐसा कार्यक्रम क्यों नहीं हुआ।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विभिन्न दल समय-समय पर अपने वैचारिक प्रतीकों और राष्ट्रीय महापुरुषों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित करते हैं। ऐसे में किन अवसरों को प्राथमिकता दी जाती है, यह संबंधित दल की संगठनात्मक योजना और स्थानीय इकाइयों के निर्णय पर निर्भर करता है।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि गौतम बुद्ध नगर में समाजवादी पार्टी ने संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर दिया है और आने वाले महीनों में जिले में राजनीतिक बैठकों, जनसंपर्क अभियानों तथा कार्यकर्ता सम्मेलनों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति को जमीन पर उतारने में जुट चुके हैं।
.header-ads img { height:300px !important; max-height:300px !important; width:150% !important; object-fit:cover; }