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गीता फोगाट ने मॉडर्न पब्लिक स्कूल के छात्रों को किया प्रेरित, अनुशासन और दृढ़ता को बताया सफलता की कुंजी


अर्जुन पुरस्कार विजेता पहलवान ने छात्रों से साझा किया संघर्ष और सफलता का अनुभव, असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने का दिया संदेश
मौहम्मद इल्यास- ‘दनकौरी’ /  नई दिल्ली
 अर्जुन पुरस्कार विजेता और कॉमनवेल्थ गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता पहलवान गीता फोगाट ने मॉडर्न पब्लिक स्कूल, शालीमार बाग के छात्रों के साथ एक प्रेरणादायक संवाद किया। अपने खेल जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने छात्रों को बताया कि किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए प्रतिभा के साथ अनुशासन, निरंतर मेहनत, दृढ़ता और आत्मविश्वास बेहद जरूरी हैं।
गीता फोगाट के ‘धाकड़’ गाने की धुन के बीच ऑडिटोरियम में प्रवेश करते ही छात्रों ने तालियों और उत्साह के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। मंच पर पहुंचते ही छात्रों का उत्साह देखते ही बना। कई छात्र लंबे समय से उनके खेल सफर और उपलब्धियों से परिचित रहे हैं और उन्हें फॉलो करते हैं।
संघर्ष से सफलता तक का सफर किया साझा
इंटरैक्टिव संवाद के दौरान गीता फोगाट ने अपने कुश्ती करियर के विभिन्न अनुभवों को छात्रों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिताओं की तैयारी, लगातार अभ्यास और कठिन परिस्थितियों के बीच मानसिक रूप से मजबूत बने रहना किसी खिलाड़ी की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने छात्रों को अपने लक्ष्यों के प्रति गंभीर रहने और परिस्थितियां अनुकूल न होने पर भी प्रयास जारी रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि असफलता किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि आगे बेहतर प्रदर्शन करने की सीख है।
गीता फोगाट ने छात्रों से कहा, “सफलता रातों-रात नहीं मिलती। इसके लिए अनुशासन, कड़ी मेहनत और मुश्किल परिस्थितियों में भी आगे बढ़ते रहने का साहस जरूरी है। खुद पर विश्वास रखें, अपनी यात्रा का सम्मान करें और असफलता से कभी न डरें, क्योंकि हर असफलता हमें कुछ ऐसा सिखाती है, जो हमें और मजबूत बनाता है।”
छात्रों ने पूछे सवाल, करीब से जाना खेल सफर
संवाद सत्र के दौरान छात्रों को गीता फोगाट से सीधे बातचीत करने और उनके जीवन एवं खेल सफर को करीब से समझने का अवसर मिला। कम उम्र में कुश्ती की शुरुआत से लेकर कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने तक की उनकी यात्रा ने छात्रों को मेहनत, समर्पण और निरंतर प्रयास का महत्व समझाया।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहने, कठिन दौर में धैर्य बनाए रखने और किसी भी असफलता के बाद दोबारा मजबूती से खड़े होने के लिए प्रेरित किया।
गीता फोगाट का सफर छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत”
मॉडर्न पब्लिक स्कूल, शालीमार बाग की प्रिंसिपल डॉ. अलका कपूर ने कहा कि गीता फोगाट का जीवन इस बात का उदाहरण है कि अनुशासन, दृढ़ता और साहस के जरिए चुनौतियों को अवसरों में बदला जा सकता है।
उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ गीता फोगाट का संवाद उन्हें उद्देश्यपूर्ण सपने देखने, निरंतर मेहनत करने और जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही, यह संवाद छात्रों को सफलता के साथ जमीन से जुड़े रहने की सीख भी देगा।
उपलब्धियों से आगे संघर्ष की कहानी ने किया प्रभावित
छात्रों के लिए यह कार्यक्रम केवल एक प्रसिद्ध खेल हस्ती से मुलाकात तक सीमित नहीं रहा। गीता फोगाट की उपलब्धियों से तो छात्र पहले से परिचित थे, लेकिन उनके संघर्ष, कठिन प्रशिक्षण और चुनौतियों के अनुभवों को सीधे सुनने से उन्हें सफलता के पीछे छिपी मेहनत और समर्पण को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के समापन पर छात्रों ने यह महत्वपूर्ण सीख हासिल की कि प्रगति में समय लगता है, असफलताएं सफलता की प्रक्रिया का हिस्सा हैं और निरंतर प्रयास ही व्यक्ति को आगे बढ़ाता है। गीता फोगाट की प्रेरक यात्रा ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि सफलता केवल मंजिल हासिल करने का नाम नहीं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ते रहने के साहस और प्रतिबद्धता का नाम है।

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