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नशे के खिलाफ जागरूकता की नई पहल: एसडीआरवी कॉन्वेंट स्कूल में एम्स की विशेषज्ञ टीम ने किशोरों को किया जागरूक


उत्तर प्रदेश के निजी सीबीएसई विद्यालय में पहली बार एम्स-नई दिल्ली की ओर से ‘Substance Abuse’ पर विशेष जागरूकता कार्यशाला, विद्यार्थियों को संवाद और गतिविधियों के माध्यम से समझाए नशे के दुष्प्रभाव
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"
Vision Live News — विशेष न्यूज़ स्टोरी / नई दिल्ली
किशोरों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और उससे जुड़े स्वास्थ्य एवं सामाजिक खतरों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एसडीआरवी कॉन्वेंट स्कूल ने एक महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय पहल की। विद्यालय के पब्लिक हेल्थ क्लब की ओर से बुधवार को विद्यालय परिसर में किशोर विद्यार्थियों के लिए “नशा दुरुपयोग” (Substance Abuse) विषय पर विशेष जागरूकता एवं आउटरीच कार्यशाला का आयोजन किया गया।
विद्यालय के अनुसार, यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि उत्तर प्रदेश के किसी निजी सीबीएसई विद्यालय में एम्स, नई दिल्ली द्वारा इस प्रकार की जागरूकता कार्यशाला पहली बार आयोजित की गई। देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान एम्स की विशेषज्ञ टीम की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के प्रति केवल चेतावनी देना नहीं, बल्कि उन्हें नशे से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों, सामाजिक परिणामों और इससे बचाव के तरीकों के बारे में सहज एवं प्रभावी तरीके से जानकारी देना रहा।
पब्लिक हेल्थ क्लब की अभिनव पहल
कार्यक्रम का आयोजन एसडीआरवी कॉन्वेंट स्कूल के पब्लिक हेल्थ क्लब द्वारा किया गया। विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित क्लब ने इस कार्यशाला को किशोरों के लिए विशेष रूप से तैयार किया।
कार्यक्रम को यूनिवर्सिटी ऑफ मेम्फिस, यूएसए के सहयोग से आयोजित किया गया, जबकि नेशनल पॉइज़न्स इंफॉर्मेशन सेंटर (NPIC), एम्स नई दिल्ली की टीम ने संसाधन संस्था के रूप में विशेषज्ञ सहयोग प्रदान किया।
इस सहयोग ने कार्यक्रम को स्थानीय स्तर की जागरूकता गतिविधि से आगे बढ़ाकर विशेषज्ञता और अनुभव से जुड़ा एक महत्वपूर्ण शैक्षिक आयोजन बना दिया।
डॉ. स्वाति शर्मा ने की कार्यशाला की अगुवाई
कार्यशाला की अगुवाई फार्माकोलॉजी विभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं नोडल अधिकारी डॉ. स्वाति शर्मा ने की। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए नशे के विभिन्न पहलुओं को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाने का प्रयास किया।
कार्यशाला का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका इंटरैक्टिव स्वरूप रहा। विद्यार्थियों को केवल भाषण सुनने तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि विभिन्न मनोरंजक एवं गतिविधि-आधारित माध्यमों से विषय को समझाया गया।
इस दौरान विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि नशे की शुरुआत किस प्रकार व्यक्ति के स्वास्थ्य, व्यवहार, पढ़ाई, परिवार और सामाजिक जीवन को प्रभावित कर सकती है। साथ ही स्वस्थ विकल्प अपनाने और सही निर्णय लेने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने बनाया कार्यक्रम खास
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने विषय में रुचि दिखाई और विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। सवाल-जवाब तथा गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरों में भय पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें सही जानकारी देकर जागरूक और जिम्मेदार निर्णय लेने में सक्षम बनाना रहा।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के सामने यह संदेश रखा कि किसी भी प्रकार के नशे से बचाव के लिए जागरूकता, सकारात्मक सोच, स्वस्थ जीवनशैली और सही मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण हैं।
एम्स की विशेषज्ञ टीम ने साझा किया अनुभव
नेशनल पॉइज़न्स इंफॉर्मेशन सेंटर, एम्स नई दिल्ली की ओर से कार्यशाला में विशेषज्ञों का प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा। इसमें—
डॉ. स्वाति शर्मा – वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं नोडल अधिकारी
डॉ. अजय गॉडविन पोटनूरी – वैज्ञानिक एवं उप-नोडल अधिकारी
डॉ. ज्योति गौतम – वैज्ञानिक एवं उप-नोडल अधिकारी
प्रीति राणा – मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट
शारदा वामन वाघाडे – जूनियर मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट
हरिंदर भिडुरी – डाटा एंट्री ऑपरेटर
शामिल रहे।
विशेषज्ञों की मौजूदगी ने विद्यार्थियों को विषय को वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दृष्टिकोण से समझने का अवसर प्रदान किया।
फाउंडेशन ऑफ हेल्थकेयर टेक्नोलॉजीज़ सोसाइटी की भी सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में फाउंडेशन ऑफ हेल्थकेयर टेक्नोलॉजीज़ सोसाइटी का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। संस्था की ओर से डॉ. उपमा शर्मा, पब्लिक हेल्थ रिसर्चर और रितिका कपूर, एक्सपीरिएंशियल लर्निंग एंगेजमेंट एंड आउटरीच कोऑर्डिनेटर ने सहभागिता की।
इस सहभागिता ने कार्यक्रम के सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं आउटरीच पक्ष को और मजबूत किया।
विद्यार्थियों को दिए गए प्रमाण-पत्र
कार्यशाला के समापन पर कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इससे विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला और उन्होंने इस अनुभव को यादगार बताया।
कार्यक्रम में शामिल अतिथि प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों की जागरूकता, सक्रिय सहभागिता और विषय को समझने की रुचि की सराहना की। उन्होंने विद्यालय के पब्लिक हेल्थ क्लब द्वारा आयोजित इस पहल को भी प्रशंसनीय बताया।
पब्लिक हेल्थ क्लब की प्रथम पत्रिका बनी विशेष आकर्षण
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या गार्गी घोष कंसाबनिक ने सभी अतिथियों और विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।
प्रधानाचार्या ने अतिथि प्रतिनिधियों को विद्यालय की ओर से स्मृति-चिह्न भेंट किए। इसके साथ ही पब्लिक हेल्थ क्लब की प्रथम पत्रिका भी अतिथियों को प्रदान की गई।
यह पत्रिका विद्यालय में स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में क्लब की गतिविधियों और प्रयासों को दर्शाने वाली महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई।
विद्यालय के लिए यादगार बना आयोजन
एसडीआरवी कॉन्वेंट स्कूल में आयोजित यह कार्यशाला विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं भविष्य से जुड़े विषय पर जागरूकता का एक महत्वपूर्ण प्रयास रही। खास तौर पर एम्स नई दिल्ली के विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद का अवसर विद्यार्थियों के लिए सीखने का महत्वपूर्ण अनुभव बना।
कार्यशाला ने यह संदेश भी दिया कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल उपचार ही नहीं, बल्कि शुरुआती स्तर पर जागरूकता और रोकथाम भी उतनी ही आवश्यक है।
विद्यालय के पब्लिक हेल्थ क्लब की यह पहल किशोरों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सही निर्णय लेने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक सार्थक कदम के रूप में देखी जा रही है।
विशेष संदेश
“जागरूक किशोर, स्वस्थ समाज और नशामुक्त भविष्य”—इसी सोच के साथ आयोजित यह कार्यशाला विद्यार्थियों को ज्ञान, संवाद और सकारात्मक सोच से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रही।

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