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स्पेशल स्टोरी:--'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को जीएनआईओटी एमबीए संस्थान ने दिया नया आयाम, परिसर में लगाए औषधीय, फलदार और छायादार पौधे

मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"
Vision Live News | ग्रेटर नोएडा 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से देशभर में चलाए जा रहे "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत जीएनआईओटी एमबीए संस्थान, ग्रेटर नोएडा में शुक्रवार को व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थान परिसर में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए औषधीय, फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के प्रबंधन, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर हरित एवं स्वच्छ भारत के संकल्प को मजबूत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. अंशुल शर्मा ने की। इस अवसर पर मैनेजमेंट सदस्य जे. एस. रावल, वाइस प्रेसिडेंट टी. एन. चौरसिया तथा सुशील भारद्वाज ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
विविध प्रजातियों के पौधे लगाए गए
अभियान के तहत सहजन (मोरिंगा), जामुन, नीम, गुड़हल, पीपल, बेलपत्र, मीठा नीम और बरगद सहित कई औषधीय, फलदार और छायादार पौधे लगाए गए। संस्थान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित करना है।
विद्यार्थियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
पौधारोपण कार्यक्रम में संस्थान के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, विद्यार्थी, नॉन-टीचिंग स्टाफ तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने भविष्य में भी ऐसे अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।
"प्रकृति का संरक्षण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हो" : जे. एस. रावल
मैनेजमेंट सदस्य जे. एस. रावल ने कहा कि प्रकृति मानव जीवन का आधार है। यदि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य देना है तो जल, जंगल और जमीन का संरक्षण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी से पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
"एक पौधा लगाना ही नहीं, उसका संरक्षण भी जरूरी" : डॉ. अंशुल शर्मा
संस्थान के निदेशक डॉ. अंशुल शर्मा ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि स्वस्थ जीवन, स्वच्छ वायु और समृद्ध भविष्य की आधारशिला भी हैं। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक पौधा अपनी मां के नाम लगाने और उसकी देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण केवल सरकार या संस्थानों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है।
हरित भविष्य की ओर जीएनआईओटी का एक और कदम
संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि जीएनआईओटी समय-समय पर पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के माध्यम से संस्थान ने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करने का प्रयास किया।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने के साथ हुआ। संस्थान ने भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता अभियानों को निरंतर जारी रखने का विश्वास व्यक्त किया।
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