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27 वर्षों से जारी गुरु गोरखनाथ–जाहरवीर गोगा जी की आस्था यात्रा, कठेहरा से बगड़ धाम के लिए रवाना हुआ श्रद्धालुओं का कारवां


राजस्थान के गोरख टीला, गोगामेड़ी और ददरेवा में होंगे दर्शन; 3 सितंबर को लौटेगी यात्रा, 5 सितंबर को धूमधाम से मनाई जाएगी गोगा नवमी
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ गौतमबुद्धनगर 
आस्था, श्रद्धा और परंपरा की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए ग्राम कठेहरा स्थित गुरु गोरखनाथ जी एवं जाहरवीर गोगा जी मंदिर से 30 अगस्त 2026 को श्रद्धालुओं की वार्षिक यात्रा बगड़ धाम के लिए रवाना हुई। यह यात्रा लगातार 27 वर्षों से श्रद्धा और विश्वास के साथ आयोजित की जा रही है। हर वर्ष की भांति इस बार भी यात्रा में गांव एवं आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
यात्रा में बड़े-बुजुर्गों से लेकर मातृशक्ति, नौजवान और बच्चे उत्साहपूर्वक शामिल हुए। श्रद्धालुओं का यह कारवां राजस्थान स्थित धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों गोरख टीला, गोगामेड़ी और ददरेवा पहुंचकर गुरु गोरखनाथ एवं जाहरवीर गोगा जी के दर्शन और पूजा-अर्चना करेगा। यात्रा का आयोजन रविंद्र भगत (गुरु जी) के सौजन्य से किया जा रहा है।
आस्था के साथ 27 साल पुरानी परंपरा
कठेहरा गांव से निकलने वाली यह धार्मिक यात्रा अब केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा का प्रतीक बन चुकी है। लगातार 27 वर्षों से श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होकर गोगामेड़ी और अन्य धार्मिक स्थलों पर पहुंचते हैं तथा बाबा जाहरवीर गोगा जी से परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन और धार्मिक जयघोष के साथ बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। बुजुर्गों के साथ युवा पीढ़ी और बच्चे भी इस परंपरा से जुड़ रहे हैं, जिससे धार्मिक संस्कृति और सामाजिक एकजुटता को मजबूती मिल रही है।
3 सितंबर को कठेहरा मंदिर लौटेगी यात्रा
यात्रा में शामिल श्रद्धालु राजस्थान के विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के बाद 3 सितंबर 2026 को वापस ग्राम कठेहरा स्थित मंदिर परिसर में पहुंचेंगे। यात्रा की वापसी के बाद मंदिर में आगामी धार्मिक आयोजन की तैयारियां शुरू होंगी।
5 सितंबर को धूमधाम से मनाई जाएगी गोगा नवमी
ग्राम कठेहरा स्थित मंदिर में 5 सितंबर 2026 को गोगा नवमी का पर्व बड़ी धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाएगा। दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
गोगा नवमी के दिन श्रद्धालु मंदिर में पहुंचकर बाबा जाहरवीर गोगा जी की पूजा-अर्चना करेंगे, अपनी मनोकामनाएं मांगेंगे और प्रसाद चढ़ाकर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। दिन में भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जबकि रात्रि में जागरण होगा। धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
जगपाल यादव की अनूठी आस्था
मंदिर से जुड़े भक्त जगपाल यादव की बाबा के प्रति विशेष आस्था चर्चा का विषय बनी हुई है। वह पिछले कई वर्षों से मंदिर से जुड़े हुए हैं और अपनी श्रद्धा के चलते दो महीने और एक सप्ताह का उपवास रखते हैं। बताया गया कि गोगामेड़ी पहुंचकर बाबा की पूजा-अर्चना और दर्शन करने के बाद ही वह अपना उपवास खोलते हैं।
उनकी यह आस्था धार्मिक विश्वास और बाबा जाहरवीर गोगा जी के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा को दर्शाती है।
यात्रा में शामिल हुए श्रद्धालु
इस धार्मिक यात्रा में रविंद्र भगत (गुरु जी), अजब सिंह, देवनंदन, बरसात चौरसिया, ऋषि नंबरदार, श्रीपाल, बलराज, गजेंद्र, निर्देश मंडिया, कंवर राठी, सोनू, संजय, योगेश मास्टर, मनीष बीडीसी, आनंद, अवनीश, हरेंद्र, महिपाल, मनोज लोनी, रुपेश, नितिन, सोनू भड़ाना सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
धर्म के साथ सामाजिक एकता का संदेश
कठेहरा से हर वर्ष निकलने वाली यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक भाईचारे और एकता का भी संदेश देती है। यात्रा में अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि गांव की धार्मिक परंपराएं आज भी लोगों को एकजुट करने का काम कर रही हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा जाहरवीर गोगा जी के प्रति उनकी आस्था पीढ़ियों से चली आ रही है और हर वर्ष गोगामेड़ी की यात्रा में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य और आध्यात्मिक अनुभव है। 27 वर्षों से लगातार जारी यह यात्रा आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य कर रही है।


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