BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

मुकेश की अमर आवाज से सजी ‘शुक्रिया मुकेश–2026’ की यादगार शाम, पूरे हुए 21 गौरवशाली वर्ष


नोएडा में फिर जीवंत हुआ हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम संगीत का दौर, कालजयी गीतों पर झूमे संगीत प्रेमी
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" /  नोएडा
महान पार्श्व गायक मुकेश की अमर आवाज, सादगी और भावपूर्ण गायकी को समर्पित प्रतिष्ठित वार्षिक संगीत समारोह ‘शुक्रिया मुकेश–2026’ रविवार को एन.ई.ए. ऑडिटोरियम, सेक्टर-6, नोएडा में यादगार माहौल के बीच आयोजित हुआ। नवरत्न फाउंडेशन्स द्वारा आयोजित इस विशेष संगीतमय संध्या में मुकेश के सदाबहार गीतों ने श्रोताओं को हिंदी सिनेमा के उस स्वर्णिम दौर की यादों में पहुंचा दिया, जब गीत केवल मनोरंजन नहीं बल्कि भावनाओं की अभिव्यक्ति हुआ करते थे।
21 वर्षों से कायम है संगीत को समर्पित परंपरा
मुकेश की संगीत विरासत को समर्पित इस अनूठे आयोजन ने इस वर्ष अपने 21 गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए। दो दशक से अधिक समय से लगातार आयोजित हो रहा ‘शुक्रिया मुकेश’ अब नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के संगीत प्रेमियों के बीच एक प्रतिष्ठित वार्षिक आयोजन का रूप ले चुका है।
इस पहल का उद्देश्य केवल मुकेश के गीतों को याद करना नहीं, बल्कि उनकी गायकी की संवेदनशीलता, सादगी और भावनात्मक गहराई को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है।
वीडियो प्रस्तुति से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ नवरत्न फाउंडेशन्स के गीत की वीडियो प्रस्तुति के साथ हुआ। इसके बाद नवरत्न फाउंडेशन्स के अध्यक्ष डॉ. अशोक श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में वंदे मातरम् और राष्ट्रगान की प्रस्तुति ने पूरे सभागार को गरिमा, सम्मान और राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया।
दिल्ली-एनसीआर के कलाकारों ने बांधा समां
संगीतमय संध्या में दिल्ली-एनसीआर के अनेक प्रतिभाशाली कलाकारों ने मुकेश के लोकप्रिय गीतों को अपनी आवाज में प्रस्तुत कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में विनय सेठिया, अंशुमाली सिन्हा, वाई.के. विज, सपना भटनागर, ग्रुप कैप्टन जी.सी. मेहरा, रूप राजिंदर सिंह, डॉ. अनुपमा सहाय, डॉ. संजय लाभ, डॉ. सरोज मिश्रा, पंकज माथुर, भावना अवस्थी, जसविंदर परमार, गीता बागेश्वरी, संजय पांडे, धनपत राय, अपर्णा मिश्रा, दिनेश शर्मा, दिवाकर शर्मा, कपिल तिवारी, हेमंत शर्मा, अमित शर्मा, डॉ. सुधीन्द्र मण्डल, सोमेश्वर शर्मा, प्रदीप शर्मा और मोहित शर्मा सहित अनेक कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।
मुकेश के गीतों ने छेड़ी पुरानी यादों की धुन
कार्यक्रम में मुकेश के अनेक लोकप्रिय एवं कालजयी गीतों की प्रस्तुतियां हुईं। ‘जाने कहाँ गए वो दिन’, ‘इक दिन बिक जाएगा माटी के मोल’, ‘एक प्यार का नगमा है’, ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाए’, ‘मेरा जूता है जापानी’, ‘दीवानों से ये मत पूछो’, ‘किसी राह पे किसी मोड़ पर’ और ‘फूल तुम्हें भेजा है खत में’ जैसे गीतों ने सभागार में मौजूद संगीत प्रेमियों को भावुक कर दिया।
इन गीतों की प्रस्तुतियों के दौरान दर्शक कभी तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाते नजर आए तो कभी मुकेश की पुरानी यादों में खोए दिखाई दिए। कई गीतों ने सभागार में ऐसा भावनात्मक माहौल बना दिया कि मानो मुकेश की आवाज वर्षों बाद एक बार फिर उसी आत्मीयता के साथ श्रोताओं के बीच गूंज उठी हो।
दिवाकर शर्मा की प्रस्तुतियों को मिली विशेष सराहना
कार्यक्रम के विशेष आमंत्रित गायक दिवाकर शर्मा की प्रस्तुतियों को भी दर्शकों ने खूब सराहा। एकल और युगल प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों ने मुकेश की गायकी की विशिष्ट शैली, सादगी और भावनात्मक गहराई को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए डॉ. अनूप श्रीवास्तव
कार्यक्रम में विशेष सम्मानित अतिथि डॉ. अनूप श्रीवास्तव, रिटायर्ड आईआरएस एवं जीएसटी कमिश्नर, की उपस्थिति रही। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए मुकेश की संगीत विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाली इस पहल को महत्वपूर्ण बताया।
आयोजन के पीछे टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम का संचालन अनीता भालवर, आर.जे. कपिल तिवारी और डॉ. अशोक श्रीवास्तव ने किया। डिजिटल प्रस्तुति में संजय पांडे, पंकज माथुर और अंशुमाली सिन्हा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम की ध्वनि व्यवस्था जीतू साउंड द्वारा संभाली गई।
मुकेश की आवाज भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर’—डॉ. अशोक श्रीवास्तव
नवरत्न फाउंडेशन्स के अध्यक्ष डॉ. अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि मुकेश की आवाज भारतीय संगीत की ऐसी अमूल्य धरोहर है, जिसकी मिठास और भावनात्मक गहराई आज भी करोड़ों लोगों के दिलों को छूती है। उन्होंने कहा कि ‘शुक्रिया मुकेश’ के 21 वर्ष पूरे होना नवरत्न फाउंडेशन्स के लिए गर्व का विषय है। संस्था का प्रयास है कि मुकेश की महान संगीत विरासत आने वाली पीढ़ियों तक उसी आत्मीयता के साथ पहुंचती रहे।
मुकेश का संगीत हर पीढ़ी को जोड़ता है’—विवेक श्रीवास्तव
नवरत्न फाउंडेशन्स के उपाध्यक्ष विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि मुकेश के गीतों की सबसे बड़ी खूबसूरती उनकी सादगी और भावनात्मक जुड़ाव है। उनकी आवाज किसी एक दौर तक सीमित नहीं रही, बल्कि हर पीढ़ी के श्रोताओं को अपने साथ जोड़ती रही है। उन्होंने कहा कि ‘शुक्रिया मुकेश–2026’ में दर्शकों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि मुकेश का संगीत आज भी उतना ही प्रासंगिक और लोकप्रिय है।
कलाकारों और अतिथियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी कलाकारों एवं सम्मानित अतिथियों को स्मृति-चिह्न एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान आयोजन से जुड़े लोगों ने मुकेश की संगीत विरासत को आगे भी इसी तरह जीवंत रखने का संकल्प दोहराया।
सच्चा संगीत समय की सीमाओं से परे होता है
‘शुक्रिया मुकेश–2026’ की पूरी शाम संगीत, स्मृतियों और भावनाओं से सराबोर रही। 21 वर्षों की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि सच्चा संगीत कभी पुराना नहीं होता। मुकेश की आवाज आज भी लोगों के दिलों में उसी शिद्दत से गूंजती है और उनके गीत आने वाली पीढ़ियों को प्रेम, संवेदना और मानवीय भावनाओं से जोड़ते रहेंगे।

.header-ads img { height:300px !important; max-height:300px !important; width:150% !important; object-fit:cover; }