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आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में पायथन प्रोग्रामिंग पर एफडीपी का दूसरा दिन, लाइव कोडिंग से निखरे शिक्षकों के तकनीकी कौशल

 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
 आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के अनुप्रयुक्त विज्ञान एवं मानविकी विभाग द्वारा आयोजित पायथन प्रोग्रामिंग विषयक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का दूसरा दिन तकनीकी सीख, व्यावहारिक प्रशिक्षण और सक्रिय सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों ने पायथन प्रोग्रामिंग की आधुनिक अवधारणाओं को समझने और अपने प्रोग्रामिंग कौशल को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उत्साहपूर्वक भाग लिया।
दूसरे दिन कुल चार तकनीकी एवं ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किए गए, जिनका मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को पायथन प्रोग्रामिंग के मूलभूत और उन्नत विषयों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। सभी सत्रों में थ्योरी के साथ-साथ लाइव कोडिंग और प्रैक्टिकल अभ्यास पर विशेष जोर दिया गया, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक प्रोग्रामिंग वातावरण का अनुभव प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों का संचालन प्रतिष्ठित विशेषज्ञ आस्था गोयल एवं प्रवीर सक्सेना ने किया। प्रथम सत्र में आस्था गोयल ने Strings और Lists की अवधारणाओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने इन डेटा स्ट्रक्चर्स के उपयोग, विशेषताओं और विभिन्न प्रोग्रामिंग समस्याओं के समाधान में उनकी भूमिका को सरल उदाहरणों और इंटरैक्टिव अभ्यासों के माध्यम से स्पष्ट किया। प्रतिभागियों ने भी विभिन्न प्रोग्रामिंग गतिविधियों में सक्रिय भाग लेकर अपनी समझ को और मजबूत किया।
इसके बाद आयोजित शेष सत्रों में प्रवीर सक्सेना ने Tuples तथा Conditional Statements जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लाइव कोडिंग के माध्यम से यह प्रदर्शित किया कि किस प्रकार निर्णय-निर्धारण (Decision Making) आधारित प्रोग्राम तैयार किए जाते हैं तथा विभिन्न परिस्थितियों में लॉजिकल कंडीशंस का प्रभावी उपयोग किया जाता है। उनके व्यावहारिक प्रदर्शन और चरणबद्ध व्याख्या ने प्रतिभागियों के लिए जटिल अवधारणाओं को भी सहज बना दिया।
पूरे प्रशिक्षण के दौरान संकाय सदस्यों ने प्रश्नोत्तर, अभ्यास और चर्चा के माध्यम से सक्रिय सहभागिता निभाई, जिससे सभी सत्र अत्यंत संवादात्मक और प्रभावी रहे। विशेषज्ञों द्वारा अपनाई गई हैंड्स-ऑन (Hands-on) लर्निंग पद्धति ने प्रतिभागियों को न केवल पायथन प्रोग्रामिंग की तकनीकी बारीकियों से परिचित कराया, बल्कि वास्तविक परियोजनाओं और शैक्षणिक कार्यों में इसके उपयोग की भी बेहतर समझ विकसित की।
कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि इस प्रकार के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्देश्य शिक्षकों को नवीनतम तकनीकों से जोड़ना और उनकी तकनीकी दक्षता को लगातार उन्नत करना है, ताकि वे विद्यार्थियों को उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और व्यवहारिक शिक्षा प्रदान कर सकें। कार्यक्रम के आगामी सत्रों में भी पायथन प्रोग्रामिंग के अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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