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श्रीराम मंदिर के कथित वित्तीय प्रबंधन पर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में निकली 'सद्बुद्धि पदयात्रा'

निष्पक्ष न्यायिक जांच, ट्रस्ट भंग कर शंकराचार्यों व पुजारियों को प्रबंधन सौंपने की मांग; भाजपा और आरएसएस पर भी साधा निशाना
रिपोर्ट: मौहम्मद इल्यास "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के वित्तीय प्रबंधन और चढ़ावे को लेकर लगाए गए कथित आरोपों के मुद्दे पर जिला कांग्रेस कमेटी, गौतमबुद्ध नगर ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट में "सद्बुद्धि पदयात्रा" निकालकर विरोध दर्ज कराया। पार्टी ने मंदिर के वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी तीखे राजनीतिक आरोप लगाए।
सुपरटेक इको विलेज-1 से शुरू हुई पदयात्रा पंचमुखी हनुमान मंदिर, ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक पहुंची। पदयात्रा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अलावा स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर भगवान श्रीराम की मर्यादा, मंदिर की गरिमा और वित्तीय पारदर्शिता की मांग से जुड़े संदेश दिए। पूरे कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम के जयकारों के साथ कांग्रेस नेताओं ने अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा।
'श्रीराम पूरे देश की आस्था हैं, किसी दल की निजी संपत्ति नहीं'
पदयात्रा से पूर्व आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी, गौतमबुद्ध नगर के अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) सदस्य दीपक भाटी चोटीवाला ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति, मर्यादा और करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम किसी राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं हैं और न ही किसी दल को उनके नाम पर सवालों से बचने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि यदि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के वित्तीय प्रबंधन, दान राशि या चढ़ावे को लेकर किसी प्रकार के गंभीर आरोप सामने आते हैं तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच होना आवश्यक है। इससे न केवल सच्चाई सामने आएगी बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास भी बना रहेगा।
न्यायिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
दीपक भाटी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की मांग है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या भ्रष्टाचार सिद्ध होता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किया गया धन धार्मिक कार्यों, मंदिर व्यवस्था और जनकल्याण के लिए होता है। ऐसे में उसके उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना बेहद आवश्यक है।
ट्रस्ट भंग करने की भी उठाई मांग
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान ट्रस्ट व्यवस्था को तत्काल समाप्त कर मंदिर के प्रबंधन की जिम्मेदारी चारों पीठों के शंकराचार्यों तथा राम मंदिर के पुजारियों को सौंपी जानी चाहिए। उनका कहना था कि इससे मंदिर के प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा।
भाजपा और आरएसएस पर लगाए राजनीतिक आरोप
दीपक भाटी ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा स्वयं को भगवान श्रीराम का सबसे बड़ा संरक्षक बताती है, लेकिन जब मंदिरों के वित्तीय प्रबंधन या पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं तो जवाब देने के बजाय आलोचना को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने कहा कि आस्था का सम्मान केवल धार्मिक नारों से नहीं बल्कि ईमानदार प्रशासन, पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही से होता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई संगठन स्वयं को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों का प्रहरी बताता है तो उसे भी धार्मिक संस्थाओं से जुड़े सवालों पर पारदर्शिता और नैतिक आचरण के पक्ष में स्पष्ट रूप से सामने आना चाहिए। गंभीर आरोपों का तथ्यों के आधार पर उत्तर दिया जाना चाहिए, ताकि समाज में भ्रम की स्थिति पैदा न हो।
'कांग्रेस धर्म के नहीं, भ्रष्टाचार के खिलाफ'
दीपक भाटी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी किसी धर्म, मंदिर या श्रद्धा के खिलाफ नहीं है। पार्टी केवल भ्रष्टाचार, अपारदर्शिता और जवाबदेही के अभाव का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े प्रत्येक रुपये का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए और इसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि "सद्बुद्धि पदयात्रा" का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं बल्कि उन लोगों को सद्बुद्धि की प्रार्थना करना है जो धर्म और आस्था का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग करते हैं। भगवान श्रीराम सत्य, न्याय, मर्यादा और लोककल्याण के प्रतीक हैं, इसलिए उनके नाम पर संचालित प्रत्येक व्यवस्था भी इन्हीं मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए।
बड़ी संख्या में शामिल हुए कार्यकर्ता
पदयात्रा में मुकेश शर्मा, दुष्यंत नागर, महाराज सिंह, गौतम अवाना, नीरज लोहिया, हरेन्द्र शर्मा, कपिल भाटी, श्रुति कुमारी, सुरेंद्र प्रताप, रमा नय्यर, पुनीत मावी, देवेश चौधरी, विजय नागर, सुबोध भट्ट, अरुण भाटी, अरविन्द रेक्सवाल, बिन्नू भाटी, रमेश वाल्मीकि, ओमकार राणा, नितीश चौधरी, रूपेश भाटी, मनोज कुमार, सचिन, नरेश मुखिया, जातां सिन्हा, मुन्ना, गजन प्रधान, ओमप्रकाश दीक्षित, आलोक जैन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


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