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भाकियू (कृषक) के प्रतिनिधिमंडल ने एसीईओ व अधिकारियों के साथ की विस्तृत चर्चा, 64.7% अतिरिक्त मुआवजा, आबादी निस्तारण, रोजगार और स्मार्ट विलेज योजना पर हुई समीक्षा

यमुना प्राधिकरण में किसानों के मुद्दों पर समीक्षा बैठक, 5100 किसानों को एक साथ 7% भूखंड देने की तैयारी

ग्रेटर नोएडा | रिपोर्ट: मौहम्मद इल्यास "दनकौरी"
भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के राष्ट्रीय संरक्षक प्रताप नागर के नेतृत्व में गुरुवार को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सभागार में किसानों की लंबित मांगों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और प्राधिकरण के अधिकारियों ने विभिन्न मांगों पर प्रगति की जानकारी साझा की।
भाकियू (कृषक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर ने बताया कि बैठक में किसानों के 7 प्रतिशत आवासीय भूखंड, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा, आबादी बैकलीज (निस्तारण), क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार, तथा ग्राम विकास जैसे प्रमुख विषयों को प्रमुखता से उठाया गया।
बैठक में यमुना प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार सिंह, विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) शैलेंद्र कुमार सिंह, ओएसडी कृष्ण गोपाल, जीएम प्रोजेक्ट राजेंद्र भाटी, सीनियर मैनेजर प्रमोद खटाना सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने किसानों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि 7 प्रतिशत भूखंड आवंटन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और लगभग 5,100 किसानों को एक साथ भूखंड आवंटित करने की तैयारी की जा रही है।
इसके अलावा अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे का वितरण भी जल्द शुरू किया जाएगा। किसानों की आबादी निस्तारण संबंधी मामलों पर शासन स्तर से आदेश जारी होने की प्रतीक्षा है। प्राधिकरण ने इस विषय में कई बार शासन को पत्र भेजकर शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
बैठक में स्थानीय युवाओं के रोजगार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय किसानों के बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। साथ ही उद्योगों के सहयोग से युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
ग्राम विकास के संबंध में प्राधिकरण ने जानकारी दी कि बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद शेष गांवों में स्मार्ट विलेज परियोजना के तहत विकास कार्यों को गति दी जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो सके।
बैठक के अंत में भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन किसानों की समस्याओं के समाधान तक लगातार संघर्ष करता रहेगा और समय-समय पर प्राधिकरण के साथ समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी करेगा।
बैठक में हरवीर सिंह, प्रताप नागर, ऋषिपाल कसाना, सतपाल नागर, हरेंद्र नागर, एडवोकेट जीतू गुर्जर, पूनम भाटी, एडवोकेट रीना भाटी, सरजीत नागर, जितेंद्र नागर, रविंद्र भाटी, प्रमोद तोगड़, मनीष शर्मा, ऋषभ शर्मा, सोविंदर चेची सहित बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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