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सफाई कर्मियों की हड़ताल के बीच एक्शन में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, वरिष्ठ अफसर खुद उतरे मैदान में; दो ठेकेदारों पर 3 लाख का जुर्माना



मौहम्मद इल्यास "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
 ग्रेटर नोएडा में मैन्युअल स्वीपिंग से जुड़े सफाई कर्मियों की हड़ताल के बीच शहर की सफाई व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पूरी प्रशासनिक मशीनरी को मैदान में उतार दिया है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और परियोजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रविवार को अवकाश होने के बावजूद एसीईओ, ओएसडी, प्रधान महाप्रबंधक, महाप्रबंधक और वरिष्ठ प्रबंधकों ने विभिन्न सेक्टरों एवं औद्योगिक क्षेत्रों का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।
प्राधिकरण के अनुसार, 1 जुलाई से कुछ ठेकेदारों के अधीन कार्यरत सफाई कर्मी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। ऐसे में शहर की स्वच्छता प्रभावित न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ परियोजना विभाग के सभी आठ वर्क सर्किलों को भी सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करें और जहां भी गंदगी मिले, वहां तत्काल सफाई सुनिश्चित कराएं।
प्राधिकरण ने स्वास्थ्य विभाग और परियोजना विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीमें बनाकर सभी आठ वर्क सर्किलों में तैनात कर दी हैं। प्रत्येक टीम को अपने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था की निगरानी, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सफाई कर्मियों की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दी गई है। रविवार को इन टीमों ने कई स्थानों पर निरीक्षण कर मौके पर ही सफाई कराई।
सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई भी शुरू कर दी है। बिमल राज आउटसोर्सिंग प्राइवेट लिमिटेड पर कुल 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसमें जोन-5 में सफाई व्यवस्था संतोषजनक न मिलने पर महाप्रबंधक (स्वास्थ्य) आर.के. भारती ने 2 लाख रुपये तथा ईकोटेक-3, सेक्टर-2 एवं सेक्टर-3 में गंदगी पाए जाने पर वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह ने 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
सफाई कर्मियों की कमी को देखते हुए प्राधिकरण ने सफाई कार्य का समय भी बढ़ा दिया है। अब सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक लगभग 12 घंटे सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था सामान्य रूप से जारी है। शहर में मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों और कूड़ा उठाने वाले वाहनों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। उद्यान विभाग तथा क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को भी सफाई व्यवस्था में लगाया गया है, ताकि किसी भी क्षेत्र में गंदगी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
प्राधिकरण ने सभी ठेकेदारों को पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि किसी क्षेत्र में लगातार गंदगी पाई गई तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ ब्लैकलिस्ट करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है। संबंधित क्षेत्र के प्रभारी अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
रविवार को एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ सुमित यादव, प्रधान महाप्रबंधक संदीप चंद्रा, महाप्रबंधक (स्वास्थ्य) आर.के. भारती, वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक राजेश गौतम, सहायक प्रबंधक गौरव बघेल सहित कई अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। प्राधिकरण के अनुसार, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस और एसीईओ सुमित यादव प्रतिदिन शाम को सभी वर्क सर्किलों से प्राप्त रिपोर्ट की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश भी दे रहे हैं।
एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने ग्रेटर नोएडा के नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं कूड़ा या गंदगी दिखाई दे तो संबंधित क्षेत्र के सुपरवाइजर अथवा प्राधिकरण को तत्काल सूचना दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सफाई कर्मियों की हड़ताल के बावजूद शहर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्राधिकरण हरसंभव प्रयास कर रहा है और किसी भी स्थिति में सफाई व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।


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