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ग्रेटर नोएडा से उठी विकसित भारत की नई हुंकार: जीएनआईओटी के ‘मेराकी–2026’ में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने युवाओं को दिया नेतृत्व, कौशल और नवाचार का मंत्र

स्पेशल रिपोर्ट | Vision Live News
ग्रेटर नोएडा से उठी विकसित भारत की नई हुंकार: जीएनआईओटी के ‘मेराकी–2026’ में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने युवाओं को दिया नेतृत्व, कौशल और नवाचार का मंत्र
23 राज्यों से आए 450 से अधिक विद्यार्थियों, 40 से ज्यादा कॉर्पोरेट कंपनियों और देश के नामचीन उद्योग विशेषज्ञों की मौजूदगी में हुआ भव्य ओरिएंटेशन कार्यक्रम, जीआईएमएस की शिक्षा, उद्योग सहयोग और प्लेसमेंट मॉडल की केंद्रीय मंत्री ने की सराहना
  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
उत्तर प्रदेश का उभरता हुआ शिक्षा केंद्र ग्रेटर नोएडा शनिवार को उस समय देशभर के युवाओं की आकांक्षाओं का मंच बन गया, जब जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ (जीआईएमएस) द्वारा आयोजित "मेराकी–2026" ओरिएंटेशन कार्यक्रम इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में अत्यंत भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। स्नातकोत्तर प्रबंधन डिप्लोमा (पीजीडीएम) सत्र 2026–28 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत के लिए आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक शैक्षणिक औपचारिकता नहीं, बल्कि शिक्षा, उद्योग, नवाचार, नेतृत्व, उद्यमिता और विकसित भारत की परिकल्पना को समर्पित राष्ट्रीय स्तर का प्रेरणादायी आयोजन बनकर सामने आया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने की। इस अवसर पर वाइस चेयरमैन गौरव गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वदेश कुमार सिंह, प्रबंधन सदस्य वंश गुप्ता, जीआईएमएस के निदेशक डॉ. भूपेन्द्र कुमार सोम सहित संस्थान के सभी निदेशक, डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय स्तर का बना आयोजन, देश के कोने-कोने से पहुंचे विद्यार्थी
"मेराकी–2026" की सबसे बड़ी विशेषता इसकी राष्ट्रीय भागीदारी रही। 23 राज्यों से आए 450 से अधिक विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। उनके साथ बड़ी संख्या में अभिभावक भी उपस्थित रहे। वहीं 40 से अधिक राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग विशेषज्ञ, शिक्षाविद और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित लोग भी कार्यक्रम का हिस्सा बने। पूरे सभागार में युवा ऊर्जा, नई उम्मीदें और भविष्य के सपनों की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
भारतीय संस्कृति के साथ आधुनिक शिक्षा का सुंदर संगम
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इसके बाद सभी विशिष्ट अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया। मंच संचालन जीआईएमएस की डीन डॉ. शालिनी शर्मा ने प्रभावशाली और गरिमापूर्ण ढंग से किया।
"भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में सुरक्षित" — चिराग पासवान
अपने प्रेरक और ओजस्वी संबोधन में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि भारत आज विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि यदि देश के युवा शिक्षा, अनुशासन, कौशल विकास, तकनीकी दक्षता और नवाचार को अपनाते हैं तो विकसित भारत का सपना शीघ्र ही साकार होगा।
उन्होंने कहा कि आज केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल अर्थव्यवस्था और स्टार्टअप संस्कृति के इस दौर में युवाओं को निरंतर सीखते रहने की आदत विकसित करनी होगी।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीखना चाहिए। कठिन परिश्रम, ईमानदारी, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं।
उन्होंने कहा कि भारत केवल नौकरी करने वालों का देश नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमियों का देश बनना चाहिए। युवाओं को स्टार्टअप, नवाचार और सामाजिक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
जीआईएमएस की उपलब्धियों से प्रभावित दिखे केंद्रीय मंत्री
अपने संबोधन में चिराग पासवान ने विशेष रूप से जीआईएमएस द्वारा पिछले छह वर्षों में शिक्षा, उद्योग-अकादमिक सहयोग, कौशल विकास, प्रशिक्षण, अनुसंधान, नवाचार और उत्कृष्ट प्लेसमेंट के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि जीआईएमएस ने कम समय में गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई है। यह संस्थान विद्यार्थियों को केवल कक्षाओं तक सीमित शिक्षा नहीं दे रहा, बल्कि उन्हें उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आज ऐसे संस्थानों की आवश्यकता है जो विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, रोजगार कौशल और नैतिक मूल्यों पर समान रूप से कार्य करें और जीआईएमएस इस दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रहा है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा—
"मैं सदैव देश के युवाओं के साथ खड़ा हूं। शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता से जुड़े प्रत्येक सकारात्मक प्रयास में मेरा पूरा सहयोग रहेगा। भारत का भविष्य उसके युवा हैं और युवाओं की सफलता ही राष्ट्र की सफलता है।"
25 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा का उल्लेख
चेयरमैन डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि जीएनआईओटी समूह पिछले 25 वर्षों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं बल्कि ऐसे जिम्मेदार, संवेदनशील, नैतिक और सक्षम नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण करना है जो समाज, उद्योग और राष्ट्र के विकास में प्रभावी योगदान दे सकें।
उद्योग आधारित शिक्षा को बताया समय की आवश्यकता
मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वदेश कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि संस्थान विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल स्किल्स, नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास और उद्योग आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को केवल नौकरी के लिए नहीं, बल्कि नेतृत्व और नवाचार के लिए तैयार करना संस्थान की प्राथमिकता है।
तकनीक अपनाने का दिया संदेश
जीआईएमएस के निदेशक डॉ. भूपेन्द्र कुमार सोम ने संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों, उद्योग-अकादमिक सहयोग, अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन, अनुसंधान, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि बदलती तकनीक के साथ स्वयं को लगातार अपडेट रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जो विद्यार्थी सीखना नहीं छोड़ते, वही भविष्य के सफल प्रबंधक और उद्योगपति बनते हैं।
कॉर्पोरेट जगत के दिग्गजों ने बताए सफलता के सूत्र
कार्यक्रम में देश की कई प्रतिष्ठित कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने विद्यार्थियों से अपने अनुभव साझा किए।
अडानी एंटरप्राइज ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के सीईओ सुधीर दासमंथराव ने कहा कि भविष्य उन्हीं युवाओं का होगा जो जीवनभर सीखने की मानसिकता बनाए रखेंगे।
पीडब्ल्यूसी के निदेशक शिखर गुप्ता ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को आने वाले वर्षों का सबसे बड़ा अवसर बताया।
पीपल ग्रुप के संस्थापक एवं सीईओ अनुपम मित्तल ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, जोखिम उठाने और असफलताओं से सीखने का संदेश दिया।
एक्सेंचर के प्रबंध निदेशक मनहर शर्मा ने कहा कि कॉर्पोरेट जगत अब केवल डिग्री नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, व्यवहार और व्यावसायिक उत्कृष्टता को अधिक महत्व देता है।
प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा ने आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और अनुशासन के माध्यम से जीवन में सफलता प्राप्त करने के अनेक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किए।
इंदर साहनी ने मनोरंजन के साथ दिया जीवन का संदेश
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण प्रसिद्ध हास्य कलाकार, अभिनेता और मंच संचालक इंदर साहनी की प्रस्तुति रही। उन्होंने हास्य के माध्यम से विद्यार्थियों को तनावमुक्त जीवन जीने, सकारात्मक सोच बनाए रखने और चुनौतियों का मुस्कुराकर सामना करने का संदेश दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान पूरा सभागार तालियों और ठहाकों से गूंजता रहा।
विद्यार्थियों को मिला उद्योग से सीधा जुड़ने का अवसर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, उद्योग सहभागिता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम, अनुसंधान, स्टार्टअप संस्कृति, इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, वैश्विक प्रमाणन और प्लेसमेंट प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि आने वाले वर्षों में प्रबंधन शिक्षा किस प्रकार बदल रही है और नई तकनीकों के साथ स्वयं को कैसे तैयार करना होगा।
ग्रेटर नोएडा की बढ़ती शैक्षणिक पहचान
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जीएनआईओटी जैसे संस्थानों के कारण ग्रेटर नोएडा देश के प्रमुख उच्च शिक्षा केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। यहां देश के विभिन्न राज्यों से हजारों विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने आते हैं, जिससे यह क्षेत्र केवल औद्योगिक ही नहीं बल्कि शैक्षणिक राजधानी के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
मेराकी–2026 बना नए सपनों की शुरुआत का मंच
कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें शिक्षा, अनुशासन, नवाचार, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाने का संदेश दिया।
"मेराकी–2026" ने यह साबित किया कि आज के दौर में ओरिएंटेशन कार्यक्रम केवल परिचय का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों, उद्योग की अपेक्षाओं और राष्ट्र निर्माण की भूमिका से जोड़ने वाला सशक्त मंच बन चुके हैं। जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ ने इस आयोजन के माध्यम से एक बार फिर यह संदेश दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण, उत्कृष्ट प्लेसमेंट और सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास ही भविष्य के भारत की सबसे बड़ी पूंजी है।
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