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जेवर टोल पर पंचायत को लेकर किसानों की तैयारी, पुलिस ने ग्रेटर नोएडा में रोका; अधिकारियों को सौंपा गया ज्ञापन


    मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
यमुना एक्सप्रेसवे और प्राधिकरण से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रस्तावित जेवर टोल पंचायत को उस समय रोक दिया गया, जब पुलिस प्रशासन ने ग्रेटर नोएडा में ही उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और अधिकारियों व किसान नेताओं के बीच वार्ता के बाद ज्ञापन सौंपकर कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के कार्यकर्ता संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री हरबीर सिंह के नेतृत्व में जेवर टोल पर पंचायत करने के लिए एकत्रित हो रहे थे। जैसे ही कार्यकर्ता ग्रेटर नोएडा स्थित संगठन कार्यालय पर जुटने लगे, पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। बीटा-2 थाना प्रभारी विनोद कुमार पुलिस बल और बस के साथ मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को जेवर की ओर बढ़ने से रोक दिया।

इस दौरान कुछ समय के लिए मौके पर हल्का तनावपूर्ण माहौल बन गया, क्योंकि संगठन के पदाधिकारी जेवर टोल पहुंचकर पंचायत करने पर अड़े हुए थे। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और वार्ता का रास्ता अपनाया गया।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर ने कहा कि यमुना प्राधिकरण एवं यमुना एक्सप्रेसवे से प्रभावित किसानों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, जिनका समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने प्रमुख मांगों को रखते हुए कहा कि किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए, साथ ही 10 प्रतिशत विकसित भूखंड उपलब्ध कराया जाए। जिन किसानों की आबादी का निस्तारण अब तक नहीं हुआ है, उनकी आबादी को छोड़ा जाए और जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है, उन्हें टोल प्लाजा पर निशुल्क आवागमन की सुविधा दी जाए।

मौके पर पहुंचे एडीसीपी संतोष कुमार ने किसान नेताओं से बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और टोल महाप्रबंधक के खिलाफ की गई शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इसके बाद किसान नेताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन एडीसीपी को सौंपा। प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने फिलहाल पंचायत के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया।

इस दौरान हरबीर सिंह, प्रताप नागर, ऋषिपाल कसाना, सतपाल नागर, हरेंद्र नागर, जीतू गुर्जर, कपिल कसाना, सरजीत नागर, प्रमोद चौधरी, विकास नागर, नरेश जाट, टीटू प्रधान, ओपी भाटी, विनोद अवाना, जितेंद्र नागर, प्रमोद तोगड़, भोला भाटी, दिनेश बसल, भगवान शर्मा, सौरव वर्मा, संजय नागर, सोविंदर चेची, विक्रम नागर, आदेश नागर, भरत असतौली सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम किसानों की मांगों और प्रशासन के बीच जारी संवाद को दर्शाता है, जिसमें एक ओर किसान अपने अधिकारों को लेकर मुखर हैं, वहीं प्रशासन भी स्थिति को नियंत्रित रखते हुए समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है।


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