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“जेवर एयरपोर्ट भूमि अधिग्रहण पर उठे सवाल”

🔴 Vision Live News | विशेष रिपोर्ट
🖊️ मौहम्मद इल्यास "दनकौरी" /  गौतमबुद्धनगर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) परियोजना जहां एक ओर विकास का बड़ा प्रतीक मानी जा रही है, वहीं अब इसकी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस नेता एवं प्रवक्ता दुष्यंत नागर ने इस मुद्दे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं।
मीडिया से खास बातचीत में दुष्यंत नागर ने कहा कि भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही है और प्रभावित किसानों के साथ न्याय नहीं हुआ।
नागर ने आरोप लगाते हुए कहा,
“भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में बड़ा खेल खेला जा रहा है। शहरीकरण के जो मानक निर्धारित किए गए हैं, उनका पालन नहीं किया गया है। एयरपोर्ट के नाम पर यहां के किसानों को ठगा गया है। भूमि अधिग्रहण संशोधन कानून 2013 यहां पर लागू नहीं किया गया है, न ही उसके लाभ किसानों को दिए जा रहे हैं। यदि कांग्रेस के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश में सरकार आती है, तो इस पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी और एक स्वतंत्र आयोग गठित किया जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा कि कई किसानों ने मुआवजे की दर, पुनर्वास नीति और अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर गंभीर असंतोष जताया है। उनके अनुसार, कई मामलों में किसानों से पर्याप्त संवाद भी नहीं किया गया, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं का विरोध नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर किसानों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकती। सरकार को चाहिए कि वह प्रभावित किसानों के हितों की रक्षा करते हुए पारदर्शी और न्यायपूर्ण प्रक्रिया सुनिश्चित करे।
इस बयान के बाद जेवर एयरपोर्ट परियोजना को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और किसानों की समस्याओं का समाधान किस प्रकार किया जाता है।

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