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योग सप्ताह के पंचम दिवस पर विकास भवन सूरजपुर में गूंजा ‘स्वस्थ जीवन’ का संदेश

नियमित योग से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक उन्नयन संभव : भालचन्द्र त्रिपाठी
मौहम्मद इल्यास "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून 2026) के उपलक्ष्य में जनपद गौतम बुद्ध नगर में आयोजित योग सप्ताह के अंतर्गत पंचम दिवस पर विकास भवन, सूरजपुर परिसर में एक भव्य, सुव्यवस्थित और प्रेरणादायी योग साधना शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी भालचन्द्र त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, आयुष विभाग के विशेषज्ञ और स्वास्थ्यकर्मी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन सामूहिक योगाभ्यास से हुई, जिसमें उपस्थित प्रतिभागियों ने अनुशासन और उत्साह के साथ योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विभिन्न क्रियाओं का अभ्यास किया। आयुष विभाग के प्रशिक्षित योगाचार्यों—कुलभूषण धर दुबे, मनीष धर दुबे एवं सविता शर्मा—ने प्रतिभागियों को न केवल योगाभ्यास कराया, बल्कि प्रत्येक आसन के पीछे छिपे वैज्ञानिक कारणों, शारीरिक लाभों और मानसिक संतुलन में उसकी भूमिका को भी विस्तार से समझाया।
योग प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, तनाव एवं अवसाद में कमी आती है तथा व्यक्ति अधिक ऊर्जावान और सकारात्मक महसूस करता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से मन को नियंत्रित कर जीवन में एकाग्रता और आत्मविश्वास विकसित किया जा सकता है।
मुख्य विकास अधिकारी भालचन्द्र त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसने आज वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक क्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है।
उन्होंने आगे कहा कि आज की तेज़ रफ्तार और तनावपूर्ण जीवनशैली में योग का महत्व और अधिक बढ़ गया है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में कुछ समय योग के लिए निकाले, तो वह अनेक शारीरिक और मानसिक बीमारियों से बच सकता है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपील की कि वे स्वयं योग को अपनाएं और अपने परिवार तथा समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएं।
भालचन्द्र त्रिपाठी ने विशेष रूप से 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए जनपदवासियों से अधिकाधिक संख्या में सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन को जनभागीदारी से एक जनांदोलन का रूप दिया जाना चाहिए, ताकि योग का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
इस अवसर पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. वंदना रानी तथा जिला होम्योपैथिक अधिकारी डॉ. प्रीति सिंघल ने भी योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग एक सुलभ, किफायती और प्रभावी स्वास्थ्य पद्धति है, जिसे अपनाकर व्यक्ति बिना दवाइयों के भी अनेक बीमारियों से बच सकता है।
आर्ट ऑफ लिविंग की जिला संचालिका सविता शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि योग व्यक्ति को केवल रोगमुक्त ही नहीं बनाता, बल्कि उसे अनुशासित, संयमित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव और जीवनशैली संबंधी रोगों के बीच योग एक संजीवनी के समान है।
कार्यक्रम में आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता की। सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
योग सप्ताह के अंतर्गत आयोजित यह शिविर न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि इसने समाज में सकारात्मक जीवनशैली अपनाने और भारतीय परंपरा के इस अमूल्य ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक सशक्त संदेश भी दिया।
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