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टोल मैनेजमेंट के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, “असामाजिक तत्व” टिप्पणी पर भड़का आक्रोश; एफआईआर की मांग


📍 जेवर/गौतमबुद्धनगर | Vision Live News
✍️ मौहम्मद इल्यास “दनकौरी”

यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर टोल प्लाजा पर टोल मैनेजमेंट के खिलाफ किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसान एकता संघ, अखिल भारतीय किसान सभा और भारतीय किसान परिषद के संयुक्त आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में टोल कंपनी के जनरल मैनेजर द्वारा किसान संगठनों को “असामाजिक तत्व” कहे जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।

बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे सैकड़ों किसान जेवर अंडरपास के नीचे एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय तक मार्च किया। इसके बाद उपजिलाधिकारी दुर्गेश सिंह को ज्ञापन सौंपकर जनरल मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और किसानों के टोल पास बंद करने संबंधी नोटिस तत्काल वापस लेने की मांग की गई।

भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय सचिव उदल आर्य ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के नाम पर किसानों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर मिलीभगत से प्रभावित गांवों को गांव की श्रेणी से बाहर कर दिया गया, जिससे किसानों को नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मिलने वाला चार गुना मुआवजा नहीं मिल सका। साथ ही, वर्षों तक सर्किल रेट का पुनरीक्षण न होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान ने कहा कि आज जो भी व्यक्ति या संगठन प्रशासन और कंपनियों के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे दमन का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मुनेंद्र प्रकरण का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही उजागर करने वालों को निशाना बनाया जा रहा है, जिसकी किसान संगठन कड़ी निंदा करते हैं।

अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि दिसंबर 2024 में किसानों ने 10 प्रतिशत प्लॉट, नए भूमि अधिग्रहण कानून के लागू होने और आबादी निस्तारण जैसी मांगों को लेकर लंबा आंदोलन किया था। उन्होंने कहा कि 6 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री द्वारा किए गए वादे—सर्किल रेट पुनरीक्षण और आबादी निस्तारण—अब तक पूरे नहीं हुए हैं, जिससे किसानों में रोष है।

किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने जेपी इंफ्राटेक से जुड़े कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ऐसी कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा किसानों को “असामाजिक तत्व” कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसान इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेंगे।

किसान संघर्ष मोर्चा ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि जनरल मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई और टोल पास बंद करने के नोटिस वापस नहीं लिए गए, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

धरना-प्रदर्शन का संचालन प्रमोद शर्मा ने किया। इस दौरान अशोक भाटी, सुशांत भाटी, अभय भाटी, संदीप भाटी, सुशील सोनपुर, प्रशांत भाटी, बुधपाल यादव, मनोज यादव, भोजराज रावल, देशराज राणा, करतार नागर, नरेश नागर, आकाश नागर, सुरेंद्र भाटी, पप्पू ठेकेदार, रोहित भाटी, निरंकार प्रधान, अशोक आर्य, राहुल नागर, संदीप चौहान, सचिन एडवोकेट, जयप्रकाश आर्य, प्रेमपाल चौहान, पवन पतला खेड़ा, दुर्गेश शर्मा सहित सैकड़ों किसान, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


किसानों के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर टोल नीति, मुआवजा और प्रशासनिक रवैये को लेकर क्षेत्र में चल रहे असंतोष को उजागर कर दिया है।

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