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एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ग्रेटर नोएडा ने रचा नया इतिहास:-- स्वायत्त (Autonomous) दर्जा, NAAC मान्यता, AI-सक्षम कैंपस और 90% प्लेसमेंट

स्पेशल स्टोरी:---एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने रचा नया इतिहास: स्वायत्त (Autonomous) दर्जा, NAAC मान्यता, AI-सक्षम कैंपस और 90% प्लेसमेंट के साथ उच्च शिक्षा में स्थापित की नई पहचान
- मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"| ग्रेटर नोएडा-
उत्तर प्रदेश का ग्रेटर नोएडा पिछले कुछ वर्षों में औद्योगिक विकास के साथ-साथ उच्च शिक्षा के एक बड़े केंद्र के रूप में भी तेजी से उभरा है। देश-विदेश की अनेक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं की मौजूदगी के बीच अब एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (Accurate Group of Institutions) ने भी अपनी शैक्षणिक यात्रा में एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसे केवल संस्थान की उपलब्धि नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की उच्च शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
संस्थान को स्वायत्त (Autonomous) संस्थान का दर्जा प्राप्त हो गया है। यह दर्जा केवल प्रशासनिक स्वतंत्रता नहीं देता, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, पाठ्यक्रम निर्माण, उद्योग आधारित प्रशिक्षण, मूल्यांकन प्रणाली, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में व्यापक स्वतंत्रता प्रदान करता है। यही कारण है कि शिक्षा विशेषज्ञ स्वायत्तता को किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की परिपक्वता और गुणवत्ता का महत्वपूर्ण संकेतक मानते हैं।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ संस्थान ने NAAC मान्यता, AI-Enabled Campus, Intel GPU आधारित अत्याधुनिक AI Computing Infrastructure, HP जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनी के साथ रणनीतिक साझेदारी, Project-Based Learning, Industry Integrated Curriculum तथा B.Tech (2022–26 बैच) में 90 प्रतिशत प्लेसमेंट जैसे अनेक महत्वपूर्ण आयाम स्थापित किए हैं।
इन उपलब्धियों की औपचारिक घोषणा संस्थान परिसर में आयोजित भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं मीडिया सम्मान समारोह के दौरान की गई, जिसमें राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मीडिया के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों तथा संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान संस्थान की नई शैक्षणिक नीतियों, भविष्य की योजनाओं, उद्योग सहयोग, छात्रवृत्ति योजनाओं और रोजगारोन्मुख शिक्षा मॉडल का विस्तृत रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया।
स्वायत्त दर्जा: अब शिक्षा होगी समय की मांग के अनुरूप
देश में उच्च शिक्षा तेजी से बदल रही है। नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के बाद शिक्षा संस्थानों से अपेक्षा की जा रही है कि वे केवल डिग्री प्रदान करने वाले केंद्र न रहकर नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास के केंद्र बनें।
इसी दिशा में एक्यूरेट ग्रुप को मिला स्वायत्त दर्जा अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब संस्थान अपने पाठ्यक्रम स्वयं तैयार कर सकेगा, उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार समय-समय पर अपडेट करेगा तथा नई तकनीकों को बिना लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया के शिक्षा प्रणाली में शामिल कर सकेगा।
इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा क्योंकि उन्हें वर्षों पुराने पाठ्यक्रमों के बजाय वर्तमान उद्योग की मांग के अनुरूप शिक्षा प्राप्त होगी।
उद्योग और शिक्षा के बीच की दूरी होगी कम
आज देश की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है कि लाखों विद्यार्थी डिग्री तो प्राप्त कर लेते हैं, लेकिन उद्योगों की अपेक्षाओं के अनुरूप कौशल विकसित नहीं कर पाते।
एक्यूरेट ग्रुप का दावा है कि उसकी नई स्वायत्त शिक्षा प्रणाली इसी अंतर को समाप्त करने का प्रयास करेगी।
संस्थान का Board of Studies अब केवल शिक्षकों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसमें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों, कॉर्पोरेट कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों तथा उद्योग विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा।
यही विशेषज्ञ समय-समय पर यह तय करेंगे कि विद्यार्थियों को किन नई तकनीकों, किन सॉफ्ट स्किल्स और किन प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स की आवश्यकता है।
HP के साथ साझेदारी: भविष्य की तकनीकों में मिलेगा वैश्विक प्रशिक्षण
डिजिटल युग में Artificial Intelligence, Machine Learning, Cloud Computing और Data Science जैसी तकनीकें रोजगार का भविष्य तय कर रही हैं।
इसी को देखते हुए संस्थान ने वैश्विक तकनीकी कंपनी HP के साथ रणनीतिक साझेदारी की है।
इस सहयोग के अंतर्गत विद्यार्थियों और फैकल्टी को निम्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा—
Artificial Intelligence
Generative AI
Cloud Computing
Cyber Security
Data Science
Data Analytics
Internet of Things (IoT)
इसके साथ उद्योग आधारित अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि विद्यार्थी वैश्विक रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।
AI-Enabled Campus: जहां तकनीक बनेगी शिक्षा का आधार
एक्यूरेट ग्रुप ने अपने पूरे परिसर को AI-सक्षम कैंपस के रूप में विकसित किया है।
संस्थान में—
स्मार्ट क्लासरूम
डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म
AI आधारित शिक्षण प्रणाली
अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब
Intel GPU आधारित AI Computing Infrastructure
हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सुविधाएं
विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई गई हैं।
संस्थान का उद्देश्य केवल AI पढ़ाना नहीं बल्कि AI के माध्यम से पढ़ाना भी है।
Project-Based Learning: किताबों से निकलकर वास्तविक दुनिया तक
संस्थान का मानना है कि भविष्य की शिक्षा केवल परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं रह सकती।
इसीलिए यहां विद्यार्थियों को—
Live Projects
Industry Projects
Product Development
Design Thinking
Innovation Labs
Entrepreneurship
Research Projects
के माध्यम से सीखने का अवसर दिया जा रहा है।
इस मॉडल से विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान ही उद्योग जैसी परिस्थितियों में काम करना सीखते हैं।
90 प्रतिशत प्लेसमेंट: शिक्षा मॉडल की बड़ी सफलता
संस्थान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक उसका प्लेसमेंट रिकॉर्ड भी रहा।
B.Tech (2022–26 बैच) में 90 प्रतिशत विद्यार्थियों का प्लेसमेंट हुआ।
संस्थान के अनुसार—
अधिकतम पैकेज — ₹24.60 लाख प्रतिवर्ष
औसत पैकेज — ₹4.20 लाख प्रतिवर्ष
संस्थान का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में औसत पैकेज को ₹6 लाख से अधिक तक पहुंचाना है।
मेधावी विद्यार्थियों के लिए विशेष छात्रवृत्ति
एक्यूरेट ग्रुप ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आकर्षक छात्रवृत्ति योजनाओं की घोषणा की है।
100 प्रतिशत तक मेरिट स्कॉलरशिप
सभी पात्र छात्राओं के लिए ₹10,000 अतिरिक्त छात्रवृत्ति
पहले 100 विद्यार्थियों के लिए Exclusive Introductory Merit Scholarship
संस्थान का कहना है कि कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी केवल आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
देश में तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने अपना Incubation Centre स्थापित किया है।
वर्ष 2026 में 10 स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
विद्यार्थियों को बिजनेस मॉडल तैयार करने, निवेशकों से जुड़ने, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और स्टार्टअप प्रबंधन की भी जानकारी दी जाएगी।
वैश्विक अवसरों के लिए तैयार होंगे विद्यार्थी
संस्थान नियमित रूप से—
Summer Internship
Corporate Certification
Employability Training
Soft Skill Development
International Academic Collaboration
Live Industry Assignment
का आयोजन कर रहा है।
विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ हुए समझौतों (MoUs) के माध्यम से विद्यार्थियों को वैश्विक अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
चेयरपर्सन पूनम शर्मा का विजन
चेयरपर्सन पूनम शर्मा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं बल्कि ऐसे युवा तैयार करना है जो वैश्विक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप भविष्य के नेता बन सकें।
उन्होंने कहा कि स्वायत्त दर्जा संस्थान के लिए नई जिम्मेदारियां लेकर आया है और अब गुणवत्ता, नवाचार तथा उद्योग सहयोग को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
डॉ. सुनील मिश्रा ने रखी भविष्य की कार्ययोजना
इंजीनियरिंग निदेशक डॉ. सुनील मिश्रा ने बताया कि संस्थान ने 10–12 वर्षों के कॉर्पोरेट अनुभव वाले विशेषज्ञों की इन-हाउस ट्रेनिंग टीम बनाई है।
यह टीम विद्यार्थियों को AI, Cloud Computing, Cyber Security, Data Science, Data Analytics और IoT जैसी तकनीकों में व्यावहारिक प्रशिक्षण देगी।
उन्होंने बताया कि जुलाई से AI एवं Emerging Technologies पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होंगे तथा लगभग 10 प्रमुख कंपनियों के साथ कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम में रहे ये प्रमुख लोग उपस्थित
कार्यक्रम में PGDM निदेशक डॉ. अभिषेक, MBA निदेशक डॉ. अजय शर्मा, BBA, BCA एवं B.Com निदेशक डॉ. डी.सी. अग्रवाल, MCA विभागाध्यक्ष प्रो. एस.डी. सिंह, डॉ. एस.एल. राजपूत, डॉ. नितिन त्यागी, प्लेसमेंट निदेशक प्रो. सतीश वर्मा, प्लेसमेंट हेड पलक, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. आर.के. तिवारी सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
विजन लाइव का विश्लेषण
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आज सबसे बड़ी चुनौती केवल सीटें बढ़ाना नहीं, बल्कि रोजगार योग्य, तकनीकी रूप से दक्ष और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार मानव संसाधन तैयार करना है। ऐसे समय में एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस को मिला स्वायत्त दर्जा एक महत्वपूर्ण अवसर है। यदि संस्थान अपने घोषित विजन के अनुरूप उद्योगोन्मुख पाठ्यक्रम, शोध संस्कृति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण, स्टार्टअप इकोसिस्टम और कॉर्पोरेट सहयोग को प्रभावी ढंग से लागू करता है, तो यह मॉडल क्षेत्रीय ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भी मिसाल बन सकता है।
हालांकि, किसी भी संस्थान की सफलता केवल अधोसंरचना, घोषणाओं या समझौतों से नहीं मापी जाती। इसकी वास्तविक परीक्षा विद्यार्थियों की सीखने की गुणवत्ता, शोध प्रकाशनों, पेटेंट, नवाचार, उद्यमिता, प्लेसमेंट की निरंतरता और पूर्व छात्रों की उपलब्धियों से होती है। आने वाले वर्षों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्वायत्तता का लाभ किस सीमा तक अकादमिक उत्कृष्टता और छात्र-केंद्रित परिणामों में बदलता है।
यदि एक्यूरेट ग्रुप अपने निर्धारित लक्ष्यों—AI-संचालित शिक्षा, उद्योग-अकादमिक साझेदारी, वैश्विक सहयोग, उच्च गुणवत्ता वाले प्लेसमेंट और स्टार्टअप संस्कृति—को लगातार आगे बढ़ाता है, तो यह केवल ग्रेटर नोएडा ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत में उच्च शिक्षा का एक प्रभावशाली केंद्र बनकर उभर सकता है। शिक्षा जगत की निगाहें अब इस बात पर होंगी कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि भविष्य में किस प्रकार ठोस परिणामों में परिवर्तित होती है।
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