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ग्रेटर नोएडा में एआई विषय पर IEEE की अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ

 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में “सस्टेनेबल कंप्यूटिंग, एकीकृत संचार व्यवस्था और भविष्य की अपार संभावनाएं” विषय पर आई ट्रिपल ई (IEEE) उत्तर प्रदेश चैप्टर द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ आज आईआईटी रुड़की, ग्रेटर नोएडा कैंपस में हुआ।
सम्मेलन में देश-विदेश से भारी उत्साह देखने को मिला। आयोजन के लिए कुल लगभग 1500 शोध-पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से करीब 250 शोध-पत्रों का चयन किया गया। चयनित शोधार्थी अपने शोध कार्य को सम्मेलन में प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे यह मंच वैश्विक ज्ञान-साझेदारी का केंद्र बन गया है।
कार्यक्रम का उद्घाटन कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के पूर्व सचिव श्री अनुराग गोयल, प्रधानमंत्री स्किल इंडिया मिशन के पूर्व सीईओ एवं राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के पूर्व सीओओ श्री जयंत कृष्णा तथा ट्रिपल आईटी प्रयागराज के डीन डॉ. सतीश कुमार सिंह ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में एआई और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे भविष्य की दिशा निर्धारित करने वाला क्षेत्र बताया।
दो दिवसीय सम्मेलन और कार्यशाला में आईटी सेक्टर और उद्योग जगत के कई प्रमुख विशेषज्ञ भी भाग ले रहे हैं। इनमें माइक्रोसॉफ्ट के श्री अनुज तिवारी, फुलक्रम पुश के श्री अमन कौशिक, इंफोसिस के वरुण शर्मा, पीडब्ल्यूसी के सरोज पटनायक, एलएंडटी माइंडट्री के तरुण गुप्ता, ग्रांट थॉर्नटन के कार्तिकेय रमन, डेटा फ्लो के नितिन चतुर्वेदी, एक्सेंचर की रजनी सिंह, डॉ. श्वेता सिन्हा (कैंपस कैटेलिस्ट कंसल्टिंग), अभिषेक सिन्हा और डॉ. विकास द्विवेदी सहित कई विशेषज्ञ शामिल हैं, जो अपने अनुभव और दृष्टिकोण साझा कर रहे हैं।
कार्यक्रम में मंगलमय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के चेयरमैन डॉ. अतुल मंगल, लॉयड इंस्टीट्यूट के सीनियर डायरेक्टर डॉ. राजीव अग्रवाल सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति भी रही।
सम्मेलन के संयोजक डॉ. ए.पी. श्रीवास्तव और पीयूष शंकर गर्ग ने बताया कि IEEE द्वारा प्रायोजित यह सम्मेलन शैक्षिक शोधार्थियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच विचारों के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच है। यह आयोजन न केवल भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं को समझने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि शैक्षिक शोध को व्यावसायिक उपयोग से जोड़ने की अपार संभावनाओं को भी सशक्त बनाता है।
यह सम्मेलन एआई, सस्टेनेबल कंप्यूटिंग और संचार तकनीकों के क्षेत्र में नई दिशाएं तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।