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डाइट दनकौर में ECCE रिसोर्स सेंटर का लोकार्पण, ‘बालवाटिका पत्रिका’ का विमोचन—प्रारंभिक शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

📰  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ गौतमबुद्धनगर
जनपद में प्रारंभिक एवं आधारभूत शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शुक्रवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), दनकौर में ईसीसीई (Early Childhood Care & Education) रिसोर्स सेंटर का लोकार्पण एवं त्रैमासिक ‘बालवाटिका पत्रिका’ का विमोचन गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती अर्चना गुप्ता (उप शिक्षा निदेशक/प्राचार्य, डाइट दनकौर) द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया।
📚 शिक्षकों के लिए बनेगा मॉडल—खेल-आधारित और अनुभवात्मक शिक्षा पर जोर
लोकार्पण के उपरांत रिसोर्स सेंटर का अवलोकन करते हुए श्रीमती अर्चना गुप्ता ने कहा कि यह केंद्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और प्राथमिक शिक्षकों के लिए एक आदर्श अधिगम मॉडल के रूप में विकसित होगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN/NIPUN) के लक्ष्यों को प्राप्त करने में यह केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यहाँ शिक्षकों को खेल-आधारित शिक्षण, अनुभवात्मक अधिगम और बाल मनोविज्ञान आधारित आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे बच्चों की शिक्षा अधिक रुचिकर, सहज और प्रभावी बन सकेगी।
📰 ‘बालवाटिका पत्रिका’ से बच्चों की रचनात्मकता को मंच
कार्यक्रम के दूसरे चरण में त्रैमासिक ‘बालवाटिका पत्रिका’ का विमोचन किया गया। इस पत्रिका में बाल्यावस्था शिक्षा से जुड़ी नवाचारी गतिविधियाँ, बच्चों की रचनाएँ, शिक्षकों के अनुभव और रचनात्मक प्रयोग शामिल किए गए हैं।
अतिथियों ने पत्रिका की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास बच्चों के बौद्धिक, भाषिक और सृजनात्मक विकास को नई दिशा देते हैं और शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावशाली बनाते हैं।
🎭 नन्हें विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने जीता दिल
कार्यक्रम में बालवाटिका के नन्हें बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। बच्चों की आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुति और सहज अभिव्यक्ति ने उपस्थित अतिथियों को भावविभोर कर दिया।
इस दौरान अतिथियों ने बच्चों से संवाद कर उन्हें शैक्षिक सामग्री एवं प्रोत्साहन उपहार भी प्रदान किए।
♻️ ‘कबाड़ से जुगाड़’ टीएलएम बना आकर्षण का केंद्र
रिसोर्स सेंटर में प्रदर्शित ‘कबाड़ से जुगाड़’ आधारित टीचिंग-लर्निंग मटेरियल (TLM) और नवाचारपूर्ण शिक्षण विधियों की विशेषज्ञों द्वारा विशेष सराहना की गई। यह पहल कम संसाधनों में प्रभावी शिक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई।
👥 ये रहे प्रमुख उपस्थित
इस अवसर पर
दीक्षा (ईसीसीई नोडल प्रवक्ता)
अमित कुमार (डीसी निपुण)
अशोक कुमार (नोडल एसआरजी)
राजेश खन्ना, धनराज
अर्चना पाण्डे (सीडीपीओ)
डाइट के प्रवक्तागण, सुपरवाइजर, एआरपी, संकुल शिक्षक, ईसीसीई एजुकेटर, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियाँ
एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: मजबूत नींव, उज्ज्वल भविष्य
यह आयोजन स्पष्ट करता है कि यदि प्रारंभिक शिक्षा को सही दिशा, संसाधन और नवाचार मिले, तो बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। डाइट दनकौर का यह प्रयास जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।