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किसान सभा की बैठक में पुलिस दमन के खिलाफ गरजा स्वर, बड़े आंदोलन का ऐलान

मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा 
किसान सभा की मासिक जिला कमेटी की बैठक आज जैतपुर स्थित जिला कार्यालय में आयोजित हुई, जिसमें किसानों, भूमिहीन किसानों और मजदूरों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। बैठक की अध्यक्षता बाबा करतार ने की।
बैठक में किसानों और मजदूरों पर बढ़ते पुलिस दमन के खिलाफ तीखा रोष व्यक्त किया गया और आने वाले समय में व्यापक एवं संगठित आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया गया।
किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि जब भी किसान और मजदूर अपनी जायज मांगों को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से उठाते हैं, तब पुलिस द्वारा दमनकारी रवैया अपनाकर आंदोलनों को कुचलने की कोशिश की जाती है। उन्होंने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए मजदूर नेता कामरेड गंगेश्वर दत्त शर्मा सहित अन्य नेताओं की नजरबंदी को गैर-कानूनी और अलोकतांत्रिक बताया।
वहीं किसान सभा के महासचिव संदीप भाटी ने 10 प्रतिशत प्लॉट, नए कानूनों का क्रियान्वयन, वेंडिंग जोन दुकानों के आवंटन और आबादी निस्तारण जैसे लंबित मुद्दों को उठाते हुए कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए किसान सभा संघर्ष को और तेज करेगी।
संयोजक वीर सिंह नागर ने किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ व्यापक मोर्चा बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
सीटू दिल्ली-एनसीआर के अध्यक्ष वीरेंद्र गॉड ने कहा कि किसानों को फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, जमीनें सस्ते दामों पर छीनी जा रही हैं और मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी से भी वंचित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मजदूर दिवस मनाने में भी बाधाएं डाली गईं, लेकिन संघर्ष के दम पर कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए।
किसान सभा केंद्रीय कमेटी सदस्य कामरेड पुष्पेंद्र त्यागी ने कहा कि मौजूदा हालात में किसान-मजदूर एकता को मजबूत करना बेहद जरूरी है, क्योंकि संगठित संघर्ष ही अधिकारों की रक्षा का एकमात्र रास्ता है।
सीटू के जिला अध्यक्ष कामरेड गंगेश्वर दत्त शर्मा ने गौतम बुद्ध नगर में बढ़ते पुलिस दमन पर चिंता जताते हुए कहा कि इसका मुकाबला एकजुट होकर करना होगा।
बैठक में पुलिस दमन के खिलाफ बड़े स्तर पर आंदोलन खड़ा करने और किसान-मजदूर एकता को और मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान निरंकार प्रधान, भोजराज रावल, महेश प्रजापति, शेखर प्रजापति, नरेश नागर, सुशील सुनपुरा, रोहित खानपुर, यतेंद्र मायचा, अशोक भाटी, गुरप्रीत एडवोकेट, भगत सिंह, राहुल नागर, सुरेंद्र यादव, सुधीर, धर्मेंद्र एडवोकेट, तेजपाल प्रधान सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।