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ब्रेकिंग न्यूज़ | शिक्षा 🎓🚨 “ग्रेटर नोएडा के एक्यूरेट कॉलेज को मिल सकती है अकादमिक आज़ादी, बदल सकता है पूरे क्षेत्र का एजुकेशन मॉडल”


📍 मौहम्मद इल्यास- ‘दनकौरी’/ लखनऊ / ग्रेटर नोएडा
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) की 55वीं कार्य परिषद् की बैठक में लिया गया एक फैसला अब ग्रेटर नोएडा के शिक्षा परिदृश्य में बड़ा बदलाव ला सकता है।
👉 एक्यूरेट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, ग्रेटर नोएडा को शैक्षणिक स्वायत्तता (Academic Autonomy) देने के प्रस्ताव पर विचार कर उसे आगे की प्रक्रिया के लिए संस्तुत कर दिया गया है।
🔴 क्या होता है “Academic Autonomy”?
यह सिर्फ एक प्रशासनिक शब्द नहीं, बल्कि कॉलेज की पूरी कार्यप्रणाली बदल देने वाला अधिकार है।
अगर एक्यूरेट कॉलेज को स्वायत्तता मिलती है, तो—
✔️ कॉलेज AKTU के तय सिलेबस से अलग अपना कोर्स डिजाइन कर सकेगा
✔️ तेजी से बदलती इंडस्ट्री के हिसाब से नई टेक्नोलॉजी और स्किल बेस्ड प्रोग्राम शुरू कर सकेगा
✔️ परीक्षा, मूल्यांकन और प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग में लचीलापन आएगा
✔️ छात्रों को रियल-टाइम इंडस्ट्री एक्सपोजर और बेहतर प्लेसमेंट अवसर मिलेंगे
👉 आसान शब्दों में:
“डिग्री AKTU की, लेकिन पढ़ाई और दिशा कॉलेज की”
🎯 क्यों खास है एक्यूरेट कॉलेज के लिए यह मौका ?
ग्रेटर नोएडा पहले से ही इंजीनियरिंग और प्रोफेशनल एजुकेशन का बड़ा हब माना जाता है।
👉 ऐसे में अगर एक्यूरेट कॉलेज को स्वायत्तता मिलती है, तो—
▪️ यह संस्थान इनnovation-driven मॉडल अपना सकता है
▪️ स्टार्टअप, रिसर्च और इंडस्ट्री पार्टनरशिप को बढ़ावा मिलेगा
▪️ दूसरे कॉलेजों के लिए रोल मॉडल बन सकता है
📌 यह कदम ग्रेटर नोएडा को “एजुकेशन + इनोवेशन हब” के रूप में और मजबूत कर सकता है।
🏫 AKTU की बैठक—बड़े फैसलों की झलक
बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. जेपी पाण्डेय ने की, जिसमें—
👉 मिर्जापुर, बस्ती, गोंडा और प्रतापगढ़ के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों में
सह-आचार्य और आचार्य पदों पर भर्तियों को मंजूरी
👉 IET, CAS, FOAP लखनऊ और UPID नोएडा में
भर्ती और प्रमोशन प्रस्तावों को स्वीकृति
👉 इंजीनियरिंग कॉलेजों में
ऑडिटोरियम निर्माण के लिए एजेंसी चयन को हरी झंडी
👉 साथ ही अन्य संस्थानों (जैसे कानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) के स्वायत्तता प्रस्तावों पर भी विचार
👥 नीति और शिक्षा जगत के दिग्गज मौजूद
बैठक में कई बड़े नाम शामिल रहे—
👉 डॉ. एमके सुंदरम (प्रमुख सचिव, प्राविधिक शिक्षा)
👉 प्रो. योगेश सिंह (कुलपति, दिल्ली विश्वविद्यालय)
👉 प्रो. निश्चल वर्मा (IIT कानपुर)
👉 प्रो. बरजीव त्यागी (IIT रुड़की)
👉 प्रो. एसके काक (पूर्व कुलपति, MTU)
👉 कुलसचिव केशव सिंह
👉 इससे साफ है कि फैसलों को उच्च स्तर की विशेषज्ञता और नीति दृष्टि के साथ लिया गया है।
📊 ग्राउंड इम्पैक्ट—छात्रों और अभिभावकों के लिए क्या बदलेगा?
👉 पढ़ाई ज्यादा प्रैक्टिकल और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड होगी
👉 पुराने सिलेबस की जगह अपडेटेड टेक्नोलॉजी आधारित कंटेंट आएगा
👉 प्लेसमेंट में कंपनियों की भागीदारी बढ़ सकती है
👉 छात्रों को स्किल + डिग्री दोनों का मजबूत कॉम्बिनेशन मिलेगा
🎯 Vision Live का विश्लेषण
Vision Live News के अनुसार,
एक्यूरेट कॉलेज, ग्रेटर नोएडा को स्वायत्तता देने की प्रक्रिया केवल एक संस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में स्ट्रक्चरल शिफ्ट का संकेत है।
👉 यह कदम पारंपरिक यूनिवर्सिटी-केंद्रित मॉडल से हटकर कॉलेज-केंद्रित इनोवेशन मॉडल की ओर बढ़ने का संकेत देता है।
👉 इससे निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और गुणवत्ता सुधार का दबाव बनेगा।
👉 साथ ही, ग्रेटर नोएडा जैसे उभरते शिक्षा केंद्र को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकती है।
👉 यदि यह प्रक्रिया सफल रहती है, तो आने वाले समय में AKTU से जुड़े और भी संस्थान इसी रास्ते पर चलते नजर आ सकते हैं।


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