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जब स्कूल बना जश्न-ए-मातृत्व का मंच: श्योरान इंटरनेशनल स्कूल में मातृ दिवस ने रचा भावनाओं का उत्सव


 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा
श्योरान इंटरनेशनल स्कूल में इस वर्ष मातृ दिवस का आयोजन सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह मातृत्व के सम्मान, परिवारिक जुड़ाव और खुशियों के अनूठे संगम के रूप में सामने आया। विद्यालय परिसर उस समय जीवंत हो उठा जब सैकड़ों माताएं अपने बच्चों के साथ इस खास दिन को यादगार बनाने पहुंचीं।
कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि यहां माताएं सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि कार्यक्रम की मुख्य केंद्र रहीं। म्यूजिकल चेयर रेस हो या फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता—हर गतिविधि में माताओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर यह साबित किया कि वे हर भूमिका में अव्वल हैं। तंबोला गेम और केक कटिंग समारोह ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया, जहां हंसी, तालियों और उत्साह की गूंज लगातार सुनाई देती रही।
विद्यालय प्रशासन ने इस आयोजन को “मां और बच्चों के रिश्ते को और मजबूत करने का प्रयास” बताया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरे पर अपनी मां को मंच पर देख गर्व और खुशी साफ झलक रही थी। यह सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का ऐसा पल था, जिसने हर किसी के दिल को छू लिया।
फूड स्टॉल्स पर सजे विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजनों ने आयोजन में रंग और भी गहरा कर दिया। माताएं जहां एक ओर प्रतियोगिताओं में भाग ले रही थीं, वहीं दूसरी ओर आपस में संवाद और अनुभव साझा कर एक सामुदायिक भावना को भी मजबूत कर रही थीं।
कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया, लेकिन असली जीत उस खुशी और अपनत्व की रही, जो हर चेहरे पर नजर आ रही थी।
श्योरान इंटरनेशनल स्कूल का यह आयोजन इस बात का उदाहरण बन गया कि जब शिक्षा संस्थान मातृत्व जैसे भावनात्मक पहलुओं को सम्मान देने के लिए आगे आते हैं, तो वे केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संवाहक भी बन जाते हैं।