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श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में निःशुल्क चिकित्सा जाँच शिविर का सफल आयोजन

📰 Vision Live / दनकौर 
श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में बुधवार को बाबा सूखामल डालचन्द नम्बरदार हॉस्पिटल, दनकौर के सहयोग से निःशुल्क चिकित्सा जाँच शिविर का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्रबंधक श्री रजनीकांत अग्रवाल के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।
इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं स्टाफ को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना था। वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, तनाव, असंतुलित आहार और शारीरिक निष्क्रियता के चलते बढ़ती बीमारियों को ध्यान में रखते हुए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
शिविर के दौरान रक्तचाप, मधुमेह और सामान्य शारीरिक परीक्षण सहित विभिन्न जांचें निःशुल्क की गईं। साथ ही विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और रोग-निवारण के उपायों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच से बीमारियों का प्रारंभिक अवस्था में ही पता लगाया जा सकता है, जिससे उपचार अधिक प्रभावी हो जाता है।
शिविर में बाबा सूखामल डालचन्द नम्बरदार हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। टीम में डॉ. तरन्नुम खान (स्त्री रोग विशेषज्ञ), डॉ. पवन कुमार (जनरल फिजिशियन), डॉ. धवन (फिजियोथेरेपिस्ट) तथा स्टाफ सदस्य श्री सतेन्द्र कुमार, कु. रिया और श्रीमती नीलम शामिल रहे। सभी ने समर्पण भाव से प्रतिभागियों की जांच कर उचित परामर्श प्रदान किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे शिविर समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने सभी से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के संतुलन पर ध्यान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर उपप्राचार्या, आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. रश्मि गुप्ता ने सभी सहयोगियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के समग्र विकास में अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।