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“प्रारब्ध 2026” : फेयरवेल नहीं, ‘फ्यूचर लॉन्च पैड’ बना GNIOT का भव्य समारोह


    मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में आयोजित “प्रारब्ध 2026” ने पारंपरिक विदाई समारोह की परिभाषा को नए सिरे से गढ़ दिया। यह आयोजन केवल बीते दो वर्षों की यादों को समेटने का अवसर नहीं था, बल्कि यह उन सपनों, संघर्षों और सफलताओं का उत्सव बना, जो अब कॉर्पोरेट दुनिया में कदम रखने जा रहे युवा मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स के साथ आगे बढ़ेंगे।
पीजीडीएम बैच 2024–26 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस भव्य समारोह की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यहां ‘विदाई’ की भावनाओं के साथ-साथ ‘उपलब्धि’ और ‘आत्मविश्वास’ का उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। लगभग शत-प्रतिशत प्लेसमेंट की उपलब्धि ने इस आयोजन को एक नई ऊंचाई दी, जिससे यह फेयरवेल एक “करियर सेलिब्रेशन नाइट” में तब्दील हो गया।
जब परंपरा और प्रोफेशनलिज्म का हुआ संगम
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जो ज्ञान और नई शुरुआत का प्रतीक है। इसके बाद अतिथियों का स्वागत सम्मान के साथ किया गया। मंच पर मौजूद संस्थान का शीर्ष नेतृत्व इस बात का संकेत था कि यह समारोह केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि संस्थान की शैक्षणिक और पेशेवर प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब भी है।
चेयरमैन डॉ. राजेश कुमार गुप्ता और वाइस चेयरमैन गौरव गुप्ता की उपस्थिति ने छात्रों का उत्साह बढ़ाया, वहीं निदेशक डॉ. भूपेंद्र कुमार सोम ने अपने संबोधन में छात्रों की मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज का मैनेजमेंट प्रोफेशनल बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में केवल ज्ञान नहीं, बल्कि अनुकूलन क्षमता और नेतृत्व कौशल के बल पर अपनी पहचान बनाता है।
प्लेसमेंट नहीं, ‘पावरफुल करियर स्टार्ट’ का भरोसा
सीईओ स्वदेश कुमार सिंह का संबोधन इस कार्यक्रम का केंद्रीय बिंदु साबित हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान का उद्देश्य केवल छात्रों को नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें दीर्घकालिक करियर के लिए तैयार करना है।
उन्होंने बताया कि इस बैच के विद्यार्थियों को लगभग 100% प्लेसमेंट ऑफर प्राप्त हुए हैं, जिनमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा कि संस्थान में नियमित कॉर्पोरेट ट्रेनिंग, इंडस्ट्री इंटरफेस, लाइव प्रोजेक्ट्स और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को वास्तविक कार्यस्थल के लिए तैयार किया जाता है। यही कारण है कि यहां के विद्यार्थी इंटरव्यू में केवल भाग नहीं लेते, बल्कि प्रभाव छोड़ते हैं।
जब मंच पर दिखा टैलेंट, आत्मविश्वास और पहचान
“प्रारब्ध 2026” की शाम केवल औपचारिक भाषणों तक सीमित नहीं रही। विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी बहुआयामी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। हर प्रस्तुति में ऊर्जा, रचनात्मकता और टीमवर्क की झलक साफ नजर आई।
कार्यक्रम का सबसे बहुप्रतीक्षित हिस्सा रैम्प वॉक रहा, जहां छात्रों ने अपने आत्मविश्वास, स्टाइल और व्यक्तित्व का शानदार प्रदर्शन किया। यह सिर्फ फैशन शो नहीं, बल्कि उनके अंदर विकसित हो चुके प्रोफेशनल प्रेजेंस का प्रतीक था।
पुरस्कार विजेता रहे:
मिस्टर मैजेस्टिक – दिव्यांशु
मिस दीवा – अनुष्का शर्मा
मिस्टर शोस्टॉपर – हेमंत केसरी
मिस शोस्टॉपर – आयुषी देओपा
मिस्टर फेयरवेल – यश सिंह
मिस फेयरवेल – अपूर्वा अग्रवाल
मिस्टर जीआईएमएस – कमल गुप्ता
मिस जीआईएमएस – मोहिनी राठौर
संगीत ने बढ़ाया जश्न का तापमान
प्रसिद्ध गायक राउल की लाइव परफॉर्मेंस ने पूरे माहौल को रोमांचक बना दिया। उनके गीतों पर छात्रों ने जमकर डांस किया और इस खास शाम को पूरी तरह जी लिया। यह पल केवल मनोरंजन का नहीं, बल्कि दो वर्षों के सफर की सफलता को सेलिब्रेट करने का था।
भावनाएं भी, विजन भी
जहां एक ओर छात्रों के चेहरों पर खुशी और उपलब्धि की चमक थी, वहीं विदाई की हल्की भावुकता भी माहौल में घुली रही। दोस्तों, शिक्षकों और कैंपस के साथ बिताए पलों की यादें इस शाम को और खास बना रही थीं।
कार्यक्रम का समापन कार्यकारी निदेशक डॉ. रुचि रायत द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के योगदान को सराहा।
GNIOT का संदेश: डिग्री से आगे की सोच
“प्रारब्ध 2026” ने यह स्पष्ट कर दिया कि GNIOT केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी, कॉन्फिडेंट और फ्यूचर-फोकस्ड प्रोफेशनल बनाता है।
यह फेयरवेल इस बात का प्रतीक बन गया कि आज के शिक्षा संस्थान केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे छात्रों के सपनों को आकार देने, उन्हें दिशा देने और उन्हें वैश्विक मंच के लिए तैयार करने का काम भी कर रहे हैं।