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ननवा का राजपुर में ग्रेनो प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, 20 हजार वर्ग मीटर जमीन से हटाया अतिक्रमण



— अवैध निर्माण पर चला बुल्डोजर, करीब 40 करोड़ रुपये की जमीन कराई मुक्त
— बिना अनुमति निर्माण करने वालों को सख्त चेतावनी, आमजन से सतर्क रहने की अपील

📍 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अवैध कब्जों और अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार को ननवा का राजपुर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 20 हजार वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस दौरान अवैध रूप से किए गए निर्माण को बुल्डोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। प्राधिकरण के अनुसार, मुक्त कराई गई भूमि की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये है।

यह कार्रवाई प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के स्पष्ट निर्देशों के तहत की गई, जिसमें भूलेख विभाग और परियोजना विभाग की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से अभियान को अंजाम दिया। कार्रवाई से पहले क्षेत्र का सर्वेक्षण किया गया था और अवैध निर्माण की पुष्टि होने के बाद विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए ध्वस्तीकरण किया गया।

जानकारी के मुताबिक, ननवा का राजपुर के खसरा नंबर 156 व आसपास की जमीन पर कुछ कालोनाइजर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर लोगों को गुमराह कर भूखंड बेचने की तैयारी में थे। इस प्रकार की गतिविधियों से न केवल प्राधिकरण की योजनाओं को नुकसान पहुंचता है, बल्कि आम नागरिकों की मेहनत की कमाई भी जोखिम में पड़ जाती है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या बिना नक्शा स्वीकृत कराए किसी भी प्रकार का निर्माण पूर्णतः अवैध है। ऐसे मामलों में प्राधिकरण जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई कर रहा है और आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध कॉलोनियां विकसित करने वाले तथा इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एसीईओ ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से भूमि की स्थिति, स्वामित्व और वैधता की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। बिना जांच-पड़ताल के अवैध कॉलोनियों में निवेश करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

प्राधिकरण के महाप्रबंधक ए.के. सिंह ने बताया कि संबंधित भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं, जिसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण शहर के सुनियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस अभियान का नेतृत्व भूलेख विभाग के ओएसडी रामनयन सिंह ने किया। उनके साथ वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह, अन्य अधिकारी एवं प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की गई, जिससे पूरे अभियान को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।

करीब दो घंटे तक चले इस ध्वस्तीकरण अभियान में अवैध रूप से बनाई गई बाउंड्रीवाल, अस्थायी ढांचे और प्लॉटिंग से जुड़े निर्माण को पूरी तरह हटाया गया। अधिकारियों ने मौके पर ही संबंधित लोगों को चेतावनी दी कि यदि दोबारा अतिक्रमण या निर्माण का प्रयास किया गया तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एफआईआर दर्ज कराना भी शामिल है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान न केवल अवैध निर्माण पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि शहर को व्यवस्थित, सुरक्षित और योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी, ताकि अवैध कॉलोनियों और भू-माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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