BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

जिम्स ईएमटीसी में न्यायशास्त्र के बदलते आयामों पर मंथन

📰 Vision Live   / ग्रेटर नोएडा
जिम्स इंजीनियरिंग मैनेजमेंट टेक्निकल कैंपस (JEMTC), ग्रेटर नोएडा के विधि विभाग द्वारा “न्यायशास्त्र – आवश्यकता, उद्भव एवं परिवर्तित होते आयाम” विषय पर एक प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक ऑनलाइन अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मूट कोर्ट हॉल में प्रातः 10:00 बजे से प्रारंभ हुआ, जिसमें विधि विभाग के विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता के रूप में कैंपस लॉ सेंटर, विधि संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठित शिक्षाविद् डॉ. सीमा सिंह ने अपने गहन एवं सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने न्यायशास्त्र की आवश्यकता, उसकी ऐतिहासिक उत्पत्ति तथा समय के साथ उसके बदलते स्वरूप और व्यापक आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अपने व्याख्यान में उन्होंने प्राकृतिक न्याय, विधिक प्रत्यक्षवाद, समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण एवं समकालीन न्यायिक चिंतन की अवधारणाओं को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। उन्होंने कहा कि न्यायशास्त्र केवल विधि का सैद्धांतिक अध्ययन नहीं, बल्कि समाज में न्याय की स्थापना और विधिक व्यवस्था को दिशा प्रदान करने वाला बौद्धिक आधार है। विद्यार्थियों ने उनके व्याख्यान से विषय की गहराई को समझने का अवसर प्राप्त किया।
इस अवसर पर संस्थान के माननीय अध्यक्ष डॉ. अमित गुप्ता के दूरदर्शी नेतृत्व एवं अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का विशेष उल्लेख किया गया। उनके सतत मार्गदर्शन में संस्थान में उच्च स्तरीय शैक्षणिक एवं बौद्धिक कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किया जाता है।
कार्यक्रम को संरक्षक के रूप में प्रो. (डॉ.) सचिन यादव, निदेशक, जिम्स ईएमटीसी तथा प्रो. (डॉ.) पल्लवी गुप्ता, विभागाध्यक्ष, विधि विभाग का पूर्ण संरक्षण एवं सहयोग प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. मोहम्मद कैफ़, सहायक प्राध्यापक, विधि विभाग रहे। उनके कुशल समन्वय एवं सुव्यवस्थित आयोजन से यह व्याख्यान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
अंत में विधि विभाग की ओर से मुख्य वक्ता सहित सभी माननीय अतिथियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक एवं शोधपरक कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई गई, जिससे विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं व्यावसायिक विकास को नई दिशा मिल सके।