BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

महाशिवरात्रि महापर्व पर बिसरख धाम में उमड़ा आस्था का सागर

🔴 Vision Live News | विशेष रिपोर्ट
🕉️ महाशिवरात्रि महापर्व पर बिसरख धाम में उमड़ा आस्था का सागर
हजारों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक व रुद्राभिषेक, गूंजा “ॐ नमः शिवाय”
📍मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" बिसरख धाम, गौतमबुद्धनगर
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बिसरख धाम स्थित दिव्य विशेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रातः काल से ही हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक के लिए मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। पूरा वातावरण हर-हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, पंचामृत, बेलपत्र एवं पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया और परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
🔱 रुद्राभिषेक का महत्व और आध्यात्मिक प्रभाव
इस अवसर पर महामण्डलेश्वर आचार्य अशोकानंद जी महाराज, पीठाधीश्वर बिसरख धाम ने रुद्राभिषेक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भगवान शिव का रुद्र रूप समस्त बुराइयों, पापों और अत्याचारों के विनाश का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि रुद्राभिषेक केवल एक पूजा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन की बाधाओं को दूर करने का सशक्त वैदिक अनुष्ठान है। शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव के 108 नामों के जाप एवं रुद्र मंत्रों के उच्चारण से मानसिक, आध्यात्मिक और भौतिक शांति प्राप्त होती है।
आचार्य जी ने बताया कि रामायण में भी वर्णन मिलता है कि भगवान श्रीराम ने लंका विजय से पूर्व रामेश्वरम में रुद्राभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया था। इससे स्पष्ट होता है कि यह पूजा विजय, साहस और सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है।
🌿 विधि-विधान से सम्पन्न हुआ रुद्राभिषेक
पूजा के दौरान पवित्र कलशों में जल भरकर गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिंधु एवं कावेरी आदि नदियों का आह्वान किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार एवं रुद्र चामक के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया गया।
रुद्राभिषेक विशेष रूप से श्रावण मास, कार्तिक मास, सोमवार तथा महाशिवरात्रि जैसे पावन दिनों में अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस अनुष्ठान से रोग, दोष, ग्रह बाधा और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है तथा परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और एकता का वास होता है।
🕉️ प्रयुक्त पूजन सामग्री
रुद्राभिषेक में दूध, गंगाजल, शहद, दही, गन्ने का रस, चंदन, बेलपत्र, काले तिल, विभिन्न अनाज एवं पुष्प आदि पवित्र सामग्री का उपयोग किया गया। भक्तों ने श्रद्धा एवं आस्था के साथ शिवलिंग का अभिषेक कर जीवन में मंगलकामनाएँ कीं।
🙏 देशवासियों को शुभकामनाएँ
महामण्डलेश्वर आचार्य अशोकानंद जी महाराज ने समस्त देशवासियों को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भगवान शिव की कृपा सभी पर बनी रहे और राष्ट्र में शांति, सद्भाव एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रसार हो।
इस अवसर पर अनेक गणमान्य व्यक्तियों एवं श्रद्धालुओं ने भी भगवान शिव का अभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया।