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चैंपियन चैलेंज 2026”: खेल के मैदान से तैयार हो रही नई पीढ़ी की लीडरशिप

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📰 “चैंपियन चैलेंज 2026”: खेल के मैदान से तैयार हो रही नई पीढ़ी की लीडरशिप
    ✍️ मौहम्मद इल्यास “दनकौरी”/ ग्रेटर नोएडा
 ग्रेटर नोएडा के स्वर्ण नगरी स्थित जी डी गोयंका पब्लिक स्कूल का वार्षिक खेल दिवस इस वर्ष केवल एक परंपरागत आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा और खेल के समन्वय का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। ‘चैंपियन चैलेंज 2026’ थीम के साथ आयोजित इस भव्य खेल महोत्सव ने यह सिद्ध किया कि विद्यालय केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
🏅 खेल के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण का संदेश
इस वर्ष आयोजन का विशेष एंगल रहा — “स्पोर्ट्स एज अ टूल फॉर लीडरशिप एंड लाइफ स्किल्स”। विद्यालय ने खेल को केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि जीवन कौशल विकसित करने का माध्यम बताया। अनुशासन, समय प्रबंधन, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, धैर्य और सकारात्मक सोच — इन सभी गुणों को खेल गतिविधियों के माध्यम से सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया।
🎖 मुख्य अतिथि का प्रेरक संबोधन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ० सान्या शर्मा (संस्थापक एवं निदेशक, एआईएस लर्निंग यूके एवं एएआईएस स्क्वायर सॉल्यूशंस भारत) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के वैश्विक दौर में खेल मानसिक दृढ़ता और रणनीतिक सोच विकसित करने का सर्वोत्तम माध्यम है।
उन्होंने कहा कि खेल हमें हार को स्वीकार कर पुनः प्रयास करने की प्रेरणा देते हैं — और यही गुण जीवन में सफलता का आधार बनता है। उन्होंने विद्यालय की खेल सुविधाओं, आयोजन की सुव्यवस्था तथा विद्यार्थियों के आत्मविश्वास की सराहना की।
🎤 प्रधानाचार्या का मार्गदर्शन
प्रधानाचार्या डॉ. रेनू सहगल ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि शिक्षा और खेल एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणामों में उत्कृष्टता नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है जो मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त हों।
उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि जीत और हार दोनों ही जीवन के अनुभव हैं, लेकिन खेल भावना और अनुशासन सबसे बड़ी उपलब्धि है।
🎉 रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक नृत्य एवं मार्च पास्ट से हुआ। हाउस कैप्टन्स के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च पास्ट प्रस्तुत कर खेल भावना और एकजुटता का संदेश दिया। विद्यालय परिसर तालियों और उत्साह से गूंज उठा।
👶 नन्हे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास
प्री-नर्सरी से कक्षा दो तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से आयु-उपयुक्त खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। बैलेंस रेस, हर्डल रेस और फन गेम्स में नन्हे बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छोटे-छोटे कदमों से दौड़ते इन विद्यार्थियों ने यह साबित किया कि आत्मविश्वास की नींव प्रारंभिक शिक्षा से ही रखी जाती है।
विविध खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन
खेल दिवस के अंतर्गत बास्केटबॉल, फुटबॉल, लॉन टेनिस, लॉन्ग जंप, हाई जंप तथा कैरम जैसी प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया।
बास्केटबॉल और फुटबॉल में टीम समन्वय और रणनीति का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।
लॉन्ग जंप और हाई जंप में विद्यार्थियों ने अपनी शारीरिक क्षमता और अभ्यास का परिचय दिया।
कैरम जैसी इंडोर प्रतियोगिताओं ने एकाग्रता और संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिताओं के दौरान खेल मैदान में जोश, ऊर्जा और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का अद्भुत वातावरण बना रहा।
👨‍👩‍👧 अभिभावकों की भागीदारी बना आकर्षण
कार्यक्रम का एक विशेष और भावनात्मक पहलू रहा — अभिभावकों के लिए आयोजित रेस और खेल गतिविधियां। अभिभावकों ने भी पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। यह दृश्य विद्यालय और परिवार के मजबूत संबंधों का प्रतीक बना।
बच्चों के चेहरे पर अपने माता-पिता को खेलते देख जो खुशी थी, वही इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है।
🏆 सम्मान और उत्साह का समापन
कार्यक्रम के अंत में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। विजेता विद्यार्थियों को मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि एवं प्रधानाचार्या ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि हर सहभागी अपने प्रयास से विजेता है।
📌 निष्कर्ष: खेल से सशक्त भविष्य की ओर
‘चैंपियन चैलेंज 2026’ ने यह स्पष्ट कर दिया कि जी डी गोयंका पब्लिक स्कूल शिक्षा के साथ-साथ खेल संस्कृति को भी समान महत्व देता है। यह आयोजन केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व और जीवन कौशल विकसित करने की दीर्घकालिक सोच का प्रतीक है।
खेल के मैदान में पसीना बहाते ये बच्चे आने वाले कल के आत्मनिर्भर, सशक्त और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में अग्रसर दिखाई दिए।