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श्री द्रोणाचार्य पीजी कॉलेज के बाहर जाम नाले से फैली गंदगी, 1500 छात्रों की सेहत पर मंडराया खतरा

🔴 स्पेशल न्यूज़ स्टोरी:  श्री द्रोणाचार्य पीजी कॉलेज के बाहर जाम नाले से फैली गंदगी, 1500 छात्रों की सेहत पर मंडराया खतरा
   मौहम्मद इल्यास-"दनकौरी" / गौतमबुद्धनगर
दनकौर कस्बे के मुख्य मार्ग पर स्थित श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज के बाहर जाम नाले की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार विगत कई सप्ताह से नाला अवरुद्ध होने के कारण गंदा पानी सड़क और कॉलेज परिसर में भर रहा है, जिससे दुर्गंध फैल रही है और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
करीब 1500 छात्र-छात्राओं वाले इस प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान के सामने उत्पन्न यह स्थिति न केवल विद्यार्थियों, बल्कि स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए भी परेशानी का कारण बन गई है। कॉलेज दनकौर-परी चौक एवं यमुना एक्सप्रेस-वे को जोड़ने वाले व्यस्त मार्ग पर स्थित है, जहां प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है।
🚨 कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुआ समाधान
कॉलेज प्रबंधन ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में बताया है कि नगर पंचायत दनकौर को इस समस्या के संबंध में मौखिक एवं लिखित रूप से कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक न तो नाले की सफाई कराई गई है और न ही कोई स्थायी समाधान निकाला गया है।
कॉलेज के प्रबंधक रजनीकांत अग्रवाल द्वारा जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर को प्रेषित पत्र में शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की गई है, ताकि नगर पंचायत को निर्देशित कर तत्काल नाले की सफाई कराई जा सके और छात्रों को गंदगी से निजात मिल सके।
🏫 शिक्षा बनाम अव्यवस्था
श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, जिसकी स्थापना वर्ष 1997 में हुई थी और जो सीसीएस विश्वविद्यालय, मेरठ से संबद्ध है, बी.ए., बी.कॉम., बी.एससी., बी.बी.ए., बी.सी.ए., बी.एड., एम.ए. एवं एम.कॉम जैसे विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित करता है। ऐसे प्रतिष्ठित संस्थान के बाहर सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।
छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि यदि जल्द सफाई नहीं कराई गई तो संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
📌 प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
कॉलेज प्रशासन ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि नगर पंचायत दनकौर को आवश्यक निर्देश जारी कर तत्काल नाले की सफाई सुनिश्चित कराई जाए। इस पत्र की प्रतिलिपि उपजिलाधिकारी सदर, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत दनकौर, नगर पंचायत अध्यक्षा एवं मीडिया को भी भेजी गई है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या पर कितनी शीघ्रता से संज्ञान लेता है और विद्यार्थियों को राहत मिल पाती है या नहीं।