BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

EXCLUSIVE | जब सड़क मंत्री और शिक्षक प्रतिनिधि मिले: शिक्षा से इंफ्रास्ट्रक्चर तक भारत के भविष्य की ब्लूप्रिंट तैयार

         मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ नई दिल्ली / ग्रेटर नोएडा 
देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की पहचान बन चुके केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शिक्षा जगत के सशक्त प्रतिनिधि स्वदेश कुमार सिंह के बीच हुई हालिया मुलाक़ात अब सिर्फ शिष्टाचार भेंट नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे भविष्य के भारत की रणनीति पर हुई गंभीर बातचीत के रूप में देखा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के तकनीकी संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष और ग्रेटर नोएडा स्थित जीएनआईओटी इंस्टीट्यूशंस ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के CEO स्वदेश कुमार सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री से उनके आवास पर भेंट कर शिक्षा, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर के संगम पर विस्तृत चर्चा की।
क्लासरूम से कंस्ट्रक्शन साइट तक स्किल इंडिया का नया मॉडल
सूत्रों के अनुसार, बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आने वाले वर्षों में भारत के मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए कौशलयुक्त तकनीकी मानव संसाधन कैसे तैयार किया जाए। चर्चा के दौरान शिक्षा संस्थानों को रिसर्च, इनोवेशन और इंडस्ट्री-लिंक्ड ट्रेनिंग हब के रूप में विकसित करने का रोडमैप सामने आया।
गडकरी का स्पष्ट संदेश: डिग्री नहीं, दक्षता चाहिए
माननीय नितिन गडकरी ने कहा कि अब समय आ गया है जब शिक्षा व्यवस्था डिग्री आधारित मॉडल से स्किल आधारित मॉडल की ओर शिफ्ट हो। उन्होंने तकनीकी संस्थानों से आह्वान किया कि वे छात्रों को वास्तविक प्रोजेक्ट्स, फील्ड एक्सपोजर और स्टार्टअप कल्चर से जोड़ें, ताकि युवा सीधे राष्ट्रनिर्माण की प्रक्रिया में भागीदार बन सकें।
शिक्षा जगत की भूमिका पर स्वदेश सिंह का फोकस
श्री स्वदेश कुमार सिंह ने मंत्री के समक्ष यह सुझाव रखा कि हाईवे, ब्रिज, लॉजिस्टिक्स और स्मार्ट मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में शिक्षा संस्थानों को रिसर्च पार्टनर बनाया जाए। इससे छात्रों को लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर मिलेगा और देश को व्यावहारिक समाधान।
नई शिक्षा–इंफ्रास्ट्रक्चर साझेदारी की आहट
जानकारों के मुताबिक यह मुलाक़ात आने वाले समय में शिक्षा संस्थानों और केंद्रीय मंत्रालयों के बीच सहयोग के नए अध्याय की भूमिका बन सकती है। खासकर उत्तर प्रदेश जैसे राज्य, जहाँ इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा दोनों तेज़ी से बढ़ रहे हैं, वहाँ इसका सीधा लाभ देखने को मिलेगा।
"विजन लाइव" का विश्लेषण
यह मुलाक़ात संकेत देती है कि भारत का अगला विकास चरण केवल कंक्रीट और स्टील का नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल और तकनीक से संचालित होगा। गडकरी–स्वदेश संवाद उसी बदलाव की झलक है, जहाँ शिक्षा अब राष्ट्रनिर्माण का सबसे मजबूत एक्सप्रेसवे बनती जा रही है।