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“नॉर्थ इंडिया में AI Summit आयोजित करने का अवसर सिर्फ गलगोटिया विश्वविद्यालय को—प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय AI मिशन का प्रमुख स्तंभ बना गौतमबुद्धनगर


गलगोटिया विश्वविद्यालय बना भारत के राष्ट्रीय AI विज़न का केंद्र—नॉर्थ इंडिया में AI Summit आयोजित करने का एकमात्र संस्थान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘AI for India, AI for Humanity’ मिशन को गति देने वाला ऐतिहासिक आयोजन


मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ यीडा सिटी 
भारत के भविष्य को आकार देने वाली तकनीकी शक्तियों में सबसे महत्वपूर्ण ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ (AI) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्थापित राष्ट्रीय विज़न को मूर्त रूप देने की दिशा में गलगोटिया विश्वविद्यालय ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा एआईसीटीई की पहल पर आयोजित कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रभाव शिखर सम्मेलन 2025 (AI Impact Summit) की मेजबानी पूरे नॉर्थ इंडिया में केवल गलगोटिया विश्वविद्यालय को मिली—जो स्वयं में एक राष्ट्रीय मान्यता और विश्वास का प्रतीक है।

AI Summit: प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय मिशन का शैक्षणिक केंद्र बना गलगोटिया

यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि भारत “AI-Driven Nation” बनने की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है—और गलगोटिया विश्वविद्यालय इस राष्ट्रीय तकनीकी परिवर्तन का अग्रणी संस्थान बनकर उभर रहा है।
AI Summit प्रधानमंत्री के प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल है, जिसका उद्देश्य भारत को जिम्मेदार, पारदर्शी और मानव-केंद्रित AI विकास का वैश्विक नेता बनाना है।

नॉर्थ इंडिया में एकमात्र चयन: उच्च शिक्षा का नया मानक

AICTE ने इस पूर्व-सम्मेलन संगोष्ठी के आयोजन के लिए पूरे उत्तरी भारत से सिर्फ एक संस्था को चुना—गलगोटिया विश्वविद्यालय
यह चयन दर्शाता है कि विश्वविद्यालय तकनीकी क्षमता, AI अनुसंधान, उद्योग साझेदारियों और राष्ट्रीय विश्वसनीयता के मामले में अग्रणी है।

राष्ट्रीय AI नेतृत्व से जुड़े प्रमुख वक्ता

AICTE के चेयरमैन प्रो. टी.जी. सीताराम ने भारत की AI नीति, मानव-सशक्तिकरण और नैतिक तकनीक की दिशा पर अपना दृष्टिकोण साझा किया।
गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में ऑनलाइन जुड़े IIIT वडोदरा के निदेशक डॉ. धमेंद्र सिंह और AICTE के AI एवं भारतीय ज्ञान प्रणाली निदेशक डॉ. अमित दत्ता ने AI के उद्योग, शिक्षा, रोजगार और नीति निर्माण पर गहन विचार रखे।

Amazon, IBM सहित वैश्विक विशेषज्ञों की भागीदारी

सम्मेलन में Amazon, IBM Consulting और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के विशेषज्ञों ने

  • निर्णय-सहायक प्रणालियों
  • डेटा पारदर्शिता
  • AI आधारित रोजगार
  • उद्योग परिवर्तन
  • तकनीकी जवाबदेही
    पर विस्तृत चर्चा की।

AI नैतिकता और डिजिटल अधिकारों पर सशक्त सत्र

डॉ. अरिप्त भारद्वाज द्वारा संचालित सत्र में आधार, पैन और राष्ट्रीय परियोजनाओं के उदाहरणों से AI की नैतिक चुनौतियों, गोपनीयता और नागरिक अधिकारों के मुद्दों पर चर्चा हुई।

राम मंदिर जैसे राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में AI की भूमिका पर विशेष प्रस्तुति

40 वर्ष लंबे निर्माण कार्य का तकनीकी विश्लेषण दर्शाता है कि राष्ट्रीय परियोजनाओं में AI और डेटा-आधारित निर्णय भविष्य का अनिवार्य आधार बनेंगे।

गलगोटिया नेतृत्व की दृष्टि: भविष्य के लिए तैयार शिक्षा

चांसलर सुनील गलगोटिया ने कहा कि भविष्य मानव बुद्धि और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सम्मिलित उपयोग से तय होगा और विश्वविद्यालय छात्रों को उसी दिशा में कौशल प्रदान कर रहा है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. ध्रुव गलगोटिया के रणनीतिक नेतृत्व ने इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर अत्यंत प्रभावी बनाया।

रिकॉर्ड सहभागिता — 6000+ प्रतिभागी

हाइब्रिड मोड में 6000 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति ने इसे वर्ष 2025 का सबसे बड़ा शैक्षिक AI आयोजन बना दिया।