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गौतमबुद्धनगर में अब तक 123 लंपी वायरस से ग्रसित गायों  के मिलने की खबर- तथाकथित गौ सेवक अभी भी बिलों में ही छिपे हुए हैं, ये तथाकथित गौ सेवक पहले गायों के इर्द गिर्द मंडराते हुए देखे जाते थे और फोटो खिंचवा कर सोशल मीडिया पर भी डालते हुए देखे जा सकते थे

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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के द्वारा एक अस्थाई आइसोलेट गौशाला चूहडपुर गांव में तैयार की गई

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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का दावाः बीमारी से ग्रस्त गायों को लाने के लिए भी एक टीम लगाई गई है, जो सूचना के तुरंत बाद गाय को गौशाला तक लेकर आएगी

मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/ग्रेटर नोएडा

लंपी वायरस धीरे धीरे बडे पैमाने पर फैल रहा है यही कारण है कि गौवंश तडप कर दम तोड रहे हैं। वहीं तथाकथित गौ सेवक अभी भी बिलों में ही छिपे हुए हैं। ये तथाकथित गौ सेवक पहले गायों  के इर्द गिर्द मंडराते हुए देखे जाते थे और फोटो खिंचवा कर सोशल मीडिया पर भी डालते हुए देखे जा सकते थे। राजस्थान के बाद गौतमबुद्धनगर में लंपी वायरस ने दस्तक दे दी है। हर रोज यहां पर गौ माताएं और गौ वंश दम तोड रहे हैं। यह नजारा यहां की खुली सडकों पर भी देखा जा सकता है। हालांकि इस ओर से प्रशासन ने कुछ जरूरी इंताजामात भी किए हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से एक अस्थायी गौशाला स्थापित की है जहां लंपी वायसर से ग्रसित गायों का रखा जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि शहर और कई गांवों में यह बामारी फैल चुकी है। यहां तक की जिले में अब तक 123 लंपी वायरस से ग्रसित गाये मिली हैं। हालांकि पशु चिकित्सा विभाग भी पूरी तरह से अलर्ट है और टीकाकरण अभियान भी शुरू किया गया है। वहीं दूसरी ओर इसको लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के द्वारा एक अस्थाई आइसोलेट गौशाला चूहडपुर गांव में तैयार की गई है। बीमारी से संक्रमित गायों को शेल्टर होम में रखकर इलाज किया जा रहा है, गौशाला में गायों का वैक्सीनेशन और उनके चारे और पानी का पूरा इंतजाम भी किया गया है।

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गौतमबुद्धनगर के नोएडा शहर की बात करें तो नोएडा के सेक्टर 24 थाने के सामने और हरौला सेक्टर 5 में लंपी वायरस से पीड़ित गायों को मिलने के बादे काफी दहशत का माहौल बना गया है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होते ही पुलिस एक्शन में आई और यहां गायों को अस्थाई आश्रय स्थल पर भेज दिया गया है। लगातार यह बीमारी पशुओं को अपनी चपेट में ले रही है, इसको लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने चुहड़पुर में एक बारात घर को अस्थाई आइसोलेट गौशाला के रूप में तब्दील किया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इस अस्थाई आइसोलेट गौशाला में करीब 100 गायों को रखा जा सकता है। उसी हिसाब से इसको तैयार किया गया है। इस गौशाला में टीन शेड लगाई गई है, उसके नीचे आसानी से 100 गाय रह सकती हैं। ज़्यादा बीमार गाय के लिए अलग से टैंट लगाया गया है। इस गौशाला में लंपी वायरस से ग्रस्त गायों को लाया जाएगा। यहां पर डॉक्टरों की 2 टीम तैनात रहेंगी जो उन गायों की देखभाल करेंगे साथ ही यहां पर आई गायों का वैक्सीनेशन भी कराया जा रहा है।

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बीमारी से ग्रस्त गायों को लाने के लिए भी एक टीम लगाई गई है। जो सूचना के तुरंत बाद गाय को गौशाला तक लेकर आएगी। साथ ही गांवों में वैक्सीनेशन कराया जा रहा है। वहीं गौ सेवा का दम भरने वाले तथाकथित गौसवक पूरी तरह से गायब दिखाई दे रहे हैं। यहां गौ माताएं लंपी से ग्रस्त होकर सडकों पर दम तोड रही हैं वहीं तथाकथित गौसेवकों का दूर दूर तक कोई अता पता नही है। जब कि एक समय हुआ करता था कि गौ सेवा को लेकर ये लोग निरंतर दम भरा करते थे। गायों के इर्द गिर्द मंडराते ये लोग पिक लेकर सोशयल मीडिया पर भी पोस्ट किया करते थे। कुछ समय पहले दनकौर में भी एक तथाकथित गौ सेवक ने मृत गाय को

पूरे शहर में घुमाते हुए राजनीतिक लाभ लेने की तक की कोशिश की थी, किंतु अब सब इस ओर से दूरी बनाए हुए हैं।