विजन लाइव/ ग्रेटर नोएडा 
अपने जीवन में उन्नति और प्रगति के मार्ग को प्रशस्त करने हेतु उच्च शिक्षा हेतु आए इन नवागंतुक छात्रों के लिए आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम में जीएनआइओटी प्रबंधन अध्ययन संस्थान ने कॉर्पोरेट जगत से नामी दिग्गजों को आमंत्रित किया ताकि वे इन नवागंतुक छात्रों का उचित मार्गदर्शन करें। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन करके किया गया, तत्पश्चात संस्थान के सह निदेशक प्रोफेसर मयंक कुमार पांडेय जी ने नव प्रवेशित छात्रों उनके अभिभावकों तथा कॉर्पोरेट जगत से आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया और जीएनआईटी प्रबंधन अध्ययन संस्थान द्वारा किए जा रहे सतत प्रयास को साझा किया। उन्होंने इन नव प्रवेशित छात्रों को ये बताया कि कैसे जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना और उस लक्ष्य के प्रति पूर्ण निष्ठा के साथ निरंतरता से लगे रहने से ही लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है। संस्थान के चेयरमैन श्री राजेश गुप्ता जी ने आए हुए अभिभावकों और नवागंतुक छात्रों का स्वागत किया एवं बताया कि कैसे जीएनआइओटी प्रबंधन अध्ययन संस्थान निरंतर पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ लगा हुआ है ताकि वह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नया स्थान स्थापित कर सके। इस दौरान संस्थान के सीईओ स्वदेश कुमार सिंह ने स्वागत करते हुए छात्रों का उत्साहवर्धन किया आर नई ऊर्जा के साथ भविष्य निर्माण के लिए प्रेरित किया। इस सत्र के मुख्य वक्ता प्रदीप मुल्तानी, प्रेसिडेंट पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री रहे उन्होंने छात्रों के उद्बोधन के दौरान अपने जीवन के छः सूत्रों को साझा किया ,जिसमे सतत प्रयास करना निरंतर प्रयास और लगन के साथ लगे रहना सुनने की क्षमता को और बढ़ाना ताकि एक श्रोता ही एक उक्त वक्ता और एक सुदृढ़ व्यक्तित्व का निर्माण कर सकता है इस बात पर बल दिया। उन्होंने शिक्षा की महत्ता के बारे में बात करते हुए बताया कि शिक्षा मस्तिष्क की ट्रेनिंग करने का एक सतत प्रयास है। दूसरे वक्ता श्रीमान वरिंदर सिंह जी जो कि चीफ मैनेजर ह्यूमन रिसोर्स फोर्टम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत हैं उन्होंने विद्यार्थियों से आशा और अपेक्षाओं से आगे बढ़ते हुए मानव जीवन के मूल मंत्रों तथा कॉर्पोरेट जगत में अपनी अलग स्थान बनाने हेतु कार्य करने पर ज़ोर दिया।तीसरे वक्ता श्रीमान सुमन शाह जी ग्रुप एच आर इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स असोसिएशन थे उन्होंने अपने उद्बोधन में अपने पिछले दो दशकों के अनुभव को साझा किया । अपने उद्बोधन में इस बात को स्थापित करने का प्रयास किया कि कैसे एक लक्ष्य और लक्ष्य के प्रति पूर्ण ईमानदारी के साथ लगे रहने से उस लक्ष्य की प्रतिपूर्ति की जा सकती है। इस आयोजन में सेलिब्रिटी स्पीकर रही भारत के गौरव बढ़ाने वाली नीदरलैंड में भारत के ध्वज का परचम फैला स्वर्ण पदक लाने वाली श्रीमती बबीता नागर भारतीय रेसलर एवं गोल्ड मेडलिस्ट थी उन्होंने अपने संबोधन में छात्रों को कैसे विषमताओं को जीतकर सफलता के प्रति अपने मन मस्तिष्क में अंदर हमेशा आशा को जागृत रखना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर यह कहा की कैसे एक विद्यार्थी अपने निरंतर प्रयास के माध्यम से जो भी वह चाहता है उस लक्ष्य को पूर्ण रूप से निर्धारित कर सकता है और हासिल भी कर सकता है। उन्होंने अपना जीवन परिचय देते हुए यह भी बताया कि आज जिन सफलता का स्वाद चख रही है वह उन्हें यूं ही प्राप्त नहीं हुई है उसके लिए जो उन्होंने प्रयास किए है, मेहनत की है, संघर्ष किया है और विषमताओं को जीता है शायद उसी का प्रतिफल है कि आज वह इस तरीके की सफलता का स्वाद और उन्होंने गौरव पूरे राष्ट्र तक पहुंचाया है ।प्रथम सत्र के समापन के अवसर पर डीन पीजीपी डॉ रूचि रायत ने आए हुए अतिथियों का धन्यवाद प्रेषित किया तथा कैसे एक सफल व्यक्ति के निर्माण हेतु विचार और उन विचारों को व्यक्तित्व में आत्मसात करने के लिए प्रयास को बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर निशांत सिंह एवं प्रोफेसर सिल्की गौर द्वारा किया गया। संस्थान के चेयरमैन राजेश गुप्ता ने विश्व एवं पूरे देश का तथा जिले का मान बढ़ाने वाली श्रीमती बबीता नागर का सम्मान करते हुए 51,000 की सम्मान राशि प्रदान की। इस अवसर पर संस्थान के हेड आउटरी रंजन रघुवंशी डीन पीजीपी डॉ रुचि राहत,डीन स्टूडेंट वेल्फेयर एंड आउटरीच डॉक्टर शालिनी शर्मा एवं अन्य प्रोफेसर उपस्थित रहे।