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कासना नहर तिराहे से यमुना एक्सप्रेस-वे की ओर जाने वाले लिंक रोड पर कभी भी कोई बडा हो सकता है, हादसा

लिंक रोड धंस रही है और गहरे गड्ढे हो रहे हैं तो मरम्मत करा कर फिर गड्ढा मुक्त कराया जाएगाः एसीईओ अमनदीप डुली

 

मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/ग्रेटर नोएडा

सीएम योगी दूसरे कार्यकाल उत्तर प्रदेश की सडकों के गड्ढा मुक्त किए जाने का दावा चाहे जितना कर रहे हो मगर यह हाईटेक सिटी ग्रेटर नोएडा में ही 100 फीसदी सही साबित नही हो रहा है। ग्रेटर नोएडा की ज्यादातर सडकें यहां की पहचान है मगर कासना नहर तिराहे से सेक्टर चाई फाई और यमुना एक्सप्रेस-वे की ओर जाने वाला लिंक रोड न केवल गहरे गड्डों में तब्दील होता रहा है बल्कि कई स्थान तो ऐसे भी हैं, जहां रोड धंसनी ही शुरू हो गई। कासना नहर तिराहे से यमुना एक्सप्रेस-वे की ओर जाने वाले इस लिंक रोड पर कभी भी कोई बडा हादसा हो सकता हैं। कासना में नहर तिराहे से एटीएस सोसायटी, सेक्टर चाई फाई की ओर से लिंक रोड यमुना एक्सप्रेस-वे की ओर जाकर गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी की ओर जाने वाले रोड में मिल जाता है। 

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गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी की ओर से यह रोड दनकौर, रबूपुरा और जेवर की ओर तक पूरे यमुना सिटी को भी जोडता है, यही कारण है कि लिंक रोड पर भारी वाहनों से लेकर सभी प्रकार के वाहनों का काफी लोड है। ग्रेटर नोएडा सिटी में रोडवेज बस अड्डा सिगमा सेक्टर के पास है। बस अड्डा से जिले के ग्रामीण क्षेत्र दनकौर, रबूपुरा और जेवर की ओर आवागन के लिए भी यह एक मैन रोड है। बताया गया है कि हाल में रोड के डबल वे पर तारकोल से गड्डा मुक्त किया था। कासना की ओर से लिंक रोड के लेफ्ट हैंड -वे पर न केवल जगह जगह गहरे गड्ढे बनते जा रहे हैं बल्कि कई जगह पर ये रोड धंसनी भी शुरू हो गई है। लिंक रोड के धंसने के निशान साफ साफ दिखाई दे रहे हैं। लिंक रोड के लेफ्ट हैंड -वे लेफ्ट में नहर का डूब क्षेत्र है। लिंक रोड के किनारे पर भी जगह जगह धंसने के गहरे गड्ढे बने हुए हैं। यही नही बीच लिंक रोड में भी धंसने से गहरे गड्ढे देखे जा सकते हैं। लिंक रोड जैसे जैसे गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी और यमुना सिटी के प्रवेश द्वार तक जाता है,गड्ढे ही मिलेंगे। ’’विजन लाइव’’ डिजिटल मीडिया ने घूमते हुए आईना कार्यक्रम के तहत इन गहरे गड्ढों को कैमरें में कैद करते हुए ’’कासना नहर तिराहे से यमुना एक्सप्रेस-वे की ओर जाने वाला लिंक रोड के धंसा’’ शीर्षक से गत 10 जून-2022 को खबर प्रकाशित प्रासरित करते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का ध्यान आकर्षित किया। उस समय खबर के फैलते ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हरकत में आया। कर्मचारी आए और लिंक रोड के बिल्कुल बीचो बीच में हो रहे गहरे गड्ढों को बजरी और मलुवे से ढंकते हुए जादूगरी दिखा कर चलते बने। मानसून पूर्व हुई बारिश से यह बजरी और मलुवा की जादूगरी भी जाती रही। वहीं दूसरी ओर लिंक रोड के धसने का सिलसिला अभी भी लगातार जारी है। 


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लिंक रोड के बिल्कुंल बीचो बीच और साथ ही किनारों पर भी गहरे गड्ढें बढते ही जा रही है। यह हाल तो अभी है जब मानसून के आने के लिए लोग तरसे जा रहे हैं, कल को जब मानसून बरशेगा तो ऐसा ही लगता है कि लिंक रोड पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर जमीन में मिल जाएगा। इससे हाईटेक सिटी ग्रेटर नोएडा के विकास की बदरंग होती हुई तस्वीर सामने आती गईं। चूंकि इस लिंक रोड पर भारी वाहनों का भी जबरदस्त दवाब है और वहीं दूसरी ओर जिले का ग्रामीण क्षेत्र तथा गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी भी है। इसके साथ ही यमुना सिटी में स्पोर्ट सिटी, गलगोटिया यूनिवर्सिटी, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी भी हैं, जहां फैकल्टी स्टाफ और स्टूडैंटों का आवामन भी होता है। वीवो जैसी कई कंपनियां भी हैं, इन कपंनियों में स्टॉफ को लेकर भी बसें इसी लिंक रोड से गुजरती हैं। लिंक रोड के धंसने और गहरो गड्ढों से कभी भी कोई भी बडा हादसा हो सकता है। 

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उधर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यापालक अधिकारी अमनदीप डुली का कहना है कि यदि लिंक रोड धंस रही है और गहरे गड्ढे हो रहे हैं तो मरम्मत करा कर फिर गड्ढा मुक्त कराया जाएगा। गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी से यमुना सिटी के प्रवेश द्वार तक रोड का टैंडर जल्द ही होने वाला है, इस पूरे रोड की जल्द की कायापलट की जाएगी।