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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ की ओर से विभिन्न विभागों के शिक्षक प्रोफेसर शैलेन्द्र सिंह गौरव - डीन कृषि; डॉ सचिन कुमार - जेनेटिक्स एवं प्लांट ब्रिडिंग; डॉ. येश्वेंद्रा वर्मा - विष विज्ञान; डॉ. नज़िया तरन्नुम - रसायन विज्ञान; डॉ. लक्ष्मण नागर ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

 

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विजन लाइव/ चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ

जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बिराक) एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से बायोटेक स्टार्टअप एक्सपो 2022 का दिनांक 09 जून 2022 को आयोजन राजधानी नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में किया गया। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ की ओर से विभिन्न विभागों के शिक्षक प्रोफेसर शैलेन्द्र सिंह गौरव - डीन कृषि; डॉ सचिन कुमार - जेनेटिक्स एवं प्लांट ब्रिडिंग; डॉ. येश्वेंद्रा वर्मा - विष विज्ञान; डॉ. नज़िया तरन्नुम - रसायन विज्ञान; डॉ. लक्ष्मण नागर ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। परिषद की स्थापना के 10 साल पूरा होने के अवसर पर इस एक्सपो का आयोजन किया गया। बायोटेक स्टार्टअप एक्सपो का थीम बायोटेक स्टार्टअप नवोन्मेष: आत्मनिर्भर भारत की ओररखा गया है। कार्यक्रम का उद्द्घाटन पीएम नरेन्द्र मोदी ने किया, तत्पश्चात् उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि गुजरे 8 सालों में पूरे देश में स्टार्ट-अप्स की संख्या, कुछ सौ से बढ़कर 70 हजार तक पहुंच गई है, ये 70 हजार स्टार्ट-अप्स लगभग 60 अलग-अलग इंडस्ट्रीज में बनकर आगे बढ़ रहे हैं, इसमें भी 5 हजार से अधिक स्टार्ट अप्स, बायोटेक से जुड़े हुए हैं। उद्घाटन समारोह के पश्चात सभी ने एक्स्पो में लगे स्टॉलस का भ्रमण कर देश के कोने कोने से आये स्टार्टप प्राजेक्ट्स के बारे में जानकारी प्राप्त की। एक्स्पो में स्वास्थ्य देखभाल, कृषि, औद्योगिक जैव प्रौद्योगिकी, जिनोमिक्स, बायोफार्मा, स्वच्छ ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में जैव प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्रदर्शित किया गया। बायोटेक स्टार्टअप एक्स्पो में प्रतिभागिता हेतु नामित किए जाने पर शिक्षकों ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला का आभार प्रकट किया। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के जेनेटिक्स एवं प्लांट ब्रिडिंग विभाग में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉ. सचिन कुमार प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बिराक) द्वारा स्वीकृत प्रोजेक्ट चला रहे है, जिसका उद्देश्य अधिक तापमान को सहन करने वाली गेहूँ की उन्नत प्रजाति विकसित करना है।