विजन लाइव/गौतमबुद्धनगर

गौतमबुद्धनगर के डीएम का सीयूजी नंबर हैक कर लिया गया और करीब सवाल साल बाद एफआईआर दर्ज किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। जब डीएम की ही एफआईआर सवा साल बाद पुलिस द्वारा दर्ज की जा रही है तो आम आदमी की बिसात ही क्या है? यह सवाल भी उठ खडा हुआ है।ै डीएम सुहास एलवाई का पुराना बंद सीयूजी नंबर हैक कर प्रयागराज के डीएम को फोन करने का मामला सामने आया है। इस मामले में नोएडा के सेक्टर.36 साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज करके फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो डीएम सुहास एलवाई का पिछले वर्ष 29 अगस्त 2020 को हैकर ने पुराने सीयूजी नंबर को हैक कर प्रयागराज के तत्कालीन जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर पर फोन किया और कहा कि गौतमबुद्धनगर का डीएम बोल रहा हूं और प्रयागराज के डीएम से बात करना चाहता हूं, लेकिन कुछ देर बाद फोन कट गया। इसके बाद जब प्रयागराज के जिलाधिकारी ने उनसे संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि इस प्रकार का कोई फोन उन्होंने नहीं किया। उन्होंने प्रयागराज के जिलाधिकारी से स्क्रीनशॉट मंगवाया तो उन्होंने उनको स्क्रीनशॉट भेज दिया। जिलाधिकारी सुहास एलवाई के मुताबिक जिस सीयूजी नंबर से प्रयागराज के डीएम को फोन किया गया था वह उनका नंबर पुराना था। अब वह नए सीयूजी नंबर चला रहे हैं। डीएम ने इस मामले की शिकायत 30 अगस्त 2020 को की थी। प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना नोएडा रीता यादव की मानें तो शिकायत मिलने के तुरंत बाद जांच शुरू कर दी गई थी। जांच पूरी होने के बाद एसपी साइबर क्राइम त्रिवेणी सिंह के आदेश पर पिछले महीने 8 नवंबर को इस बावत रिपोर्ट दर्ज की गई है।